न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली जा रही टी20 सीरीज में पहले से ही अजेय बढ़त हासिल कर चुकी भारतीय क्रिकेट टीम को ऑकलैंड में खेले गए मुकाबले में बेहद बुरी हार का सामना करना पड़ा है। इस मैच में न्यूजीलैंड ने न केवल शानदार प्रदर्शन किया बल्कि सीरीज में अपनी पहली जीत भी दर्ज की और मैच की शुरुआत से ही मेजबान टीम न्यूजीलैंड ने अपनी आक्रामक रणनीति से भारतीय टीम पर दबाव बनाए रखा। ग्लेन फिलिप्स और माइकल ब्रेसवेल की तूफानी पारियों के साथ-साथ जैकब डफी की गजब की गेंदबाजी ने अंततः न्यूजीलैंड को भारत के खिलाफ इस टी20 मुकाबले में ऐतिहासिक और शानदार जीत दिला दी। इस मुकाबले में भारतीय टीम के गेंदबाजों और बल्लेबाजों दोनों का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा जिसके कारण टीम को 87 रनों के भारी अंतर से हार का मुंह देखना पड़ा।
पहले बल्लेबाजी करने के लिए उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 4 विकेट के नुकसान पर 259 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। यह पहली बार था जब भारतीय टीम को टी20 क्रिकेट के इतिहास में किसी भी विपक्षी टीम के खिलाफ इतनी बड़ी मार पड़ी है और स्कोरबोर्ड पर इतने अधिक रन टंगे हैं। न्यूजीलैंड के इस विशाल स्कोर की नींव ग्लेन फिलिप्स के तूफानी शतक ने रखी। ग्लेन फिलिप्स ने मैदान के चारों तरफ चौकों और छक्कों की बरसात करते हुए मात्र 49 गेंदों में 107 रनों की ऐतिहासिक और नाबाद पारी खेली। अपनी इस शतकीय पारी के दौरान उन्होंने 10 छक्के और 6 चौके जड़े। उनके साथ मध्य क्रम में उतरे माइकल ब्रेसवेल ने भी उनका पूरा साथ दिया और अपनी तूफानी बल्लेबाजी से भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ा दीं। माइकल ब्रेसवेल ने महज 25 गेंदों का सामना करते हुए 65 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली जिसमें 6 छक्के और 4 चौके शामिल रहे। इन दोनों बल्लेबाजों के बीच मैदान पर मात्र 40 गेंदों में 115 रनों की रिकॉर्ड और बेहद खतरनाक साझेदारी हुई जिसने टीम इंडिया को इस मैच से पूरी तरह से बाहर कर दिया और मुकाबले को भारत की पहुंच से कोसों दूर ले गए।
भारतीय गेंदबाजों की हुई जमकर धुनाई
बल्लेबाजों के मैदान पर उतरने से पहले भारतीय गेंदबाजों की इस मैच में जमकर धुनाई हुई। न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों की एक नहीं चलने दी और मैदान के हर कोने में रन बटोरे। भारत की तरफ से गेंदबाजी करते हुए अक्षर पटेल ने 3 ओवरों की गेंदबाजी में 43 रन खर्च किए और महंगे साबित हुए। इसके अलावा नीतीश कुमार रेड्डी ने अपने 4 ओवरों के कोटे में 54 रन लुटा दिए। तेज गेंदबाज प्रिंस यादव ने भी अपनी गेंदबाजी के दौरान 49 रन दिए जबकि मयंक यादव ने 48 रन खर्च किए। भारतीय टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने 4 ओवरों में 38 रन दिए। इस प्रकार भारतीय गेंदबाजी लाइनअप का हर एक गेंदबाज कीवी बल्लेबाजों के सामने बेबस नजर आया और न्यूजीलैंड ने आसानी से 20 ओवरों में 259 रनों का यह पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया।
भारतीय बैटिंग ऑर्डर का हुआ पूरी तरह फेल
विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की विस्फोटक बैटिंग लाइनअप इस मुकाबले में पूरी तरह से फेल साबित हुई और किसी भी समय ऐसा नहीं लगा कि भारत इस लक्ष्य को हासिल कर पाएगा। पारी की शुरुआत बेहद खराब रही और सबसे पहले विकेट के रूप में संजू सैमसन आउट हुए। पारी के पहले ही ओवर में संजू सैमसन के साथ-साथ ईशान किशन भी पवेलियन लौट गए। विस्फोटक बल्लेबाज ईशान किशन तो अपना खाता तक नहीं खोल सके और शून्य के स्कोर पर आउट होकर वापस लौट गए। इसके बाद अभिषेक शर्मा और कप्तान श्रेयस अय्यर ने कुछ देर विकेट पर टिकने और संघर्ष करने की कोशिश की लेकिन वे भी पावरप्ले के समाप्त होने से पहले ही अपना विकेट गंवा बैठे। मैथ्यू फिशर ने शानदार गेंदबाजी करते हुए अभिषेक शर्मा को 27 रनों के निजी स्कोर पर आउट किया। वहीं भारतीय टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर 11 गेंदों का सामना करने के बाद 22 रन बनाकर एडम मिल्न के ओवर में बोल्ड होकर पवेलियन वापस लौट गए।
मध्य क्रम और निचले क्रम का संघर्ष भी ना आया काम
पावरप्ले के बाद मिडिल ओवर्स में भी भारतीय टीम की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही थीं और मिडिल ओवर्स में अक्षर पटेल बल्लेबाजी करने आए लेकिन वे केवल 7 रन बनाकर अपना विकेट गंवा बैठे। इसके बाद मैदान पर उतरे नीतीश कुमार रेड्डी ने तेजी से रन बनाने और पारी को संभालने की कोशिश की लेकिन वे भी 21 रनों के निजी स्कोर पर मिचेल सैंटनर का शिकार बन गए। निचले क्रम में नमन धीर ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए तेजी से बैटिंग की और मात्र 13 गेंदों का सामना करते हुए 28 रनों की तेज तर्रार पारी खेली, लेकिन वे भी जैकब डफी की गेंद पर अपना विकेट गंवा बैठे। पारी के अंत में उपकप्तान तिलक वर्मा ने मैच को बचाने की कुछ हद तक कोशिश की और संघर्ष करते हुए 35 रनों का योगदान दिया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और पूरी भारतीय टीम 20 ओवरों में मात्र 172 रन ही बना सकी। इस प्रकार भारत को इस मुकाबले में 87 रनों से एक बड़ी और शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा।
जैकब डफी की घातक गेंदबाजी ने तोड़ी कमर
न्यूजीलैंड की इस शानदार और ऐतिहासिक जीत में गेंदबाजी के मोर्चे पर जैकब डफी ने सबसे अहम भूमिका निभाई। जैकब डफी ने अपनी सटीक और घातक गेंदबाजी से भारतीय बल्लेबाजी क्रम की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी। उन्होंने अपने कोटे के 4 ओवरों में मात्र 23 रन खर्च करते हुए भारत के महत्वपूर्ण 4 बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। डफी के अलावा कीवी गेंदबाजों ने भी कसी हुई गेंदबाजी की जिसके सामने भारतीय बल्लेबाज पूरी तरह से लाचार नजर आए और 172 के स्कोर पर सिमट गए। इस जीत के साथ न्यूजीलैंड ने सीरीज में शानदार वापसी करते हुए अपनी पहली जीत दर्ज की है, हालांकि भारतीय टीम पहले ही सीरीज में अजेय बढ़त हासिल कर चुकी थी, लेकिन इस हार ने टीम प्रबंधन को कई गंभीर चिंताएं दे दी हैं।
