बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए हुए चुनाव के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने इन सभी पांचों सीटों पर शानदार जीत हासिल की है। निर्वाचित होने वाले उम्मीदवारों में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भारतीय जनता पार्टी के नितिन नवीन, शिवेश कुमार, जनता दल यूनाइटेड के राम नाथ ठाकुर और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं। इस चुनाव में विपक्षी महागठबंधन की ओर से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अमरेंद्र धारी सिंह को मैदान में उतारा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। चुनाव परिणामों के अनुसार, एनडीए के पांचवें उम्मीदवार शिवेश कुमार को द्वितीय वरीयता के मतों के आधार पर जीत मिली है।
निर्वाचित उम्मीदवारों का विवरण और मतों का गणित
राज्यसभा चुनाव के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के नितिन नवीन को सर्वाधिक 44-44 प्रथम वरीयता के मत प्राप्त हुए। वहीं, राम नाथ ठाकुर और उपेंद्र कुशवाहा को 42-42 मत मिले। एनडीए के पांचवें उम्मीदवार शिवेश कुमार को 30 प्रथम वरीयता के मत मिले थे, जिसके बाद उन्हें द्वितीय वरीयता के मतों के आधार पर विजयी घोषित किया गया। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, एनडीए के पक्ष में कुल 202 विधायकों ने मतदान किया। आरजेडी के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह आवश्यक मतों का कोटा प्राप्त करने में विफल रहे, जिसके कारण महागठबंधन को इस चुनाव में एक भी सीट नहीं मिल सकी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का इस्तीफा और संवैधानिक प्रक्रिया
नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद के रूप में निर्वाचित होने के बाद बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। संवैधानिक नियमों के अनुसार, एक व्यक्ति एक साथ राज्य विधानसभा (या विधान परिषद) और संसद के किसी सदन का सदस्य नहीं रह सकता है। नीतीश कुमार वर्तमान में बिहार के मुख्यमंत्री हैं और विधान परिषद के सदस्य हैं। राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना होगा। इसके बाद राज्य में नए मुख्यमंत्री के चयन और नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। राजनीतिक हलकों में इस बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं कि एनडीए की ओर से अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।
मतदान प्रक्रिया और विधायकों की अनुपस्थिति
मतदान की प्रक्रिया सुबह नौ बजे बिहार विधानसभा परिसर में शुरू हुई थी और शाम पांच बजे तक चली। इसके तुरंत बाद मतगणना शुरू की गई। जदयू नेता और मंत्री श्रवण कुमार के अनुसार, एनडीए के सभी 202 विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। हालांकि, विपक्षी महागठबंधन के चार विधायक मतदान प्रक्रिया से अनुपस्थित रहे। अनुपस्थित रहने वाले विधायकों में आरजेडी के ढाका से विधायक फैजल रहमान और कांग्रेस के तीन विधायक शामिल हैं। कांग्रेस के मनिहारी विधायक मनोहर प्रसाद सिंह, वाल्मीकिनगर के सुरेंद्र कुशवाहा और फारबिसगंज के मनोज विश्वास ने मतदान नहीं किया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बांकीपुर विधायक नितिन नवीन, तेजस्वी यादव और जेल में बंद विधायक अनंत सिंह ने भी अपने वोट डाले।
कांग्रेस के आरोप और हॉर्स ट्रेडिंग का दावा
चुनाव परिणामों के बीच कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने दावा किया कि उनके तीन विधायकों को भाजपा द्वारा प्रलोभन दिया गया या उन्हें मतदान करने से रोका गया। राजेश राम के अनुसार, 13 तारीख की रात तक सभी विधायक पार्टी के संपर्क में थे, लेकिन उसके बाद से तीन विधायक पहुंच से बाहर हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने विधायकों को 'हाउस अरेस्ट' जैसी स्थिति में रखा और उनके घरों के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई। कांग्रेस नेतृत्व ने इस मामले में वरिष्ठ नेताओं से चर्चा के बाद संबंधित विधायकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की बात कही है और भाजपा ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए इसे विपक्ष की आंतरिक कलह का परिणाम बताया है।
