प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना के तहत अगली किस्त का इंतजार कर रहे करोड़ों किसानों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्र सरकार 24 फरवरी 2026 के बाद कभी भी योजना की 22वीं किस्त जारी कर सकती है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना ₹6000 की आर्थिक सहायता दी जाती है, जो ₹2000 की तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जाती है। पिछली यानी 21वीं किस्त 19 नवंबर 2025 को जारी की गई थी, जिसके बाद से ही किसान अगली किस्त की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत फरवरी 2019 के अंतरिम बजट में की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य देश के छोटे और सीमांत किसानों को खेती से जुड़े खर्चों में सहायता प्रदान करना है। यह योजना पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित है और इसे कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित किया जाता है। अब तक सरकार द्वारा 21 किस्तें सफलतापूर्वक वितरित की जा चुकी हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नकदी का प्रवाह बना रहता है।
22वीं किस्त की संभावित तारीख और मीडिया रिपोर्ट्स
आधिकारिक सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार होली के त्योहार से पहले किसानों को राहत देने की योजना बना रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि 24 फरवरी 2026 के बाद किसी भी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से एक बटन दबाकर करोड़ों किसानों के खातों में ₹2000 की राशि भेज सकते हैं। हालांकि, कृषि मंत्रालय की ओर से अभी तक किसी निश्चित तिथि की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन पिछले वर्षों के रुझानों को देखते हुए फरवरी का अंतिम सप्ताह इसके लिए सबसे उपयुक्त माना जा रहा है।
किन्हें मिलेंगे ₹4000 और क्या है इसका मुख्य कारण
इस बार की किस्त में एक विशेष पहलू यह है कि कुछ किसानों को ₹2000 के बजाय सीधे ₹4000 मिल सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह राशि उन किसानों को दी जाएगी जिनकी पिछली यानी 21वीं किस्त किसी तकनीकी समस्या, आधार सीडिंग की कमी या बैंक खाते में त्रुटि के कारण रुक गई थी। यदि ऐसे किसानों ने अब अपनी सभी कमियों को सुधार लिया है और उनका सत्यापन पूरा हो चुका है, तो सरकार उन्हें पिछली बकाया किस्त और वर्तमान 22वीं किस्त का पैसा एक साथ भेज सकती है। सामान्य पात्र किसानों को हमेशा की तरह ₹2000 की ही राशि प्राप्त होगी।
ई-केवाईसी और पात्रता के कड़े नियम
सरकार ने योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और धोखाधड़ी रोकने के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) को अनिवार्य कर दिया है। जिन किसानों ने अभी तक अपना ई-केवाईसी पूरा नहीं किया है, उनकी किस्त रुक सकती है और इसके अलावा, भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन (Land Seeding) और बैंक खाते का आधार से जुड़ा होना भी अनिवार्य है। आधिकारिक पोर्टल के अनुसार, किसान ओटीपी आधारित ई-केवाईसी पीएम किसान वेबसाइट के माध्यम से स्वयं कर सकते हैं या बायोमेट्रिक आधारित ई-केवाईसी के लिए नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) की मदद ले सकते हैं। इन प्रक्रियाओं के बिना लाभार्थी सूची में नाम होने के बावजूद पैसा अटक सकता है।
लाभार्थी सूची और स्टेटस चेक करने की विस्तृत प्रक्रिया
in पर जाकर अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं। पोर्टल पर 'Know Your Status' विकल्प पर क्लिक करके किसान अपना पंजीकरण नंबर दर्ज कर सकते हैं। इसके बाद कैप्चा कोड भरकर 'Get Data' पर क्लिक करने से उनके खाते की वर्तमान स्थिति, ई-केवाईसी का स्टेटस और लैंड सीडिंग की जानकारी प्रदर्शित हो जाएगी। यदि स्टेटस में 'FTO Processed' के साथ 'Yes' लिखा आ रहा है, तो इसका अर्थ है कि सरकार ने आपकी किस्त की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
योजना का विस्तार और डीबीटी का महत्व
पीएम किसान योजना वर्तमान में दुनिया की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) योजनाओं में से एक है और इसके माध्यम से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है और पैसा सीधे लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में पहुँचता है। सरकार के आंकड़ों के अनुसार, इस योजना से अब तक 11 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित हो चुके हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर मिलने वाली यह राशि किसानों को बीज, उर्वरक और अन्य कृषि इनपुट खरीदने में मदद करती है, जिससे कृषि उत्पादन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
