PCB का बड़ा सफाई अभियान: चीफ सिलेक्टर आकिब जावेद की जा सकती है कुर्सी, इंग्लैंड दौरे के बीच हड़कंप

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इंग्लैंड दौरे पर टीम के खराब प्रदर्शन के बाद बड़े स्तर पर सफाई अभियान शुरू किया है। 7 खिलाड़ियों को वापस बुलाने के बाद अब चीफ सिलेक्टर आकिब जावेद की कुर्सी पर भी खतरा मंडरा रहा है और नई चयन समिति का गठन जल्द हो सकता है।

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने इंग्लैंड दौरे के बीच में ही पाकिस्तानी टीम के निराशाजनक प्रदर्शन को देखते हुए एक बड़ा सफाई अभियान शुरू कर दिया है। बोर्ड ने कड़ा रुख अपनाते हुए जहां 7 खिलाड़ियों को तुरंत स्वदेश लौटने का आदेश दिया है, वहीं अब इस अभियान की गाज चीफ सिलेक्टर आकिब जावेद पर भी गिरती नजर आ रही है। पाकिस्तान की टीम वर्तमान में इंग्लैंड के दौरे पर है, जहां उसे तीन टेस्ट मैचों की सीरीज का आखिरी मुकाबला खेलना अभी बाकी है। हालांकि, सीरीज के शुरुआती दो मुकाबलों में मिली शर्मनाक हार ने बोर्ड को दौरे के खत्म होने से पहले ही बड़े बदलाव करने पर मजबूर कर दिया है।

खिलाड़ियों और कोचों की हुई छुट्टी

लॉर्ड्स टेस्ट मैच में मिली करारी हार के तुरंत बाद पीसीबी ने कड़ा फैसला लेते हुए टेस्ट स्क्वाड में शामिल 7 खिलाड़ियों को वापस घर बुला लिया। बोर्ड का यह कदम टीम के भीतर मचे घमासान और खराब प्रदर्शन के प्रति उनकी जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाता है। खिलाड़ियों के साथ-साथ टीम के हेड कोच सरफराज अहमद और उमर गुल को भी तत्काल प्रभाव से स्वदेश लौटने का आदेश दे दिया गया है। इस बड़े बदलाव ने पाकिस्तानी क्रिकेट जगत में हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि दौरे के बीच में इतने बड़े स्तर पर कार्रवाई कम ही देखने को मिलती है।

आकिब जावेद की कुर्सी पर मंडराया खतरा

पीसीबी द्वारा चलाए जा रहे इस सफाई अभियान में सबसे बड़ा नाम चीफ ऑफ सिलेक्टर और पूर्व दिग्गज खिलाड़ी आकिब जावेद का सामने आ रहा है। सूत्रों के अनुसार, आकिब जावेद की चीफ सिलेक्टर के पद से छुट्टी होना लगभग तय माना जा रहा है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के हवाले से एक विश्वसनीय सूत्र ने बताया कि आकिब को अब लाहौर स्थित हाई परफॉर्मेंस सेंटर में अपनी सेवाएं देने के लिए कहा जा सकता है। उन्हें वहां विकास निदेशक के रूप में नई भूमिका सौंपी जा सकती है, जिसका सीधा अर्थ यह है कि चयन समिति में उनका दबदबा अब खत्म होने वाला है।

रिजवान और इमाम को वापस भेजने के पीछे के कारण

रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि रिजवान, इमाम और सलमान को वापस भेजना पीसीबी की एक सोची-समझी योजना का हिस्सा था और विशेष रूप से रिजवान और इमाम के मामले में यह बात सामने आई है कि उन्हें न केवल उनके खराब फॉर्म के कारण टीम से बाहर किया गया, बल्कि ड्रेसिंग रूम में उनके व्यवहार को लेकर भी बोर्ड खुश नहीं था। बोर्ड अब टीम के अनुशासन और प्रदर्शन दोनों पर एक साथ काम करना चाहता है, जिसके चलते यह सख्त कदम उठाए गए हैं।

माइक हेसन की सिफारिश और नई चयन समिति

इमाम और रिजवान के अलावा अन्य खिलाड़ियों को वापस भेजने का निर्णय टेस्ट टीम के अंतरिम मुख्य कोच माइक हेसन की सिफारिश पर लिया गया है। हेसन उन खिलाड़ियों को मौका देना चाहते थे जिनके साथ उन्होंने लिमिटेड ओवर्स की टीम के लिए लगाए गए कैंप में काम किया था और पीसीबी के सूत्रों का कहना है कि इंग्लैंड दौरे के आधिकारिक रूप से समाप्त होने के बाद पाकिस्तानी टीम के लिए एक नई चयन समिति की घोषणा की जा सकती है। यह स्पष्ट है कि बोर्ड अब भविष्य की चुनौतियों के लिए पूरी तरह से नए चेहरों और नई रणनीति के साथ आगे बढ़ने की तैयारी कर रहा है।