उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सरकारी स्कूल की गरिमा और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ एक प्राइमरी स्कूल में तैनात एक शिक्षक और एक महिला सहायक अध्यापिका का आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। इस घटना के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में खलबली मच गई है और स्थानीय प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। यह मामला न केवल नैतिक पतन को दर्शाता है बल्कि सरकारी संस्थानों के भीतर अनुशासन पर भी सवाल उठाता है।
हिडन कैमरे से खुला राज
वायरल वीडियो में विद्यालय के एक कमरे के भीतर शिक्षक और महिला सहायक अध्यापिका कथित रूप से आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई दे रहे हैं। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि यह वीडियो किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि शिक्षक की अपनी पत्नी द्वारा लगवाए गए हिडन कैमरे से रिकॉर्ड किया गया है और बताया जा रहा है कि शिक्षक की पत्नी को काफी समय से अपने पति के आचरण पर संदेह था, जिसके बाद उसने किसी की सहायता से स्कूल परिसर में गुपचुप तरीके से कैमरा लगवाया था। शिक्षक की पत्नी स्वयं औरैया जिले में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर तैनात हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शादी के कुछ समय बाद ही उन्हें पति की गतिविधियों पर शक होने लगा था और उनके पति ने उनके मोबाइल से कई सबूत भी मिटा दिए थे।
250 से अधिक वीडियो होने का दावा
आरोपी शिक्षक की पत्नी का दावा है कि उनके पास इस तरह के 250 से अधिक वीडियो मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल के जंगले में हिडन कैमरा लगवाकर उन्होंने ये सबूत जुटाए हैं। पत्नी के अनुसार, वह चाहती थीं कि उनके पति अपनी हरकतों में सुधार करें, लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि उनके पति को केवल निलंबित न किया जाए, बल्कि उन्हें सेवा से पूरी तरह बर्खास्त कर दिया जाए। इस खुलासे के बाद स्कूल के अन्य कर्मचारियों और ग्रामीणों में भी भारी रोष देखा जा रहा है।
महिला शिक्षिका के पति के गंभीर आरोप
इस विवाद में एक और मोड़ तब आया जब महिला सहायक अध्यापिका का पति भी स्कूल पहुँचा और अपनी आपबीती सुनाई। उसने बताया कि उनकी शादी वर्ष 2013 में हुई थी और उस समय उसकी पत्नी के पास कोई नौकरी नहीं थी। उसने अपनी पत्नी की पढ़ाई में पूरा आर्थिक और मानसिक सहयोग किया ताकि वह सरकारी नौकरी प्राप्त कर सके। पति का आरोप है कि नौकरी मिलने के बाद उसकी पत्नी का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि जब उसने इन हरकतों का विरोध किया, तो पत्नी ने उसके खिलाफ घरेलू हिंसा सहित कई झूठे मुकदमे दर्ज करा दिए। उसने भी शिक्षा विभाग से महिला शिक्षिका को बर्खास्त करने की मांग की है।
प्रशासनिक जांच और स्कूल की स्थिति
विद्यालय के सहायक अध्यापक अशोक कुमार ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें इस बात का कोई अंदाजा नहीं था कि स्कूल में हिडन कैमरा कब और किसने लगाया। उन्होंने बताया कि संबंधित शिक्षक वर्ष 2018 से और महिला सहायक अध्यापिका वर्ष 2020 से इस विद्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप ने मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहा है कि स्कूल परिसर में बिना अनुमति के कैमरा कैसे लगाया गया।
अभिभावकों में भारी आक्रोश
वीडियो के वायरल होने के बाद गांव के अभिभावकों में गहरा गुस्सा है। कई अभिभावक अपने बच्चों का नाम स्कूल से कटवाने के लिए विद्यालय पहुँच गए हैं। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाओं से स्कूल का शैक्षणिक माहौल पूरी तरह खराब हो गया है और इसका बच्चों के कोमल मन पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ सकता है। ग्रामीण अब इस मामले में त्वरित और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
