चश्मा बनाने और बेचने वाली देश की प्रमुख कंपनी लेंसकार्ट सॉल्यूशंस ने वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए अपने शानदार वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी द्वारा जारी किए गए आंकड़े इस बात की तस्दीक करते हैं कि ग्राहकों के बीच इसके उत्पादों की लोकप्रियता और मांग में जबरदस्त इजाफा हुआ है। कंपनी ने अपने शुद्ध मुनाफे में सालाना आधार पर लगभग 270 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की है। पिछले साल की इसी तिमाही में जहां कंपनी ने 60 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था, वहीं इस साल यह आंकड़ा बढ़कर 222 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। मुनाफे के साथ-साथ कंपनी की कुल कमाई यानी रेवेन्यू में भी 43 दशमलव 3 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि देखी गई है, जो अब 2714 करोड़ 20 लाख रुपये के पार पहुंच गई है।
प्रीमियम उत्पादों और मैन्युफैक्चरिंग से बढ़ा मुनाफा
लेंसकार्ट की इस रिकॉर्ड तोड़ कमाई के पीछे कंपनी की सोची-समझी रणनीति का बड़ा हाथ है। कंपनी अब खुद चश्मों की मैन्युफैक्चरिंग कर रही है और बाजार में महंगे यानी प्रीमियम उत्पादों की बिक्री पर विशेष ध्यान दे रही है और इस रणनीति की वजह से कंपनी के मुनाफे के मार्जिन में काफी सुधार हुआ है। एबिटडा (EBITDA) 75 दशमलव 1 प्रतिशत की छलांग लगाकर 588 करोड़ 50 लाख रुपये पर पहुंच गया है। वहीं, एबिटडा मार्जिन भी पिछले साल के 17 दशमलव 7 प्रतिशत से सुधरकर अब 21 दशमलव 7 प्रतिशत हो गया है। कंपनी के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब इसका कंसोलिडेटेड प्रोडक्ट मार्जिन 70 प्रतिशत के आंकड़े को पार कर गया है। भारत के घरेलू बाजार में भी प्रोडक्ट मार्जिन में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।
छोटे शहरों पर फोकस और स्टोर विस्तार
कंपनी का कारोबार अब सिर्फ बड़े महानगरों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह छोटे शहरों की ओर भी तेजी से विस्तार कर रहा है। भारत में कंपनी की प्रति स्टोर बिक्री में 24 दशमलव 3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस तिमाही के दौरान लेंसकार्ट ने कुल 132 नए स्टोर खोले हैं, जिनमें से 116 स्टोर सिर्फ भारत में स्थित हैं। इसके साथ ही कंपनी ने देश भर के 50 नए शहरों में अपने कदम रखे हैं। विशेष रूप से ध्यान देने वाली बात यह है कि इनमें से 83 स्टोर टियर-2 और उससे छोटे शहरों में खोले गए हैं, जो कंपनी की व्यापक पहुंच को दर्शाते हैं। वर्तमान में लेंसकार्ट के कुल एक्टिव स्टोर्स की संख्या 3459 हो गई है। इसके अलावा, 'लेंसकार्ट गोल्ड' की सदस्यता लेने वाले ग्राहकों की संख्या 93 लाख 50 हजार तक पहुंच गई है, जिससे होने वाली कमाई 57 दशमलव 4 प्रतिशत बढ़कर 66 करोड़ रुपये रही है।
आंखों की जांच का नया रिकॉर्ड और जागरूकता
व्यापार में बढ़ोतरी के साथ-साथ यह भी स्पष्ट हुआ है कि लोगों में आंखों की सेहत को लेकर जागरूकता बढ़ी है। इस तिमाही के दौरान लेंसकार्ट ने दुनिया भर में लगभग 70 लाख आई टेस्ट यानी आंखों की जांच की है, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 40 प्रतिशत अधिक है। केवल भारत में ही 60 लाख लोगों ने अपनी आंखों की जांच कराई है। इनमें से लगभग आधे ग्राहक ऐसे थे जिन्होंने अपने जीवन में पहली बार आंखों का टेस्ट कराया था। बिक्री के आंकड़ों पर नजर डालें तो चश्मों की कुल बिक्री की मात्रा में 25 दशमलव 7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और भारत में चश्मों की औसत कीमत 6 दशमलव 4 प्रतिशत बढ़कर 1856 रुपये हो गई है।
चीन में निवेश और अंतरराष्ट्रीय विस्तार
लेंसकार्ट न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी स्थिति मजबूत कर रही है। जापान, मिडिल ईस्ट और दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे विदेशी बाजारों से कंपनी का रेवेन्यू 38 प्रतिशत बढ़कर 1203 करोड़ रुपये हो गया है। अपनी सप्लाई चेन को और अधिक मजबूत बनाने के लिए कंपनी चीन की जॉइंट वेंचर 'फ्रेमकार्ट' में अपनी हिस्सेदारी 51 प्रतिशत से बढ़ाकर 70 प्रतिशत करने जा रही है। इस महत्वपूर्ण सौदे पर लगभग 10 करोड़ 60 लाख रुपये का निवेश किया जाएगा। यह कदम इसलिए भी अहम है क्योंकि फ्रेमकार्ट लेंसकार्ट की 30 प्रतिशत से अधिक जरूरतों को पूरा करती है। इसके अलावा, कंपनी दक्षिण कोरिया में 'ओनडेज़ कोरिया' की शुरुआत करने की योजना बना रही है।
शेयर बाजार में कंपनी की स्थिति
बेहतर वित्तीय नतीजों के बावजूद शेयर बाजार में कंपनी का प्रदर्शन स्थिर बना हुआ है। 12 अगस्त को लेंसकार्ट का शेयर 0 दशमलव 71 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 585 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह स्टॉक फायदेमंद रहा है। पिछले छह महीनों में स्टॉक में 14 दशमलव 04 प्रतिशत की तेजी आई है और एक साल की अवधि में इसने 45 दशमलव 13 प्रतिशत का शानदार रिटर्न दिया है। आज के समय में लेंसकार्ट का कुल मार्केट कैप 1 लाख 2 हजार करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंच चुका है।
