जियो प्लेटफॉर्म्स ने मेटा और स्पेसएक्स को पीछे छोड़ बनाया बड़ा रिकॉर्ड

जियो प्लेटफॉर्म्स ने मेटा, अलीबाबा और स्पेसएक्स के क्लब में शामिल होकर इतिहास रच दिया है। कंपनी के शेयर 21 रुपये 40 पैसे प्रतिशत प्रीमियम पर लिस्ट हुए।

दुनिया भर के बाजारों में जियो प्लेटफॉर्म्स का डंका बज रहा है और इस दिग्गज कंपनी ने एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया है। मेटा, अलीबाबा और स्पेसएक्स के बाद, जियो प्लेटफॉर्म्स 100 अरब डॉलर के आईपीओ वैल्यूएशन क्लब में शामिल होने वाली दुनिया की चौथी कंपनी बन गई है। जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर शेयर बाजार में 21 रुपये 40 पैसे प्रतिशत के प्रीमियम पर लिस्ट हुए, जिससे पूरी दुनिया में भारतीय टेलीकॉम सेक्टर की ताकत का अहसास हुआ है।

जियो प्लेटफॉर्म्स ने बुधवार, 28 अक्टूबर को शेयर बाजार में बेहद शानदार शुरुआत की और इसके साथ ही यह भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान लिस्टेड कंपनी बन गई। शेयर बाजार में जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर 1,358 रुपये प्रति शेयर के भाव पर लिस्ट हुए, जो इसके 1,119 रुपये के आईपीओ इश्यू प्राइस से 21 रुपये 40 पैसे प्रतिशत अधिक यानी प्रीमियम पर था। इस धमाकेदार लिस्टिंग के साथ कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन यानी बाजार पूंजीकरण 12 लाख 60 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया। भारत में मार्केट कैपिटलाइजेशन की रैंकिंग में यह अपनी मूल कंपनी, रिलायंस इंडस्ट्रीज के ठीक पीछे दूसरे स्थान पर काबिज हो गई है।

अपने आईपीओ ऑफर प्राइस के आधार पर, रिलायंस इंडस्ट्रीज की यूनिट जियो प्लेटफॉर्म्स का वैल्यूएशन लगभग 10 लाख 30 हजार करोड़ रुपये यानी करीब 108 अरब डॉलर आंका गया था। इस प्रकार, यह मेटा, अलीबाबा और स्पेसएक्स जैसी उन दिग्गज ग्लोबल कंपनियों की श्रेणी में आ गई है, जिनका बाजार में पहली बार उतरते समय यानी लिस्टिंग के समय वैल्यूएशन 100 अरब डॉलर से अधिक दर्ज किया गया था। इस अभूतपूर्व उपलब्धि ने भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।

भारती एयरटेल को पछाड़कर बनी नंबर वन टेलीकॉम कंपनी

इस मजबूत और शानदार लिस्टिंग की बदौलत जियो प्लेटफॉर्म्स ने भारती एयरटेल को पीछे छोड़ दिया है और मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से भारत की सबसे मूल्यवान टेलीकॉम कंपनी का खिताब अपने नाम कर लिया है। इस शानदार शुरुआत ने रिलायंस इंडस्ट्रीज की स्थिति को वैश्विक और घरेलू बाजार में और अधिक मजबूत कर दिया है, जिससे रिलायंस ग्रुप अपनी सभी लिस्टेड कंपनियों के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर भारत का सबसे मूल्यवान कॉन्ग्लोमरेट यानी समूह बन गया है।

शेयरहोल्डर कैटेगरी के तहत जिन निवेशकों को न्यूनतम 23 शेयरों का लॉट मिला था, उन्हें आईपीओ अलॉटमेंट प्राइस के मुकाबले लिस्टिंग प्राइस पर 5,497 रुपये का सीधा फायदा हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई में आयोजित भव्य लिस्टिंग समारोह में अंबानी परिवार के सदस्य भी विशेष रूप से मौजूद थे, जिन्होंने एक औपचारिक घंटी यानी गोंग बजाकर इस ऐतिहासिक अवसर की शुरुआत की और निवेशकों का उत्साह बढ़ाया।

निवेशकों की ओर से मिली रिकॉर्ड और भारी मांग

वैश्विक इक्विटी बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव और भारतीय बाजारों में बिकवाली के भारी दबाव के बावजूद, जियो प्लेटफॉर्म्स के 30,213 करोड़ रुपये के आईपीओ को निवेशकों से भारी मांग मिली। इस बड़े इश्यू को 22 गुना से अधिक सब्सक्राइब किया गया। पब्लिक ऑफरिंग और एंकर इन्वेस्टर प्लेसमेंट को मिलाकर कुल मांग 7 लाख 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक दर्ज की गई। खास बात यह रही कि पब्लिक इश्यू खुलने के मात्र 95 मिनट के भीतर ही यह पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया, और कुल आवेदनों की संख्या 1 करोड़ 30 लाख के आंकड़े को पार कर गई।

यह आईपीओ जियो के पूंजी जुटाने के सफर में एक और बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ है। इससे पहले साल 2020 में, जियो ने 13 रणनीतिक और प्राइवेट इक्विटी निवेशकों से प्राइवेट मार्केट के जरिए लगभग 20 अरब डॉलर जुटाए थे। उस फंड जुटाने की प्रक्रिया के दौरान मेटा और गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट जैसी दुनिया की सबसे बड़ी ग्लोबल कंपनियां, जियो प्लेटफॉर्म्स के साथ जुड़ी थीं और उन्होंने बड़ा निवेश किया था।

जियो का अब तक का शानदार सफर और भविष्य की योजनाएं

जियो प्लेटफॉर्म्स का पब्लिक मार्केट में आना, रिलायंस जियो के भारतीय टेलीकॉम उद्योग में कदम रखने और देश भर में बेहद किफायती मोबाइल डेटा की पहुंच बढ़ाने के ठीक एक दशक बाद हुआ है। मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी के अनुसार, कंपनी के पास अब 540 मिलियन यानी 54 करोड़ से अधिक सक्रिय ग्राहक हैं। लिस्टिंग समारोह को संबोधित करते हुए, आकाश अंबानी ने जियो की डिजिटल सेवाओं को पारंपरिक टेलीकॉम कनेक्टिविटी से आगे बढ़ाते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग, कनेक्टेड डिवाइस और स्पेस-आधारित कनेक्टिविटी के अत्याधुनिक क्षेत्रों तक विस्तार करने की अपनी भविष्य की स्पष्ट योजना बताई।

इसके साथ ही, कंपनी अपनी खुद की विकसित टेलीकॉम तकनीक से बड़े पैमाने पर कमाई करने के लिए, दुनिया भर के विदेशी ऑपरेटर्स के साथ रणनीतिक साझेदारी करके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नए व्यावसायिक मौके तलाश रही है। जियो का यह सफर आने वाले समय में वैश्विक डिजिटल और टेलीकॉम बाजार की दिशा तय करने में एक बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा।