पीएम मोदी का लाल किले से बड़ा ऐलान: अब 6 करोड़ महिलाएं बनेंगी लखपति दीदी

भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखपति दीदी योजना के विस्तार की घोषणा की है। 3 करोड़ महिलाओं के लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद, अब सरकार ने देश की 6 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का नया और बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है।

भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के गौरवशाली अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 13वीं बार लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत अत्यंत भावुक और ओजस्वी ढंग से वंदे मातरम् और तिरंगे के गौरव के उल्लेख के साथ की। उन्होंने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज हर भारतीय के दिल में वंदे मातरम की गूंज सुनाई दे रही है, हर घर पर तिरंगा शान से लहरा रहा है और हर मन में तिरंगा पूरी तरह से बस गया है। इस ऐतिहासिक मंच से प्रधानमंत्री ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बहुत बड़ा ऐलान किया, जो देश की ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक भविष्य को बदलने वाला है।

6 करोड़ लखपति दीदी बनाने का नया संकल्प

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण के दौरान महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया और उन्होंने घोषणा की कि देशभर में 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का प्रारंभिक लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल करने के बाद, अब सरकार ने इस दायरे को और बढ़ाने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री ने बताया कि अब सरकार का अगला बड़ा लक्ष्य 6 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का है। यह घोषणा ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी और उनकी आर्थिक मजबूती को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के संकल्प को दर्शाती है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने पहले ही यह जानकारी दी थी कि दिसंबर 2025 तक 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा चुका है। अब सरकार 3 करोड़ और महिलाओं को स्थायी एवं विविध आजीविका गतिविधियों से जोड़ना चाहती है, ताकि उनकी आय में निरंतर और ठोस बढ़ोतरी सुनिश्चित की जा सके।

क्या है लखपति दीदी योजना?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त, 2023 को अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में लखपति दीदी योजना की घोषणा की थी। इसके बाद, यह योजना साल 2024 में औपचारिक रूप से शुरू की गई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी ग्रामीण महिला सदस्यों की वार्षिक घरेलू आय को कम से कम 1,00,000 रुपये या उससे अधिक तक पहुंचाना है। इस महत्वपूर्ण योजना को ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के अंतर्गत पूरे देश में लागू किया जा रहा है।

किसे कहा जाता है लखपति दीदी?

लखपति दीदी वह स्वयं सहायता समूह (SHG) की सदस्य होती है, जिसकी वार्षिक पारिवारिक आय 1,00,000 रुपये या उससे अधिक होती है। इस आय की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए इसकी गणना कम से कम चार कृषि मौसमों या व्यावसायिक चक्रों के आधार पर की जाती है। इसमें यह देखा जाता है कि महिला की औसत मासिक आय 10,000 रुपये से अधिक बनी रहे। लखपति कार्यक्रम का उद्देश्य सभी सरकारी विभागों, मंत्रालयों, निजी क्षेत्रों और बाजार के भागीदारों के बीच बेहतर तालमेल बिठाकर महिलाओं को विविध आजीविका गतिविधियों की सुविधा प्रदान करना है।

रणनीति और कार्यान्वयन के मुख्य बिंदु

इस योजना की सफलता के लिए एक विस्तृत रणनीति तैयार की गई है। इसमें केंद्रित योजना, संपत्ति निर्माण, वित्तीय सहायता, बाजार तक पहुंच और आधुनिक तकनीक के मामले में महिलाओं को पर्याप्त और समय पर समर्थन देना शामिल है। योजना के कार्यान्वयन और निगरानी को सभी स्तरों पर कड़ाई से लागू किया जाता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें और सरकार का लक्ष्य एक ऐसा वातावरण तैयार करना है जहां ग्रामीण महिलाएं न केवल अपनी आय बढ़ा सकें, बल्कि समाज में एक उद्यमी के रूप में अपनी पहचान भी बना सकें।