भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली जा रही मौजूदा टी20 सीरीज के शुरुआती दोनों मैचों में शानदार जीत हासिल करते हुए सीरीज में अपनी बढ़त मजबूत कर ली है, लेकिन इसके बावजूद टीम के गेंदबाजों का प्रदर्शन पूरी तरह से उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। खासकर लंबे अंतराल के बाद टीम इंडिया में वापसी करने वाले अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार के लिए शुरुआती दोनों मुकाबले बेहद चुनौतीपूर्ण और कठिन साबित हुए हैं। चार साल के लंबे इंतजार के बाद भारतीय टीम में वापसी करने वाले भुवनेश्वर कुमार से टीम प्रबंधन और देश के करोड़ों प्रशंसकों को बहुत ज्यादा उम्मीदें थीं, लेकिन वे शुरुआती दो मैचों में अपनी गेंदबाजी से कोई खास कमाल नहीं दिखा पाए और काफी महंगे साबित हुए। भुवनेश्वर कुमार के इस शुरुआती खराब प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल खुलकर सामने आए हैं और उन्होंने अनुभवी गेंदबाज का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें एक बेहद महत्वपूर्ण और कीमती सलाह दी है।
शुरुआती दो मैचों में भुवनेश्वर का निराशाजनक प्रदर्शन
न्यूजीलैंड के खिलाफ मौजूदा टी20 सीरीज के शुरुआती दोनों मैचों में भुवनेश्वर कुमार की गेंदबाजी में वह धार नजर नहीं आई जिसके लिए वे पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। उन्होंने सीरीज के दोनों मैचों को मिलाकर कुल 8 ओवर गेंदबाजी की और इन 8 ओवरों में उन्होंने खुलकर रन लुटाए। भुवनेश्वर ने दोनों मैचों में कुल 99 रन दिए और इस दौरान उनके हाथ केवल एक ही सफलता लगी। सीरीज के पहले मुकाबले में भुवनेश्वर कुमार ने अपने कोटे के 4 ओवर पूरे फेंके और बिना कोई भी विकेट हासिल किए 49 रन खर्च कर दिए। इसके बाद सीरीज के दूसरे टी20 मुकाबले में भी उनकी गेंदबाजी में कोई खास सुधार देखने को नहीं मिला, जहां उन्होंने अपने 4 ओवरों के स्पेल में 50 रन लुटाए और केवल एक विकेट अपने नाम करने में सफल रहे। इस तरह से शुरुआती दो मुकाबलों में उनका प्रदर्शन बेहद औसत रहा, जिसके बाद उनकी फॉर्म और लय को लेकर क्रिकेट गलियारों में चर्चाओं और आलोचनाओं का दौर शुरू हो गया है।
गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल का भुवनेश्वर के समर्थन में बयान
खराब प्रदर्शन और लगातार आलोचनाओं के बीच भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने भुवनेश्वर कुमार का पूरी तरह से समर्थन किया है और उनका हौसला बढ़ाया है। मोर्ने मोर्कल का मानना है कि भुवनेश्वर के लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से थोड़ा बुरा भी महसूस होता है, क्योंकि चार साल के लंबे समय के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट में कमबैक करने के कारण उन पर बहुत ज्यादा उम्मीदों का भारी दबाव है। हालांकि भुवनेश्वर ने हाल ही के समय में इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल में बेहद बेहतरीन और शानदार खेल दिखाया था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का स्तर और दबाव घरेलू लीग से पूरी तरह अलग होता है जहां थोड़ी सी भी गलती या चूक की कोई गुंजाइश नहीं बचती है। मोर्कल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भुवी को अपने दिमाग से इस तरह के सभी प्रकार के दबाव को पूरी तरह से हटा देना चाहिए, क्योंकि इतने लंबे समय के बाद वापसी करने के बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के स्तर और रफ्तार के हिसाब से खुद को ढालने और ट्रेनिंग करने के लिए पर्याप्त समय भी नहीं मिल पाया है।
अनुभव की कोई कमी नहीं, बस नेचुरल गेम खेलने की जरूरत
गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने भुवनेश्वर कुमार के हुनर और अपार अनुभव की तारीफ करते हुए कहा कि हम सब अच्छी तरह से जानते हैं कि भुवनेश्वर के पास टैलेंट और अनुभव की किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं है, लेकिन क्रिकेट के खेल का पूरा सम्मान करते हुए हमें अब तक के पिछले परिणामों को भूलकर केवल आगे बढ़ने की सोच रखनी चाहिए और मोर्कल के अनुसार, टीम में अपनी जगह को पूरी तरह से पक्की करने और अपनी पुरानी लय हासिल करने के लिए उन्हें अभी और भी कई मौके दिए जाने चाहिए। मोर्कल ने बताया कि उन्होंने भुवनेश्वर से पहले दिन से यही बात समझाई है कि उन्हें किसी भी बात को लेकर घबराने की या अनावश्यक रूप से किसी चीज़ के पीछे भागने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। उन्हें केवल अपनी स्वाभाविक और नेचुरल गेंदबाजी पर ही पूरा ध्यान केंद्रित करना चाहिए और क्रीज पर कुछ नया करने के चक्कर में अपनी मूल शैली से भटकना नहीं चाहिए। मोर्कल ने माना कि इस समय उन पर थोड़ा मानसिक दबाव जरूर है, लेकिन उन्हें पूरा भरोसा है कि भुवनेश्वर हर गुजरते मैच के साथ और अधिक बेहतर प्रदर्शन करेंगे और जल्द ही अपनी पुरानी लय व धार वापस पा लेंगे।
बाहरी आलोचनाओं और शोर से दूर रहने की सलाह
मोर्ने मोर्कल ने भुवनेश्वर कुमार को यह भी सलाह दी है कि उन्हें किसी भी तरह के बाहरी शोर, सोशल मीडिया की प्रतिक्रियाओं और आलोचनाओं पर बिल्कुल भी ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है और आधुनिक युग में जब खिलाड़ी मैदान पर उतरते हैं तो उन पर चारों तरफ से उम्मीदों का दबाव होता है, लेकिन एक अनुभवी खिलाड़ी होने के नाते भुवनेश्वर को इन सब चीजों से ऊपर उठना होगा। मोर्कल ने कहा कि उन्हें लोगों की बातों की परवाह किए बिना केवल अपने खेल पर फोकस करना चाहिए। भुवनेश्वर कुमार की उम्र इस समय 36 वर्ष है, और उन्होंने हाल ही के वर्षों में अपनी फ्रेंचाइजी टीम के लिए बेहद शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने साल 2025 और साल 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु यानी आरसीबी को आईपीएल का चैंपियन बनाने में बहुत ही अहम और निर्णायक भूमिका निभाई थी। आईपीएल 2026 के दौरान उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए कुल 16 मैच खेले थे और अपनी धारदार गेंदबाजी के दम पर कुल 28 विकेट चटकाए थे, जिसके कारण उनकी टीम ने खिताब पर कब्जा जमाया था। इसी शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने चार साल बाद भारतीय टीम में अपनी वापसी का रास्ता साफ किया था। अब टीम प्रबंधन और गेंदबाजी कोच को उम्मीद है कि भुवनेश्वर कुमार जल्द ही अपनी पुरानी फॉर्म में लौटेंगे और आने वाले मैचों में भारत के लिए मैच विनर साबित होंगे।
