ईरान में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद देश में कई लोगों पर कार्रवाई की गई है। इसी कड़ी में, 63 वर्षीय नाजनींन बरादरन को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व करने और अशांति फैलाने का आरोप है। ईरानी मीडिया के अनुसार, उन्हें विरोध प्रदर्शनों की 'लीडर' बताया जा रहा है और उन पर अमेरिका और इजराइल से संबंध रखने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह गिरफ्तारी जटिल खुफिया अभियानों के बाद की गई है, जिसमें IRGC ने इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर कार्रवाई की।
**कौन हैं नाजनींन बरादरन?
नाजनींन बरादरन का जन्म 1963 में हुआ था। उन्होंने ईरान के शिराज शहर में स्थित शिराज यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई पूरी की और नाजनींन देश के कई सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय रही हैं, खासकर महिलाओं से संबंधित सशक्तिकरण के मुद्दों पर वह लगातार अपनी आवाज उठाती रही हैं। उनकी पहचान एक ऐसी शख्सियत के तौर पर रही है जो सामाजिक बदलावों के लिए सक्रिय रहती हैं।
नेतृत्व और हिंसा भड़काने के आरोप
ईरानी मीडिया का दावा है कि नाजनींन बरादरन पर विरोध प्रदर्शनों को हिंसक बनाने की मास्टरमाइंड होने का आरोप है और उन्हें प्रदर्शनकारियों की मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक बताया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, वह 'राहा परहम' कोडनेम के तहत काम कर रही थीं और अशांति तथा विरोध प्रदर्शनों को संगठित करने में उनकी भूमिका काफी अहम बताई गई है। इन आरोपों ने ईरान के भीतर और बाहर काफी हलचल मचा दी है।
ईरानी मीडिया रिपोर्टों में नाजनींन बरादरन के देश के निर्वासित प्रिंस रजा पहलवी से कनेक्शन बताए गए हैं। रजा पहलवी ने भी ईरान में विरोध प्रदर्शनों की आग को सुलगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके एक पोस्ट से देश में लोगों का गुस्सा बढ़ गया था, जिसके बाद बड़ी तादाद में लोग सड़कों पर उतरे। सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इंटरनेट तक बंद कर दिया था। हाल ही में, पहलवी ने लोगों से सप्ताहांत पर बड़ी तादाद में सड़कों पर उतरने की अपील की थी। नाजनींन बरादरन पर आरोप है कि वह रजा पहलवी की ओर से काम कर रही थीं।
CIA से संपर्क के दावे
रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि रजा पहलवी के जरिए ही नाजनींन बरादरन अमेरिका की खुफिया एजेंसी सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) के संपर्क में थीं और ईरानी मीडिया का यह भी दावा है कि इस महिला की गिरफ्तारी के बाद देश में विरोध प्रदर्शन शांत हो गए हैं। हालांकि, समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने स्पष्ट किया है कि वह न तो इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि कर सकी है और न ही बरादरन की पहचान को सत्यापित कर पाई है। इन दावों की सत्यता अभी भी सवालों के घेरे में है।
खामेनेई ने अमेरिका पर लगाए आरोप
जहां एक ओर प्रदर्शनकारियों की कथित लीडर का संपर्क अमेरिका और रजा पहलवी के साथ बताया गया है, वहीं दूसरी ओर देश में 28 दिसंबर से शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद पहली बार सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का बयान सामने आया है। खामेनेई ने अमेरिका पर तीखा हमला करते हुए उन पर ईरानी जनता के खिलाफ लगाए गए आरोपों, हुए नुकसान और जान-माल के नुकसान का जिम्मेदार होने का आरोप लगाया और उन्होंने कहा, "इन हताहतों, नुकसान और ईरानी राष्ट्र पर लगाए गए आरोपों के लिए ट्रंप दोषी हैं। " खामेनेई ने इसे अमेरिका की साजिश बताया और कहा कि अमेरिका का मकसद ईरान को निगल लेना है। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका का लक्ष्य ईरान को फिर से सैन्य, राजनीतिक और आर्थिक रूप से अपने अधीन लाना है। यह बयान विरोध प्रदर्शनों के पीछे बाहरी ताकतों के हाथ होने के सरकार के रुख को और मजबूत करता है।