पाकिस्तान क्रिकेट टीम के हालिया प्रदर्शन को देखकर आज हर क्रिकेट प्रेमी के मन में यही सवाल उठ रहा है कि आखिर इस टीम को क्या हो गया है। पाकिस्तान क्रिकेट टीम जिस तरह से बर्बादी की राह पर चल पड़ी है, उसके पीछे के कारणों को समझना बेहद जरूरी है। हालांकि, इस बड़े सवाल का जवाब आपको केवल खिलाड़ियों के प्रदर्शन में नहीं, बल्कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के आंतरिक ढांचे और उसकी कार्यप्रणाली में मिलेगा। पाकिस्तान क्रिकेट की इस बदहाली की सबसे बड़ी वजह पीसीबी के अंदर ही मौजूद है, जो इसे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से पूरी तरह अलग बनाती है।
PCB और BCCI के बीच का बुनियादी अंतर
भारत और पाकिस्तान दोनों ही देशों में क्रिकेट सबसे लोकप्रिय खेल है, लेकिन दोनों देशों की क्रिकेट के स्तर में आज जो जमीन-आसमान का अंतर दिखाई देता है, उसके पीछे प्रशासनिक नेतृत्व की एक बड़ी भूमिका है। भारत में बीसीसीआई क्रिकेट को संचालित करती है, और इसके नेतृत्व की एक खास परंपरा रही है। बीसीसीआई के अध्यक्ष के रूप में अमूमन उन्हीं लोगों को चुना जाता है जो क्रिकेट की दुनिया से गहराई से जुड़े रहे हैं। वर्तमान में बीसीसीआई के अध्यक्ष मिथुन मिन्हास हैं, जो खुद एक पूर्व क्रिकेटर रहे हैं। उनसे पहले इस पद की जिम्मेदारी रोजर बिन्नी और सौरव गांगुली जैसे दिग्गजों ने संभाली है। ये सभी नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट खेल चुके हैं और सौरव गांगुली ने तो भारतीय टीम की कप्तानी भी की है।
पीसीबी में गैर-क्रिकेटरों का दबदबा
दूसरी ओर, अगर हम पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्षों की सूची देखें, तो वहां स्थिति बिल्कुल विपरीत नजर आती है। पीसीबी के चेयरमैन के पद पर पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटरों के बजाय पूर्व मुख्यमंत्रियों, पत्रकारों और बड़े व्यापारियों का कब्जा रहा है। पीसीबी के मौजूदा अध्यक्ष मोहसिन नकवी हैं, जो पूर्व मुख्यमंत्री, मंत्री और पत्रकार रह चुके हैं। उनका क्रिकेट के खेल से कभी कोई सीधा पेशेवर संबंध नहीं रहा है। मोहसिन नकवी से पहले इस पद पर जका अशरफ थे, जो एक बैंकर और बिजनेसमैन के रूप में जाने जाते थे। वहीं, उनसे पहले पीसीबी चीफ रहे नजम सेठी भी पूर्व मुख्यमंत्री और पत्रकार की पृष्ठभूमि से आते हैं।
खेल पर राजनीति का प्रभाव
जब किसी देश में क्रिकेट की कमान ऐसे लोगों के हाथों में होती है जो सत्ता के गलियारों से जुड़े होते हैं और जिन्हें क्रिकेट की बारीकियों या खेल की बुनियादी समझ नहीं होती, तो वहां खेल से ज्यादा राजनीति हावी होने लगती है। क्रिकेट के प्रशासन में जब ऐसे लोग बैठते हैं जिन्हें खेल की ए, बी, सी भी नहीं पता, तो उनके फैसले खेल के विकास के बजाय राजनीतिक हितों से प्रेरित होने लगते हैं। यही वह मुख्य कारण है जिसकी वजह से पाकिस्तान में क्रिकेट का स्तर लगातार गिरता जा रहा है और जब खेल के मैदान पर लिए जाने वाले फैसलों में राजनीति का दखल बढ़ जाता है, तो क्रिकेट का बर्बाद होना निश्चित है, और वर्तमान में पाकिस्तान क्रिकेट इसी दौर से गुजर रहा है।
