केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक वीडियो के संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने इस वीडियो को पूरी तरह से फर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के माध्यम से तैयार किया गया डीपफेक करार दिया है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि गलत सूचना फैलाने के लिए तकनीक का ऐसा गैर-जिम्मेदाराना दुरुपयोग कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने दोषियों के खिलाफ औपचारिक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और पुलिस में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक वीडियो सामने आया जिसमें मंत्री को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर कथित तौर पर सख्त और विवादित टिप्पणी करते हुए दिखाया गया था।
वायरल डीपफेक वीडियो में क्या दावा किया गया था?
सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस फर्जी वीडियो में मंत्री को संसद के बाहर मीडिया कर्मियों से बात करते हुए दिखाया गया है और हेरफेर किए गए इस फुटेज में उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है कि उनका मानना है कि दो-तीन कॉकरोचों को सरेआम लटका दिया जाना चाहिए। वीडियो में आगे यह दावा किया गया कि ऐसा करने से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को असलियत का अंदाजा हो जाएगा कि सरकार की ताकत क्या है और वह किस हद तक जा सकती है। फर्जी बयान में यह भी कहा गया कि जब ये लोग अपने दो-तीन साथियों को इस तरह लटकते हुए देखेंगे, तो इनका सारा हुड़दंग शांत हो जाएगा। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी, जिसके बाद मंत्री ने स्वयं सामने आकर इसकी सच्चाई बताई।
पीयूष गोयल की सफाई और पुलिस कार्रवाई
जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर स्पष्ट किया कि यह वीडियो पूरी तरह से फर्जी है। उन्होंने कहा कि गलत जानकारी फैलाने की कोशिश में, संसद के बाहर मीडिया से कही गई उनकी बातों को AI का इस्तेमाल करके बुरी नीयत से बदला गया और एक डीपफेक वीडियो बनाकर फैलाया गया। मंत्री ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। 25 जुलाई 2026 को सुबह 4:35 बजे चाणक्यपुरी पुलिस स्टेशन में FIR (नंबर 123/26) दर्ज की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस नकली वीडियो को बनाने, फैलाने या आगे बढ़ाने में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों को गुमराह करने के लिए AI का गलत इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
जनता से अपील और PIB फैक्ट चेक की रिपोर्ट
पीयूष गोयल ने नागरिकों से अपील की है कि वे जानकारी के लिए केवल वेरिफाइड और भरोसेमंद स्रोतों पर ही भरोसा करें। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत के जागरूक नागरिक और युवा ऐसी गलत जानकारी का शिकार नहीं बनेंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह की हरकतें लोकतांत्रिक संवाद को नुकसान पहुंचाती हैं। इसी बीच, PIB फैक्ट चेक ने भी इस वीडियो की जांच की और इसे फर्जी पाया और pIB ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि यह असली वीडियो नहीं है और इसे AI की मदद से तैयार किया गया है। PIB ने यह भी खुलासा किया कि पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा वाले कुछ सोशल मीडिया अकाउंट इस वीडियो को प्रसारित कर रहे हैं, जिसमें झूठा दावा किया गया है कि मंत्री ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ धमकी भरी टिप्पणी की। PIB ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय मंत्री ने दिल्ली में हुए प्रदर्शन के संबंध में ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।
