राजनाथ सिंह ने कांग्रेस को दी चेतावनी, व्यक्तिगत मर्यादाओं पर क्या बोले रक्षा मंत्री

पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर राजनीति गरमा गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे लेकर कांग्रेस पार्टी की कड़ी निंदा की है और व्यक्तिगत मर्यादाओं का उल्लंघन न करने की चेतावनी दी है।

पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर दिए गए बयान पर राजनीतिक घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस विवाद के तूल पकड़ने के बाद अब देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कांग्रेस पार्टी पर जोरदार हमला बोला है। राजनाथ सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि कांग्रेस को व्यक्तिगत मर्यादाओं का उल्लंघन नहीं करना चाहिए और यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब राजधानी पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। अपने भाषण के दौरान जब वे वोट चोरी के मुद्दे पर बोल रहे थे, तभी भीड़ में से एक शख्स ने आवाज लगाई कि मोदी कहीं नहीं जाएंगे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया और कहा कि मोदी का बाप भी जाएगा। इस घटना के बाद सभा में मौजूद लोगों ने उस शख्स की जमकर पिटाई कर दी और उसे वहां से बाहर निकाल दिया।

बाद में यह खुलासा हुआ कि जिस व्यक्ति की पिटाई हुई थी, वह कोई आम नागरिक नहीं बल्कि कांग्रेस पार्टी का ही कार्यकर्ता था और उसका नाम संतोष कुमार है और संतोष कुमार का कहना था कि खरगे की सभा में गलतफहमी की वजह से उनके साथ मारपीट की गई। इस पूरे मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने आक्रामक रुख अपना लिया है। भाजपा का आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर मल्लिकार्जुन खरगे ने यह बेहद आपत्तिजनक बयान कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और विशेषकर राहुल गांधी के इशारे पर दिया है। इस बयान के सामने आने के बाद से ही देश के विभिन्न हिस्सों में मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस पार्टी के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों का दौर शुरू हो चुका है और भाजपा के तमाम बड़े नेता लगातार कांग्रेस अध्यक्ष से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग कर रहे हैं और कांग्रेस की इस राजनीतिक संस्कृति की कड़ी आलोचना कर रहे हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इसी कड़ी में अब देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस प्रकरण पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने बयान में कहा कि कल पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वर्गीय पिताजी के ऊपर की गई टिप्पणी ने उन्हें स्तब्ध और बहुत आहत किया है। राजनाथ सिंह ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि इस पूरे प्रकरण में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस तरह की अभद्र टिप्पणी किसी सामान्य कार्यकर्ता या किसी युवा नेता ने नहीं दी है, बल्कि जो पार्टी खुद को देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी होने का दावा करती है, उसी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने यह बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने इस गैर-जिम्मेदाराना आचरण से देश के करोड़ों नागरिकों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है।

राजनाथ सिंह इतने पर ही नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस के लोग अपनी गलती मानकर रुकने वाले नहीं हैं, बल्कि वे अब मल्लिकार्जुन खरगे के इन आपत्तिजनक शब्दों को जस्टिफ़ाई करने में जुटे हुए हैं। अपनी इस गलती को स्वीकार कर खेद व्यक्त करने के बजाय कांग्रेस पार्टी इस बयान को सही ठहराने और इसका बचाव करने का प्रयास कर रही है, जिससे देशवासियों की भावनाएं एक बार फिर आहत हो रही हैं। रक्षा मंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि खरगे जिस उच्च पद पर आसीन हैं, उनसे सार्वजनिक जीवन में अधिक गंभीरता, संयम, मर्यादा और जिम्मेदार आचरण की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में यदि देश की सबसे पुरानी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ही इस तरह की घटिया भाषा का इस्तेमाल करेंगे, तो यह न केवल उनके पद की गरिमा के पूरी तरह विपरीत है, बल्कि यह कांग्रेस पार्टी की आंतरिक राजनीतिक संस्कृति पर भी बेहद गंभीर सवाल खड़े करता है। राजनीतिक विरोध अपनी जगह पर हो सकता है, वैचारिक मतभेद भी हो सकते हैं, लेकिन इस तरह का स्तरहीन आचरण किसी भी परिस्थिति में सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं किया जा सकता है।

राजनाथ सिंह ने पिछली घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि कल तक कांग्रेस पार्टी के कुछ नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि का मजाक उड़ाया करते थे और उनकी पूजनीय माताजी के प्रति भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते रहे हैं। लेकिन आज यह विडंबना है कि वही स्तरहीन राजनीति अब कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पूरी तरह पहुंच चुकी है। कांग्रेस की राजनीति का स्तर हर गुजरते दिन के साथ गिरने के नए-नए रिकॉर्ड बना रहा है। राजनाथ सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा कि वैचारिक विरोध को व्यक्तिगत अपमान में बदल देना, राजनीतिक असहमति को अभद्र भाषा के स्तर तक ले जाना और प्रधानमंत्री के परिवार को लगातार निशाना बनाना केवल और केवल कांग्रेस पार्टी की गहरी हताशा और उनकी वैचारिक शून्यता को दर्शाता है और यह सिर्फ एक व्यक्ति विशेष या एक परिवार का अपमान नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर भारतीय लोकतंत्र और राजनीति की गरिमा पर एक बहुत बड़ा प्रहार है। लोकतंत्र में आप आइए, डटकर विरोध कीजिए, सरकार की नीतियों पर सवाल उठाइए, सरकार की आलोचना कीजिए, लेकिन कभी भी व्यक्तिगत मर्यादाओं का उल्लंघन मत कीजिए।

अपने संबोधन के अंत में राजनाथ सिंह ने कहा कि आज कांग्रेस पार्टी का सिर्फ राजनीतिक पतन ही नहीं हुआ है, बल्कि उसका वैचारिक पतन भी पूरी तरह हो चुका है। कांग्रेस पार्टी को यह बात हमेशा याद रखनी चाहिए कि लोकतंत्र में जनता जनार्दन हर छोटी-बड़ी बात का पूरा हिसाब रखती है और उचित समय आने पर अपनी प्रतिक्रिया और जवाब भी जरूर देती है। रक्षा मंत्री ने बहुत स्पष्ट लहजे में कांग्रेस को यह चेतावनी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस तरह की ओछी और स्तरहीन टिप्पणियों से न तो कभी विचलित किया जा सकता है और न ही देश की जनसेवा के उनके महान संकल्प को किसी भी परिस्थिति में कमजोर किया जा सकता है। भाजपा लगातार इस मुद्दे को तूल दे रही है और देश भर में कांग्रेस के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में राजनीतिक पारा और अधिक चढ़ने के पूरे आसार हैं।