लखनऊ में कार पार्किंग को लेकर खूनी संघर्ष, पिता और पुत्र समेत तीन की हत्या

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता इलाके में कार पार्किंग को लेकर हुए खूनी विवाद में एक ही परिवार के तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोपी ऋषभ शुक्ला को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बेहद दहला देने वाली और सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां मामूली सी बात को लेकर हुए विवाद ने एक खूनी संघर्ष का रूप ले लिया और देखते ही देखते एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई। यह खौफनाक वारदात लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नौबस्ता इलाके में घटी है। कार पार्किंग को लेकर शुरू हुआ यह विवाद इतना बढ़ गया कि एक पक्ष ने ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं, जिसमें पिता, उसके बेटे और भाई की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस तिहरे हत्याकांड से पूरे इलाके में मातम और दहशत का माहौल फैल गया है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और मुख्य आरोपी को हिरासत में लेकर उससे गहन पूछताछ शुरू कर दी है ताकि इस घटना के पीछे के सभी पहलुओं को उजागर किया जा सके।

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह पूरी घटना लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता इलाके की है। यहां कार खड़ी करने को लेकर दो पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हुई थी और शुरुआत में यह विवाद केवल जुबानी कहासुनी तक ही सीमित था, लेकिन कुछ ही पलों में मामला इस हद तक बिगड़ गया कि इसने हिंसक रूप ले लिया और गोलियों की तड़तड़ाहट से इलाका गूंज उठा। आरोप है कि विवाद के दौरान एक पक्ष के मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला ने गुस्से में आकर कई राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस अचानक हुई खूनी गोलीबारी से पूरे नौबस्ता इलाके में भारी अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और आरोपी की गोलियों ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जिंदगी छीन ली थी।

इस भीषण गोलीबारी की घटना में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान हो चुकी है। मृतकों में शिवाजी तिवारी, उनका बेटा सुयश तिवारी और शिवाजी का भाई शंभू शामिल हैं। इस तरह एक ही परिवार के तीन नजदीकी सदस्यों की एक साथ हत्या की खबर से पूरे लखनऊ शहर में सनसनी फैल गई है और हर कोई इस निर्मम वारदात से स्तब्ध है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार शिवाजी तिवारी और उनके पड़ोस में रहने वाले शुक्ला परिवार के बीच पिछले करीब 10 साल से लगातार विवाद चला आ रहा था। पुरानी रंजिश और आपसी मनमुटाव की वजह से दोनों परिवारों के रिश्ते पहले से ही बेहद तल्ख थे।

विवाद की पुरानी जड़ें और चबूतरे का निर्माण

जांच में सामने आया है कि इस खूनी संघर्ष की पृष्ठभूमि बहुत पुरानी है। शिवाजी तिवारी अपने घर के पास स्थित बरगद के पेड़ के नीचे एक चबूतरा बनवा रहे थे, जिसका शुक्ला परिवार पहले दिन से ही कड़ा विरोध कर रहा था। इसी चबूतरे के निर्माण को लेकर दोनों परिवारों के बीच पहले भी कई बार तीखी कहासुनी और विवाद हो चुका था और बात इतनी बढ़ गई थी कि यह मामला पहले पुलिस तक भी जा चुका था। हालांकि उस समय पुलिस और स्थानीय हस्तक्षेप के बाद किसी तरह मामला शांत करा दिया गया था और दोनों पक्षों को समझा-बुझा दिया गया था और इसके बावजूद दोनों परिवारों के बीच भीतर ही भीतर तनाव और कड़वाहट पूरी तरह से बनी हुई थी, जो कभी भी किसी बड़े विस्फोट का रूप ले सकती थी।

स्थानीय लोगों ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार को एक बार फिर हालात बेकाबू हो गए। सोमवार को चबूतरे के ठीक सामने कार खड़ी करने को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और पुरानी चिंगारी ने भयंकर आग का रूप ले लिया। शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच गाड़ियों की आवाजाही और कार पार्किंग को लेकर कहासुनी हुई, जो जल्द ही गाली-गलौज और हाथापाई में बदल गई। देखते ही देखते विवाद इस कदर बढ़ गया कि दूसरे पक्ष की ओर से ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी गईं। इस अंधी गोलीबारी में शिवाजी तिवारी, उनके बेटे सुयश तिवारी और उनके भाई शंभू को कई गोलियां लगीं, जिससे वे खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े।

मर्चेंट नेवी में नौकरी करता है आरोपी ऋषभ

इस सनसनीखेज हत्याकांड को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी की पहचान ऋषभ शुक्ला के रूप में की गई है। शुरुआती और स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार आरोपी ऋषभ मर्चेंट नेवी में नौकरी करता है। हालांकि, उसकी वर्तमान तैनाती, रैंक और पद को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक और विस्तृत पुष्टि होना बाकी है, जिसकी जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। एक जिम्मेदार पेशे से जुड़ा होने के बावजूद इस तरह से कानून अपने हाथ में लेना और सरेआम तीन लोगों की हत्या कर देना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और आरोपी ऋषभ को अपनी हिरासत में ले लिया। फिलहाल उससे थाने में लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सोमवार को कार पार्किंग को लेकर विवाद वास्तव में किस बात पर और किन विशेष परिस्थितियों में शुरू हुआ था। इसके अलावा यह भी खंगाला जा रहा है कि इस वारदात को अंजाम देने में ऋषभ के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की कोई भूमिका थी या नहीं। पुलिस इस पूरे मामले की हर एंगल से सूक्ष्मता से जांच कर रही है ताकि सभी आरोपियों को कानून के कटघरे में खड़ा किया जा सके।

पुलिस अधिकारियों का बयान और मौके की स्थिति

घटना की सूचना मिलते ही मौके पर भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे डीसीपी जितेंद्र श्रीवास्तव ने मीडिया को पूरी स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार खड़ी करने को लेकर दो पक्षों के बीच गंभीर विवाद हुआ था, जो धीरे-धीरे हिंसक झड़प में बदल गया। इसी दौरान आरोपी ऋषभ ने उग्र होकर फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से एक ही परिवार के पिता शिवाजी तिवारी, पुत्र सुयश तिवारी और उनके भाई शंभू गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें से दो लोगों की तो मौके पर ही दर्दनाक मौत हो चुकी थी, जबकि तीसरे घायल को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

मौके पर फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉयड को भी बुलाया गया जिन्होंने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। इलाके में तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कानून और व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में बनी रहे। पुलिस का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी साक्ष्यों के आधार पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।