अमेरिका में भारतीय मूल के एक व्यक्ति को गंभीर आपराधिक गतिविधियों और हथियारों के अवैध व्यापार के लिए जेल की सजा सुनाई गई है। कैलिफोर्निया के लोदी के रहने वाले 27 वर्षीय जश्ननप्रीत सिंह को, जिसने ‘पंजाबी डेविल्स’ (Punjabi Devils) नाम का एक गैर-कानूनी मोटरसाइकिल गैंग बना रखा था, हथियारों की गैर-कानूनी खरीद-बिक्री और मशीन गन रखने के आरोप में 5 साल से ज्यादा की जेल की सजा सुनाई गई है। यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि यह गैंग कैलिफोर्निया के एक कुख्यात ग्लोबल मोटरसाइकिल क्लब ‘हेल्स एंजल्स’ से भी जुड़ा हुआ था। जश्ननप्रीत सिंह की गतिविधियों ने सुरक्षा एजेंसियों को लंबे समय तक सतर्क रखा था।
सजा और अदालती कार्यवाही का विवरण
US अटॉर्नी एरिक ग्रांट ने गुरुवार को इस मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जश्ननप्रीत सिंह को सोमवार को US डिस्ट्रिक्ट जज डेल ड्रोज़्ड ने सजा सुनाई और अदालत ने उसे हथियारों की गैर-कानूनी खरीद-बिक्री और गैर-कानूनी तौर पर मशीन गन रखने के जुर्म में 5 साल और 4 महीने की जेल की सजा दी है। जश्ननप्रीत सिंह पर लगे आरोप बेहद गंभीर थे, जिनमें खतरनाक हथियारों का अवैध व्यापार और सैन्य ग्रेड के विस्फोटकों का भंडारण शामिल था। अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष जश्ननप्रीत की आपराधिक गतिविधियों के पुख्ता सबूत पेश किए, जिसके आधार पर यह फैसला सुनाया गया।
अवैध मोटरसाइकिल गैंग और अंडरकवर ऑपरेशन
अदालती दस्तावेजों के अनुसार, जश्ननप्रीत सिंह ‘पंजाबी डेविल्स मोटरसाइकिल क्लब’ का संस्थापक है। यह गैंग स्टॉकटन में स्थित एक गैर-कानूनी मोटरसाइकिल गिरोह है। जांच में यह भी सामने आया कि यह क्लब कैलिफोर्निया के एक बड़े और वैश्विक स्तर पर सक्रिय गैर-कानूनी मोटरसाइकिल क्लब ‘हेल्स एंजल्स’ के साथ निकटता से जुड़ा हुआ था और पिछले साल जून में, जश्ननप्रीत सिंह ने अनजाने में एक अंडरकवर अधिकारी को कई घातक हथियार बेचने की कोशिश की थी। इन हथियारों में एक छोटी बैरल वाली राइफ़ल, तीन असॉल्ट हथियार, तीन मशीन गन कन्वर्ट करने वाले डिवाइस और एक रिवॉल्वर शामिल थे। इस स्टिंग ऑपरेशन ने जश्ननप्रीत के अवैध नेटवर्क का भंडाफोड़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
घर की तलाशी और खतरनाक विस्फोटकों की बरामदगी
जब जांच एजेंसियों ने जश्ननप्रीत के घर की गहन तलाशी ली, तो वहां हथियारों का एक बड़ा जखीरा बरामद हुआ। तलाशी के दौरान एक मशीन गन, एक और मशीन गन कन्वर्ट करने वाला डिवाइस और एक साइलेंसर मिला। इसके अलावा, अधिकारियों को एक अनानास के आकार का हैंड ग्रेनेड भी मिला, जिसमें कैप और फ्यूज लगा हुआ था। सबसे चौंकाने वाली बरामदगी एक ऐसी वस्तु थी जिसे कानून व्यवस्था देखने वाली एजेंसियों ने सेना का इलेक्ट्रॉनिक-कैप वाला क्लेमोर माइन (Claymore Mine) माना। इन विस्फोटकों की गंभीरता को देखते हुए सैन जोकिन काउंटी शेरिफ विभाग की बम निरोधक टीम के विस्फोटक विशेषज्ञ दस्ते को बुलाया गया, जिन्होंने इन चीजों को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया।
भारत भागने की कोशिश और गिरफ्तारी
शुरुआत में, जश्ननप्रीत सिंह के खिलाफ इन अपराधों से जुड़े सैन जोकिन काउंटी के राज्य स्तरीय आरोप लगाए गए थे। पिछले साल जुलाई में, वह सुनवाई के दौरान कोर्ट में पेश नहीं हुआ, जिसके बाद राज्य की अदालत ने उसकी गिरफ्तारी के लिए एक बेंच वारंट जारी कर दिया। इसी दौरान, FBI को US कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन से एक महत्वपूर्ण अलर्ट मिला। अलर्ट में बताया गया कि जश्ननप्रीत ने भारत लौटने का टिकट बुक करा लिया है और वह 26 जुलाई 2025 को सैन फ़्रांसिस्को इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भारत भागने की योजना बना रहा है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने उसे एयरपोर्ट पर ही ढूंढ निकाला और गिरफ्तार कर लिया।
जश्ननप्रीत सिंह फिलहाल फेडरल कस्टडी में है और उसे अपनी सजा काटनी होगी। इस पूरी कार्रवाई में FBI, US कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन और स्थानीय पुलिस विभागों ने मिलकर काम किया ताकि एक खतरनाक अपराधी को देश छोड़कर भागने से रोका जा सके और उसे उसके किए की सजा दिलाई जा सके। वह अभी भी फेडरल कस्टडी में है।
