अभिनेत्री नोरा फतेही और संजय दत्त का नया गाना 'सरके चुनर तेरी सरके' रिलीज होते ही विवादों के घेरे में आ गया है। आगामी फिल्म 'केडी: द डेविल' के इस प्रमोशनल टीजर को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। दर्शकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गाने के बोलों को अश्लील और द्विअर्थी (डबल मीनिंग) करार दिया है। बादशाह के हालिया विवादित गाने 'टटीरी' के बाद मनोरंजन जगत में यह दूसरा बड़ा मामला है जहां गीतों की भाषा पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
गाने के बोल और फिल्मांकन पर विवाद
पिछले सप्ताह के अंत में रिलीज हुए इस म्यूजिक वीडियो में नोरा फतेही को एक डांस बार के सेटअप में परफॉर्म करते हुए दिखाया गया है। घाघरा-चोली पहने अभिनेत्री पुरुषों की भीड़ के बीच बैकअप डांसर्स के साथ नृत्य कर रही हैं। विवाद का मुख्य केंद्र गाने के हुक स्टेप्स और इसके बोल हैं। शुरुआती पंक्तियों में जिस तरह के शब्दों का चयन किया गया है, उसे लेकर इंटरनेट यूजर्स ने कड़ी आपत्ति जताई है। हालांकि गाने के अगले हिस्से में यह संकेत मिलता है कि ये शब्द किसी नशीले पदार्थ या बोतल के संदर्भ में हैं, लेकिन आलोचकों का तर्क है कि इनका प्रस्तुतीकरण जानबूझकर अश्लील रखा गया है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य की कड़ी प्रतिक्रिया
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने इस गाने के वीडियो और लिरिक्स पर सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए सेंसर बोर्ड और फिल्म निर्माताओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। कानूनगो ने कहा कि इस तरह की सामग्री को किसी भी सभ्य परिवार के साथ बैठकर नहीं देखा जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि NHRC इस मामले में संज्ञान ले रहा है और गाने के निर्माताओं को औपचारिक नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने इसे समाज में अश्लीलता फैलाने का प्रयास बताते हुए सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
सोशल मीडिया पर जनता का आक्रोश और सेंसर बोर्ड की भूमिका
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इस गाने को लेकर व्यापक विरोध देखा जा रहा है। कई यूजर्स ने सेंसर बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) की आलोचना करते हुए सवाल किया है कि ऐसे गीतों को लाइसेंस कैसे मिल जाता है। लोगों का कहना है कि बॉलीवुड और क्षेत्रीय सिनेमा में रचनात्मकता के नाम पर नैतिकता की सीमाओं को लांघा जा रहा है। गीतकार रकीब आलम के लेखन पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने नोरा फतेही और संजय दत्त जैसे बड़े कलाकारों से भी इस तरह के प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बनने पर जवाबदेही की मांग की है।
फिल्म 'केडी: द डेविल' की पृष्ठभूमि और रिलीज
'सरके चुनर तेरी सरके' गाना कन्नड़ पीरियड एक्शन ड्रामा फिल्म 'केडी: द डेविल' का हिस्सा है। इस फिल्म का निर्देशन प्रेम द्वारा किया गया है और इसमें ध्रुव सरजा मुख्य भूमिका में हैं और फिल्म की कहानी 1970 के दशक के बेंगलुरु के अंडरवर्ल्ड पर आधारित है, जो वास्तविक घटनाओं से प्रेरित बताई जा रही है। फिल्म में संजय दत्त के अलावा शिल्पा शेट्टी, वी रविचंद्रन और रमेश अरविंद जैसे दिग्गज कलाकार भी शामिल हैं। यह फिल्म 30 अप्रैल, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए निर्धारित है। विवाद के बावजूद फिल्म की टीम ने फिलहाल लिरिक्स में बदलाव को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
मनोरंजन जगत में अश्लीलता पर बढ़ती बहस
यह विवाद ऐसे समय में आया है जब भारतीय संगीत उद्योग में गीतों की गुणवत्ता और उनमें इस्तेमाल होने वाली भाषा पर पहले से ही बहस छिड़ी हुई है। हाल ही में बादशाह के गाने 'टटीरी' को लेकर भी इसी तरह का विरोध देखा गया था। जानकारों के अनुसार, डिजिटल युग में गानों को वायरल करने के लिए अक्सर विवादित या द्विअर्थी शब्दों का सहारा लिया जाता है, लेकिन 'सरके चुनर तेरी सरके' के मामले में कानूनी हस्तक्षेप की संभावना ने निर्माताओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और अब देखना यह होगा कि क्या फिल्म निर्माता विवादित बोलों को हटाते हैं या कानूनी नोटिस का सामना करते हैं।
