राजनाथ सिंह का कांग्रेस पर प्रहार: बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन की साजिश का आरोप

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर देश में अराजकता फैलाकर बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन की साजिश रचने का आरोप लगाया है। लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कांग्रेस के तीन ऐतिहासिक अपराधों का जिक्र किया और कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करना उनका चौथा बड़ा अपराध है।

विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर लगातार उठाए जा रहे सवालों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने आज देशव्यापी मोर्चा खोल दिया है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला और उन्होंने आरोप लगाया कि देश में बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन करने की एक गहरी साजिश रची जा रही है। राजनाथ सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्तमान में जो भी आंदोलन या विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, वे देश के युवाओं के उज्जवल भविष्य के लिए नहीं हैं, बल्कि उनका एकमात्र उद्देश्य देश में अराजकता पैदा करके सत्ता हासिल करना है। उन्होंने कहा कि सरकार को खुलेआम गिराने की बातें की जा रही हैं, जो लोकतंत्र के लिए एक गंभीर संकेत है।

अराजकता और सत्ता परिवर्तन की साजिश

बीजेपी प्रदेश कार्यालय में आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रक्षा मंत्री ने कहा कि कांग्रेस और उसके राजनीतिक सहयोगी युवाओं की ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण के सकारात्मक कार्यों में लगाने के बजाय उन्हें राजनीतिक टकराव और अराजकता की ओर धकेलने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से रिजीम चेंज जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई और कहा कि इससे यह साफ हो जाता है कि विपक्ष की लड़ाई चुनाव सुधार, एसआई या मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के लिए नहीं है। राजनाथ सिंह के अनुसार, यह पूरी कवायद केवल अराजकता पैदा करके सत्ता हथियाने की एक सोची-समझी रणनीति है और उन्होंने चेतावनी दी कि लोकतांत्रिक ढांचे के भीतर इस तरह की साजिशें देश की स्थिरता के लिए खतरा हैं।

चुनावी इतिहास और राहुल गांधी पर निशाना

राजनाथ सिंह ने कांग्रेस के चुनावी इतिहास का जिक्र करते हुए राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब से देश में वोटर आईडी कार्ड का चलन शुरू हुआ है, तब से कांग्रेस लोकसभा में अपने दम पर सरकार बनाने में विफल रही है और उत्तर प्रदेश के संदर्भ में उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस को राज्य में आखिरी बार 1995 में विजय प्राप्त हुई थी। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि उस समय भारतीय जनता पार्टी केवल 2 सीटों वाली पार्टी हुआ करती थी। राहुल गांधी द्वारा लगाए गए वोट चोरी के आरोपों पर पलटवार करते हुए राजनाथ सिंह ने पूछा कि क्या वह वोट चोरी थी या कांग्रेस की काम चोरी थी। उन्होंने राहुल गांधी के उस पुराने बयान का भी मजाक उड़ाया जिसमें उन्होंने वोट चोरी को हाइड्रोजन बम बताया था। राजनाथ सिंह ने कहा कि उनका वह तथाकथित हाइड्रोजन बम दिवाली के पटाखे की तरह फुस्स साबित हुआ।

संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान और लोकतंत्र

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजनाथ सिंह के साथ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मंच पर मौजूद रहे। रक्षा मंत्री ने दिल्ली में हाल के दिनों में हुए घटनाक्रमों को गंभीर बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि रिजीम चेंज जैसे शब्दों का प्रयोग करना अपने आप में एक गंभीर मामला है। राजनाथ सिंह ने विपक्ष पर झूठा आक्रोश पैदा करने और संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया और उन्होंने राहुल गांधी को सलाह दी कि वे व्यवधान की राजनीति करने के बजाय अपनी राजनीतिक भूमिका का आत्ममंथन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन अराजकता फैलाने का लाइसेंस किसी के पास नहीं है।

कांग्रेस के तीन अक्षम्य अपराधों का विवरण

अपने संबोधन के दौरान राजनाथ सिंह ने कांग्रेस के इतिहास से जुड़े तीन ऐसे अपराध गिनाए जिन्हें उन्होंने अक्षम्य बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का पहला बड़ा अपराध 1975 में आपातकाल लागू करना था, जब इंदिरा गांधी ने लोकतंत्र को बंधक बना लिया था। दूसरा अपराध उन्होंने 1984 में सिख समुदाय के खिलाफ हुए नरसंहार को बताया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दंगाइयों को संरक्षण दिया। तीसरा अपराध उन्होंने 1990 में अयोध्या में कारसेवकों पर हुई गोलीबारी को बताया, जिसमें निहत्थे लोगों पर गोलियां चलाने वालों को तत्कालीन सरकार ने बचाया था। राजनाथ सिंह ने कहा कि अब संवैधानिक मूल्यों और संस्थाओं पर चोट पहुंचाकर कांग्रेस अपना चौथा बड़ा अपराध कर रही है।

चुनाव आयोग और राजीव गांधी हत्याकांड का संदर्भ

रक्षा मंत्री ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए एक ऐतिहासिक उदाहरण पेश किया। उन्होंने कहा कि पहले के नियमों के अनुसार, यदि किसी उम्मीदवार की मृत्यु हो जाती थी, तो केवल उसी सीट पर चुनाव स्थगित होता था। उन्होंने राजीव गांधी की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि वह देश के लिए एक अत्यंत दुखद घटना थी, लेकिन उस समय कांग्रेस ने पूरे देश के चुनाव को स्थगित करवा दिया था, जबकि अमेठी जैसे क्षेत्रों में मतदान संपन्न हो चुका था। उन्होंने पूछा कि जो पार्टी खुद ऐसे फैसले लेती रही है, वह आज चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर किस आधार पर प्रश्नचिन्ह लगा रही है और राजनाथ सिंह ने अंत में दोहराया कि लोकतंत्र में संवैधानिक संस्थाओं पर चोट पहुंचाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।