एलपीजी के बाद क्या पेट्रोल और डीजल भी हुआ महंगा, जानें दिल्ली मुंबई समेत बड़े शहरों के ताजा रेट

दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम 29 रुपये बढ़कर 942 रुपये हो गए हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ है, हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि तेल कंपनियों के घाटे को कम करने के लिए 5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की जरूरत है।

देश में ऊर्जा की कीमतों को लेकर एक बड़ी हलचल देखने को मिल रही है क्योंकि घरेलू रसोई गैस यानी एलपीजी की नई कीमतें लागू हो गई हैं। 7 जून से देश की राजधानी दिल्ली में एलपीजी के दाम में 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई है जिसके बाद अब एक 14 दशमलव 2 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत 942 रुपये हो गई है। यह पिछले तीन महीनों में दूसरी बार है जब घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इजाफा किया गया है। एलपीजी के दामों में हुई इस वृद्धि के बाद अब आम जनता की नजरें पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर टिकी हुई हैं कि क्या वहां भी कोई बड़ा बदलाव होने वाला है।

पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर ताजा अपडेट

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी आईओसीएल द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार देश के चारों महानगरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में पिछले करीब दो हफ्तों से कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है। यह स्थिरता ऐसे समय में देखी जा रही है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव बना हुआ है। हालांकि, क्रिसील की एक हालिया रिपोर्ट में यह चेतावनी दी गई है कि अगर पेट्रोलियम कंपनियों को मौजूदा वित्तीय नुकसान से बचाना है, तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर का इजाफा करना बेहद जरूरी है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हाल ही में गिरावट दर्ज की गई है और बीते हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन कच्चे तेल के दाम में 2 दशमलव 50 प्रतिशत से ज्यादा की कमी आई। अमेरिकी क्रूड के दाम 2 दशमलव 69 प्रतिशत की गिरावट के साथ 90 डॉलर 54 सेंट प्रति बैरल पर बंद हुए। वहीं दूसरी ओर, खाड़ी देशों के कच्चे तेल के दाम 2 प्रतिशत की गिरावट के साथ 93 डॉलर 9 सेंट प्रति बैरल पर बंद हुए थे। इससे कुछ दिन पहले कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गई थीं, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने की आशंका पैदा हो गई थी। जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

महानगरों में पेट्रोल और डीजल के ताजा रेट

आईओसीएल के आंकड़ों के मुताबिक, देश के प्रमुख महानगरों में ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102 रुपये 12 पैसे और डीजल की कीमत 95 रुपये 20 पैसे प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल 113 रुपये 51 पैसे और डीजल 99 रुपये 2 पैसे प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। मुंबई में पेट्रोल के दाम 111 रुपये 21 पैसे और डीजल के दाम 97 रुपये 83 पैसे प्रति लीटर दर्ज किए गए हैं। चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 107 रुपये 77 पैसे और डीजल की कीमत 99 रुपये 55 पैसे प्रति लीटर पर स्थिर है।

मई महीने में कीमतों में हुई बढ़ोतरी का इतिहास

मई महीने के दूसरे पखवाड़े में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया था। 15 मई से 25 मई के बीच चार बार ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की गई, जिससे कुल मिलाकर करीब 8 प्रतिशत का इजाफा हुआ। आंकड़ों के अनुसार, 15 मई को पेट्रोल में 3 रुपये और डीजल में 3 रुपये 29 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी। इसके बाद 19 मई को दोनों के दाम 90 पैसे प्रति लीटर बढ़े। 23 मई को पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे महंगा हुआ। अंत में 25 मई को पेट्रोल की कीमतों में 2 रुपये 61 पैसे और डीजल में 2 रुपये 71 पैसे प्रति लीटर का इजाफा किया गया था।

एलपीजी सिलेंडर पर घाटे का गणित

घरेलू रसोई गैस की कीमतों में 29 रुपये की ताजा बढ़ोतरी वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ती कीमतों का परिणाम है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली में इस बढ़ोतरी से पहले सिलेंडर की कीमत 913 रुपये थी। इससे पहले 7 मार्च को पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण वैश्विक आपूर्ति बाधित होने पर 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। सूत्रों के अनुसार, इस ताजा संशोधन से पहले सरकारी तेल कंपनियों को बेचे गए प्रत्येक एलपीजी सिलेंडर पर लगभग 703 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा था, जिसकी भरपाई के लिए यह कदम उठाना आवश्यक हो गया था।