बिहार में सोमवार 16 मार्च को होने वाला राज्यसभा चुनाव सत्ताधारी एनडीए और विपक्षी महागठबंधन के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन गया है। राज्य की पांच सीटों के लिए कुल छह उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे मुकाबला रोचक हो गया है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, मतदान सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक बिहार विधानसभा परिसर में होगा और उसी दिन मतगणना के बाद परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। बिहार में लगभग 12 साल बाद राज्यसभा सीटों के लिए मतदान की स्थिति बनी है, क्योंकि इससे पहले अधिकांश चुनाव निर्विरोध संपन्न होते रहे हैं।
उम्मीदवारों का विवरण और दलीय स्थिति
इन पांच सीटों के लिए चुनावी मैदान में उतरे छह उम्मीदवारों में एनडीए की ओर से पांच और महागठबंधन की ओर से एक प्रत्याशी शामिल है और जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर को अपना उम्मीदवार बनाया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से नितिन नवीन और शिवेश राम चुनावी मैदान में हैं। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अमरेंद्रधारी सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है। अप्रैल में बिहार से पांच राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जिनमें राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, रामनाथ ठाकुर, अमरेंद्रधारी सिंह, प्रेम गुप्ता और उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं।
विधानसभा का संख्या बल और जीत का समीकरण
बिहार विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के आधार पर चार सीटों का समीकरण स्पष्ट नजर आ रहा है। एनडीए के पास अपने चार उम्मीदवारों को आसानी से जिताने के लिए पर्याप्त वोट मौजूद हैं। जेडीयू और बीजेपी के दो-दो उम्मीदवारों का राज्यसभा पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि, असली पेंच पांचवीं सीट को लेकर फंसा हुआ है। चार सीटों पर जीत सुनिश्चित करने के बाद एनडीए के पास 38 सरप्लस वोट बचेंगे, जबकि महागठबंधन के पास लगभग 35 वोट हैं। नियमानुसार, एनडीए को पांचवीं सीट जीतने के लिए अतिरिक्त 3 वोटों की आवश्यकता होगी, जबकि महागठबंधन को अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए 6 अतिरिक्त वोटों का प्रबंध करना होगा।
छोटे दलों की भूमिका और सियासी हलचल
इस चुनाव में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के पांच विधायक और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के एक विधायक की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है और इन छह वोटों को जीत की चाबी के रूप में देखा जा रहा है। यदि इन विधायकों का समर्थन किसी एक पक्ष को मिलता है, तो पांचवीं सीट का परिणाम बदल सकता है। इसी क्रम में आरजेडी के कार्यकारी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को एआईएमआईएम विधायक दल के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान के आवास पर आयोजित इफ्तार पार्टी में देखा गया और राजनीतिक हलकों में इसे एआईएमआईएम विधायकों को साधने की अंतिम कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
विधायकों की सुरक्षा और मतदान की तैयारी
चुनाव में किसी भी प्रकार की क्रॉस वोटिंग को रोकने के लिए राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति तैयार की है। महागठबंधन ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए पटना के एक बड़े होटल में ठहराया है। दलों द्वारा अपने विधायकों को व्हिप जारी कर मतदान प्रक्रिया के बारे में विस्तृत निर्देश दिए गए हैं। सोमवार को होने वाले मतदान के लिए विधानसभा सचिवालय ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। मतदान के दौरान पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए वीडियोग्राफी और सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। शाम को परिणाम आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पांचवीं सीट पर किस गठबंधन का पलड़ा भारी रहा।
