महाराष्ट्र के परभणी जिले से एक अत्यंत दुखद और भीषण हादसे की खबर सामने आई है। जिले के मानवत तालुका स्थित प्रसिद्ध यशवाड़ी देवस्थान में हनुमान मंदिर के नवनिर्मित सभा भवन की छत अचानक भरभराकर गिर गई और इस भीषण दुर्घटना के समय मंदिर परिसर में काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मलबे के नीचे लगभग 20 से 25 श्रद्धालुओं के दबे होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है। यह हादसा शनिवार के दिन हुआ, जब मंदिर में दर्शनार्थियों की भीड़ सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रहती है, जिसके कारण मलबे में दबने वालों की संख्या अधिक हो सकती है।
गर्भगृह के सामने हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि मंदिर के मुख्य गर्भगृह के ठीक सामने एक नए सभामंडप का निर्माण कार्य चल रहा था। इसी नवनिर्मित सभामंडप की छत अचानक ढह गई, जिससे वहां मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए। छत गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया। मलबे का ढेर इतना बड़ा है कि उसमें फंसे लोगों को निकालने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। स्थानीय प्रशासन और बचाव दल सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गए और राहत कार्य शुरू कर दिया गया है।
युद्ध स्तर पर बचाव कार्य जारी
हादसे के तुरंत बाद जिला प्रशासन, पुलिस बल और स्थानीय राहत एजेंसियां घटनास्थल पर सक्रिय हो गई हैं। प्रशासन का पूरा ध्यान इस समय मलबे के नीचे दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर केंद्रित है। स्थानीय नागरिकों ने भी इस बचाव अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है और वे मलबे को हटाने में मदद कर रहे हैं। घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए घटनास्थल पर कई एम्बुलेंस बुलाई गई हैं और डॉक्टरों की एक विशेष टीम भी तैनात की गई है। प्रशासन पूरी शक्ति के साथ राहत कार्यों में जुटा हुआ है।
अस्पताल में भर्ती कराए गए घायल
मलबे से निकाले गए घायलों को उपचार के लिए तुरंत परभणी जिला सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल प्रशासन को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि घायलों को बेहतर इलाज मिल सके। हालांकि, कुछ अपुष्ट खबरों में कुछ श्रद्धालुओं की मौत होने की बात भी कही जा रही है, लेकिन जिला प्रशासन ने अभी तक आधिकारिक तौर पर मृतकों की संख्या की पुष्टि नहीं की है। प्रशासन का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता जीवन बचाना है और इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
नेताओं और अधिकारियों ने लिया संज्ञान
इस भयानक हादसे की जानकारी मिलते ही राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। मंत्री मेघना बोरदिकर ने पूरी घटना का संज्ञान लिया है और वे स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से फोन पर बात की और उन्हें निर्देश दिया कि घटनास्थल पर तत्काल क्रेन और अन्य आवश्यक राहत सामग्री भेजी जाए। इसके साथ ही, एनसीपी विधायक राजेश विटेकर और जिले के अन्य प्रमुख नेताओं ने भी प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क साधा है और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन पूरी शक्ति के साथ राहत कार्यों में जुटा हुआ है ताकि मलबे में फंसे हर व्यक्ति को जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके।
