क्रिकेट जगत में इस समय हलचल मची हुई है। आईसीसी द्वारा बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर किए जाने के। फैसले ने पूरे दक्षिण एशियाई क्रिकेट परिदृश्य को हिला कर रख दिया है। इस फैसले का सबसे गहरा असर पाकिस्तान पर पड़ता दिख रहा है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने अब आगामी टूर्नामेंट में अपनी भागीदारी को लेकर संशय की। स्थिति पैदा कर दी है, जिससे फैंस और आईसीसी दोनों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
मोहसिन नकवी का कड़ा रुख और सरकारी हस्तक्षेप
आईसीसी के फैसले के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कर दिया कि पाकिस्तान की टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेगी या नहीं, यह पूरी तरह से पाकिस्तान सरकार के हाथ में है। नकवी ने 24 जनवरी को कहा कि हम अपनी सरकार के निर्देशों का पालन करेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पीसीबी आईसीसी के आदेशों से ऊपर अपनी सरकार के आदेशों को प्राथमिकता देगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्रिकेट और। राजनीति के बीच की लकीरें धुंधली होती जा रही हैं।
चीफ सिलेक्टर आकिब जावेद ने तोड़ी चुप्पी
भले ही भागीदारी पर संशय हो, लेकिन पीसीबी ने 25 जनवरी को टूर्नामेंट के लिए अपनी 15 सदस्यीय टीम का ऐलान कर सबको हैरान कर दिया और टीम की घोषणा के दौरान जब चीफ सिलेक्टर आकिब जावेद से टूर्नामेंट में खेलने को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही नपे-तुले अंदाज में जवाब दिया। आकिब जावेद ने कहा कि हमारा काम सिर्फ टीम का चयन करना है और हमने आईसीसी की समय सीमा के भीतर अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम चुन ली है। उन्होंने आगे कहा कि मैदान पर उतरना है या नहीं, यह फैसला। सरकार का होगा और हम सिर्फ उनके आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
श्रीलंका में होने हैं पाकिस्तान के मैच
टी20 वर्ल्ड कप 2026 की मेजबानी भारत और श्रीलंका संयुक्त रूप से कर रहे हैं। सुरक्षा और राजनीतिक कारणों से पाकिस्तान को अपने सभी मैच श्रीलंका में खेलने हैं। इसके बावजूद पाकिस्तान का रुख काफी सख्त नजर आ रहा है। जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाकर आईसीसी पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।
आईसीसी के कड़े प्रतिबंधों का खतरा
यदि पाकिस्तान अंतिम समय में वर्ल्ड कप से हटने का फैसला करता है, तो उसे आईसीसी की ओर से भारी जुर्माने और प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है और इसमें न केवल वित्तीय नुकसान शामिल है, बल्कि भविष्य के आईसीसी टूर्नामेंटों से निलंबन की संभावना भी बनी हुई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री फिलहाल देश से बाहर हैं और उनके लौटते ही इस पर अंतिम मुहर लगने की उम्मीद है।
क्रिकेट फैंस के लिए बढ़ी चिंता
पाकिस्तान और भारत के बीच होने वाले मुकाबलों का इंतजार पूरी दुनिया को रहता है। अगर पाकिस्तान इस टूर्नामेंट से बाहर होता है, तो यह न केवल ब्रॉडकास्टर्स। के लिए बड़ा झटका होगा बल्कि करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों का दिल भी टूट जाएगा। अब सबकी नजरें पाकिस्तान सरकार के उस अंतिम फैसले पर। टिकी हैं जो टी20 वर्ल्ड कप 2026 का भविष्य तय करेगा।