इज़राइल के हीरो प्लंबर यानीव हायून ने बचाई फ्लाईदुबई विमान के यात्रियों की जान

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में एक प्लंबर यानीव हायून ने अदम्य साहस का परिचय दिया। जब सह-पायलट ने मुख्य कप्तान पर हमला कर विमान को क्रैश करने की कोशिश की, तब यानीव ने कॉकपिट में घुसकर स्थिति को संभाला और विमान को सुरक्षित लैंड कराने में मदद की।

दुबई से तेल अवीव की यात्रा कर रहे यात्रियों के लिए 30 अक्टूबर का दिन किसी डरावने सपने से कम नहीं था, लेकिन इस संकट के बीच एक मसीहा बनकर उभरे इज़राइली प्लंबर यानीव हायून। फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई एक हिंसक घटना ने विमान में सवार सैकड़ों लोगों की जान जोखिम में डाल दी थी। जब विमान के कॉकपिट में सह-पायलट ने मुख्य कप्तान पर हमला कर दिया और विमान को क्रैश करने की कोशिश की, तब यानीव हायून ने अपनी जान की परवाह किए बिना कॉकपिट में प्रवेश किया और स्थिति को नियंत्रित किया और उनकी इस बहादुरी की चर्चा अब पूरी दुनिया में हो रही है और उन्हें एक वैश्विक नायक के रूप में देखा जा रहा है।

कॉकपिट के भीतर का खौफनाक मंजर

घटना उस समय शुरू हुई जब विमान हवा में था और अचानक सह-पायलट, जो एक ओमानी नागरिक बताया जा रहा है, ने मुख्य कप्तान स्मित मच्छार पर हमला कर दिया। स्मित मच्छार एक भारतीय नागरिक हैं और खबरों के मुताबिक, को-पायलट नेरिया क्राउस ने कैप्टन स्मित मच्छार पर कथित तौर पर चाकू से हमला किया और उन्हें घायल कर दिया। इस हमले के बाद सह-पायलट ने विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेकर उसे तेजी से नीचे की ओर ले जाने का प्रयास किया और विमान हजारों फीट की ऊंचाई से नीचे गिरने लगा, जिससे केबिन में अफरा-तफरी मच गई। इसी बीच, घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे, जिससे बाहर मौजूद लोगों को हस्तक्षेप करने का मौका मिला।

कैसे एक प्लंबर ने संभाला विमान का नियंत्रण

यानीव हायून उन यात्रियों में शामिल थे जो विमान को तेजी से नीचे गिरता देख कॉकपिट की ओर दौड़े। कॉकपिट के अंदर पहुंचते ही उन्होंने देखा कि हमलावर विमान को क्रैश करने की कोशिश कर रहा है। यानीव ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और हमलावर को चोकहोल्ड में ले लिया, यानी उसकी गर्दन को पीछे से पकड़कर उसे कंट्रोल पैनल से दूर खींच लिया। इसके बाद अन्य यात्री भी उनकी मदद के लिए आगे आए और हमलावर को पूरी तरह काबू में कर लिया। हमलावर को हटाने के बाद यानीव ने देखा कि विमान अभी भी तेजी से नीचे जा रहा है। उन्होंने खुद कंट्रोल स्टिक को पीछे की तरफ खींचा ताकि विमान सीधा हो सके। कुछ ही पलों बाद, विमान में सवार एक अन्य ऑफ-ड्यूटी पायलट ने आकर नियंत्रण संभाल लिया और विमान को स्थिर किया।

मेडे डॉक्यूमेंट्री और प्रधानमंत्री से मुलाकात

विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ दिया गया, जहां उसकी सफल लैंडिंग हुई। इज़राइल लौटने के बाद यानीव हायून ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान यानीव ने वही शर्ट पहनी हुई थी जो उन्होंने घटना के समय पहनी थी और उस पर खून के निशान साफ दिखाई दे रहे थे। जब नेतन्याहू ने उनसे पूछा कि उन्हें विमान संभालने की समझ कैसे आई, तो यानीव ने एक दिलचस्प खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वह 'मेडे' (Mayday) नाम की एक डॉक्यूमेंट्री सीरीज देखते हैं, जो हवाई हादसों पर आधारित है। इसी प्रोग्राम को देखने की वजह से उन्हें थोड़ी समझ मिली थी कि इमरजेंसी में विमान के कंट्रोल्स कैसे काम करते हैं और इसी जानकारी ने उन्हें सही समय पर सही कदम उठाने में मदद की।

डोनाल्ड ट्रंप और नेतन्याहू ने की जमकर तारीफ

यानीव हायून की इस बहादुरी की तारीफ डोनाल्ड ट्रंप ने भी की है। ट्रंप ने कहा कि कभी विमान न उड़ाने के बावजूद यानीव ने कंट्रोल स्टिक संभाली और दुर्घटनाग्रस्त होने से ठीक पहले विमान को सीधा कर लिया। उन्होंने मजाकिया लहजे में यह भी कहा कि दिन भर पाइप उठाने की वजह से एक प्लंबर काफी मजबूत हो जाता है और यह एक अद्भुत कहानी है और प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भी यानीव को गले लगाया और संकट के समय उनकी बहादुरी की सराहना की। यानीव हायून, जो दुबई से तेल अवीव जा रहे थे, अब एक ऐसे व्यक्ति के रूप में जाने जाते हैं जिन्होंने अपनी हिम्मत और 'मेडे' शो से मिली जानकारी के दम पर सैकड़ों जिंदगियां बचा लीं।