क्या राजद में शामिल होंगे अनंत सिंह, तेजस्वी यादव ने दिया स्पष्ट बयान, जानें मुख्य अपडेट

तेजस्वी यादव ने अनंत सिंह की राजद में वापसी की अटकलों को खारिज करते हुए कहा है कि पार्टी की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं है। साथ ही उन्होंने जदयू नेता नीरज कुमार पर भी तीखा निशाना साधा है।

बिहार की राजनीति में बाहुबली नेता अनंत सिंह की राष्ट्रीय जनता दल में वापसी को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर अब नेता प्रतिपक्ष और राजद के वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव ने पूरी तरह से विराम लगा दिया है। उन्होंने बहुत ही साफ शब्दों में यह स्पष्ट कर दिया है कि अनंत सिंह को पार्टी में वापस लाने के लिए राष्ट्रीय जनता दल की ओर से किसी भी प्रकार का कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है। नई दिल्ली में मीडियाकर्मियों के साथ बातचीत के दौरान जब तेजस्वी यादव से यह सवाल पूछा गया था कि अनंत सिंह पहले भी राजद में रह चुके हैं, और क्या भविष्य में उनकी दोबारा पार्टी में वापसी हो सकती है, तो इस पर उन्होंने बहुत ही स्पष्ट और दो टूक जवाब देते हुए कहा कि उनकी तरफ से ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट की तरफ से बाहुबली नेता अनंत सिंह को सरेंडर करने के लिए 1 दिसंबर तक का समय दिए जाने के मामले पर भी तेजस्वी यादव ने अपनी प्रतिक्रिया खुलकर रखी। उन्होंने कहा कि अनंत सिंह और उनकी पत्नी हमेशा से यह आरोप लगाते रहे हैं कि मौजूदा सरकार ने उन्हें हमेशा झूठे मामलों में फंसाने का काम किया है। तेजस्वी यादव ने इस बात का भी जिक्र किया कि जब अनंत सिंह ने उन्हें धोखा दिया था और वे वापस एनडीए सरकार के साथ चले गए थे, तब उन्हें यही सरकार बहुत अच्छी लगने लगी थी। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट से जमानत रद्द किए जाने के बाद अनंत सिंह की तरफ से भी इस पूरे घटनाक्रम पर अपना एक बयान सामने आया है, जिसके बाद से राजनीतिक सरगर्मी काफी ज्यादा बढ़ गई है।

अनंत सिंह की जेल वापसी और सरकार पर तंज

तेजस्वी यादव ने आगे तंज कसते हुए कहा कि अब जब अनंत सिंह को दोबारा से मजबूरी में जेल जाना पड़ रहा है, तो अचानक से उन्हें यह सरकार बुरी और खराब लगने लगी है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि इस विशेष परिस्थिति पर वह भला क्या ही टिप्पणी करें। इसके साथ ही तेजस्वी यादव ने जनता दल यूनाइटेड यानी जदयू के प्रमुख नेता नीरज कुमार पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि नीरज कुमार को सारी राजनीतिक बातें बहुत जल्दी समझ में आ जाती हैं। जब उनके अपने निजी हितों और स्वार्थ की बात सामने आई, तो वह खुद अनंत सिंह को जेल के सलाखों के पीछे भेजने के लिए मुख्य याचिकाकर्ता तक बन गए।

तेजस्वी यादव ने सवाल उठाते हुए यह भी पूछा कि जब बिहार के सभी नेता एक ही राजनीतिक दल में शामिल थे, तब आखिर उस समय नीरज कुमार पूरी तरह से चुप क्यों बैठे हुए थे? क्या उस समय अनंत सिंह कोई अपराधी या बाहुबली नहीं हुआ करते थे? उस समय वह क्या कर रहे थे और उनकी चुप्पी का क्या कारण था? इन तीखे सवालों के जरिए तेजस्वी ने सत्ता पक्ष के नेताओं पर जमकर प्रहार किया और उनकी कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए।

1 नवंबर को रामलीला मैदान में होगी विपक्षी नेताओं की बड़ी जुटान

राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आगामी 1 नवंबर को आयोजित होने वाली आई एन डी आई ए गठबंधन की विशाल रैली को लेकर भी तेजस्वी यादव ने विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने देश की जनता को जानकारी देते हुए बताया कि 1 नवंबर के दिन गठबंधन के सभी प्रमुख राष्ट्रीय और प्रादेशिक नेता रामलीला मैदान में एक साथ इकट्ठा होने वाले हैं। इस रैली के दौरान मुख्य रूप से देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई जाएगी। तेजस्वी यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार ने अपने पद पर रहते हुए देश के लोकतंत्र को कुचलने का काम किया है। उन्होंने कहा कि देश के सभी विपक्षी दल इस तानाशाही रवैये और मुद्दे के खिलाफ एकजुट होकर अपनी एक मजबूत आवाज बुलंद करेंगे।

विधान परिषद चुनाव के नतीजों पर राजद का शानदार प्रदर्शन

बिहार में हाल ही में संपन्न हुए विधान परिषद यानी एमएलसी चुनावों के शानदार परिणामों पर बात करते हुए तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने यह दावा किया कि हालिया चुनाव में एनडीए की हालत बेहद खराब रही और इसके विपरीत महागठबंधन ने बेहद शानदार और ऐतिहासिक प्रदर्शन करके दिखाया है। तेजस्वी ने जानकारी दी कि बिहार राज्य में कुल 8 एमएलसी सीटों पर चुनाव कराए गए थे, जिनमें से अकेले 5 सीटों पर उनकी अपनी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल और उनके सहयोगी दलों के उम्मीदवारों ने शानदार जीत हासिल की है। इसके मुकाबले एनडीए गठबंधन सिर्फ 3 सीटों पर ही सिमट कर रह गया। तेजस्वी यादव ने इस चुनाव परिणाम को विपक्षी दलों के लिए एक बहुत बड़ी राजनीतिक उपलब्धि करार दिया और कार्यकर्ताओं की पीठ थपथपाई।