मेरठ के बहुचर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में अदालत का एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला सामने आया है। मेरठ जिला जज अरविंद कुमार शर्मा की अदालत ने सौरभ राजपूत की नृशंस हत्या के मामले में उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया है। इस फैसले के दौरान सुरक्षा और अन्य कारणों से मुस्कान और साहिल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जेल से ही अदालत में पेश किया गया था। फैसले के समय कोर्ट परिसर में काफी गहमागहमी और तनाव का माहौल देखा गया। हालांकि अदालत ने दोनों को हत्या का दोषी मान लिया है, लेकिन उनकी सजा के संबंध में फैसला आना अभी बाकी है। यह स्पष्ट होना शेष है कि सजा का ऐलान आज ही किया जाएगा या इसके लिए कोई अगली तारीख तय की जाएगी।
गवाहों के बयान और अभियोजन पक्ष की दलीलें
हत्याकांड के फैसले के समय मृतक सौरभ राजपूत के भाई राहुल राजपूत भी कोर्ट में मौजूद रहे। राहुल ने मीडिया को बताया कि इस पूरे मामले के दौरान कुल 22 गवाहों ने अदालत में अपनी गवाही दर्ज कराई थी। इन गवाहों के बयानों और पेश किए गए सबूतों के आधार पर ही अदालत इस नतीजे पर पहुंची है। राहुल राजपूत ने अपनी पुरानी मांग को दोहराते हुए कहा कि उनका परिवार शुरू से ही मुस्कान और साहिल के लिए फांसी की सजा की मांग कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिस तरह की क्रूरता उनके भाई के साथ की गई, उसके लिए दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
क्या था पूरा घटनाक्रम और हत्या की वजह
यह पूरी घटना 3 मार्च 2025 की है। इस मामले की शुरुआत तब हुई जब इंद्रानगर निवासी बबलू ने ब्रह्मपुरी थाने में अपने भाई की गुमशुदगी और हत्या की आशंका की शिकायत दर्ज कराई थी। बबलू ने पुलिस को बताया था कि उनके भाई सौरभ ने साल 2016 में मुस्कान रस्तोगी के साथ प्रेम विवाह किया था। शादी के कुछ साल बाद यानी साल 2019 में मुस्कान के संबंध साहिल शुक्ला नाम के युवक से हो गए थे। इस अवैध संबंध के कारण सौरभ काफी मानसिक तनाव में रहता था। सौरभ ने कई बार अपने परिवार से यह डर भी जताया था कि उसकी पत्नी मुस्कान और उसका प्रेमी साहिल मिलकर उसकी जान ले सकते हैं। 5 मार्च 2025 को सौरभ अचानक लापता हो गया और उसका किराए का कमरा बाहर से बंद मिला, जबकि मुस्कान भी वहां से गायब थी।
नीले ड्रम में मिले थे शव के 15 टुकड़े
पुलिस जांच के दौरान 17 मार्च 2025 को जो सच सामने आया उसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। सौरभ राजपूत का शव उसके ही घर के अंदर एक नीले ड्रम में बरामद हुआ। पुलिस ने 19 मार्च 2025 को मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जुलाई 2025 में इस मामले का ट्रायल जिला जज की अदालत में शुरू हुआ। जांच में खुलासा हुआ कि 3 मार्च 2025 को मुस्कान ने साहिल के साथ मिलकर सौरभ की हत्या की थी। हत्या के अगले दिन यानी 4 मार्च 2025 को शव को ठिकाने लगाने की नीयत से उसके 15 टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में भर दिया गया। इसके बाद 5 मार्च 2025 को दोनों आरोपी बेखौफ होकर शिमला घूमने चले गए थे।
नीला ड्रम हत्याकांड की महत्वपूर्ण तारीखें
- 3 मार्च 2025: मुस्कान और साहिल ने मिलकर सौरभ राजपूत की हत्या को अंजाम दिया।
- 4 मार्च 2025: साक्ष्य मिटाने के लिए शव के 15 टुकड़े कर नीले ड्रम में छिपाए गए।
- 5 मार्च 2025: हत्या के बाद दोनों आरोपी शिमला की यात्रा पर निकल गए।
- 16 मार्च 2025: पुलिस को आरोपियों के खिलाफ कत्ल के पुख्ता सबूत मिले।
- 17 मार्च 2025: घर के अंदर रखे नीले ड्रम से सौरभ का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ।
- 19 मार्च 2025: पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेजा।
- जुलाई 2025: जिला जज की अदालत में मामले की नियमित सुनवाई और ट्रायल शुरू हुआ।
जेल में आरोपियों का व्यवहार और बचाव पक्ष की दलील
जेल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, फैसले की तारीख नजदीक आने पर मुस्कान और साहिल काफी शांत हो गए थे और मुस्कान जेल के अंदर भगवान शिव की पूजा-अर्चना में लगी रहती थी, वहीं साहिल ने दूसरे बंदियों से बातचीत करना पूरी तरह बंद कर दिया था। दोनों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही फैसला सुनने की इच्छा जताई थी। सरकारी अधिवक्ता टीम के सदस्य अभिषेक चौरसिया ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ वैज्ञानिक और चश्मदीद साक्ष्य बहुत मजबूत थे। वहीं बचाव पक्ष के वकीलों ने अदालत से सजा कम करने की गुहार लगाई है। बचाव पक्ष का मुख्य आधार मुस्कान और सौरभ की छोटी बेटी है, जिसका हवाला देते हुए सजा में नरमी बरतने की मांग की गई है। अब सबकी नजरें अदालत द्वारा सुनाई जाने वाली अंतिम सजा पर टिकी हैं।
