PhonePe IPO: अब शेयर बाजार में मचेगा तहलका, कमाई का सुनहरा मौका!

वॉलमार्ट समर्थित फोनपे को सेबी से आईपीओ के लिए हरी झंडी मिल गई है। कंपनी 1.5 अरब डॉलर जुटाने की तैयारी में है, जो भारतीय फिनटेक सेक्टर का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है।

भारतीय डिजिटल भुगतान क्षेत्र की दिग्गज कंपनी फोनपे अब शेयर बाजार में अपनी धाक जमाने के लिए पूरी तरह तैयार है। वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली इस फिनटेक कंपनी को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए मंजूरी मिल गई है। यह खबर उन निवेशकों के लिए बेहद उत्साहजनक है जो लंबे समय से भारतीय फिनटेक बाजार में निवेश के बड़े अवसरों की तलाश कर रहे थे। सेबी की यह मंजूरी कंपनी के लिए सबसे बड़ी नियामक बाधा को दूर करती है और। इसे भारत के अब तक के सबसे बड़े फिनटेक आईपीओ की श्रेणी में खड़ा करती है।

इतनी बड़ी रकम जुटाने की तैयारी

बाजार के जानकारों और हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फोनपे इस आईपीओ के जरिए करीब 1. 5 अरब डॉलर (लगभग 12,500 करोड़ रुपये) जुटाने की योजना बना रही है और हालांकि, बाजार की स्थितियों के आधार पर लिस्टिंग के समय इस राशि में थोड़ा बदलाव संभव है। खास बात यह है कि यह पूरा इश्यू 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) होने की उम्मीद है। इसका मतलब है कि कंपनी के मौजूदा बड़े निवेशक जैसे टाइगर ग्लोबल, माइक्रोसॉफ्ट और वॉलमार्ट अपनी कुछ हिस्सेदारी बाजार में बेचेंगे और इससे नए निवेशकों को कंपनी का हिस्सा बनने का मौका मिलेगा।

वैल्यूएशन और निवेशकों का अटूट भरोसा

फोनपे की आखिरी वैल्यूएशन करीब 14. 5 अरब डॉलर आंकी गई थी। यह मूल्यांकन 2025 के अंत में जनरल अटलांटिक के नेतृत्व में हुई 600 मिलियन डॉलर की फंडिंग के बाद तय हुआ था। अगर हम पीछे मुड़कर देखें, तो मई 2023 में कंपनी की वैल्यूएशन 12. 5 अरब डॉलर थी। महज कुछ ही समय में वैल्यूएशन में हुई यह बढ़ोतरी दर्शाती है कि वैश्विक निवेशकों का फोनपे के बिजनेस मॉडल और भारत के डिजिटल भविष्य पर कितना गहरा भरोसा है।

दिसंबर 2015 में अपनी यात्रा शुरू करने वाली फोनपे आज भारत की सबसे बड़ी डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म बन चुकी है। आंकड़ों पर नजर डालें तो कंपनी के पास 43. 5 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स हैं और इसका सीधा मतलब यह है कि भारत का लगभग हर चौथा व्यक्ति किसी न किसी रूप में फोनपे का इस्तेमाल कर रहा है। कंपनी ने न केवल बड़े शहरों बल्कि टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी अपनी पैठ बनाई है। करीब 3. 5 करोड़ मर्चेंट नेटवर्क के साथ फोनपे की सेवाएं भारत के 99 प्रतिशत पिनकोड तक पहुंच चुकी हैं।

वित्तीय सेहत में सुधार और भविष्य की योजनाएं

फोनपे सिर्फ एक पेमेंट ऐप नहीं रह गया है, बल्कि यह एक पूर्ण वित्तीय सेवा मंच (Full Financial Service Platform) के रूप में उभर रहा है। कंपनी भारत बिल पेमेंट सिस्टम (BBPS) में 45 प्रतिशत से अधिक ट्रांजैक्शन प्रोसेस करती है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में कंपनी का प्रदर्शन शानदार रहा है। कंपनी का घाटा 1,996 करोड़ रुपये से घटकर 1,727 करोड़ रुपये रह गया है, जबकि ऑपरेटिंग रेवेन्यू में 40 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो अब 7,115 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।

निवेशकों के लिए क्या है खास

इस मेगा आईपीओ को कोटक महिंद्रा कैपिटल, जेपी मॉर्गन और मॉर्गन स्टेनली जैसे दिग्गज निवेश बैंक मैनेज करेंगे। सेबी की मंजूरी के बाद अब गेंद कंपनी के पाले में है कि वह बाजार की स्थितियों को देखते हुए कब लिस्टिंग की तारीख तय करती है और विशेषज्ञों का मानना है कि फोनपे का आईपीओ भारतीय शेयर बाजार में नई जान फूंक सकता है और रिटेल निवेशकों के लिए लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन का एक बड़ा जरिया बन सकता है।