कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक में मंगलवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) विवाद को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने पूरे विश्वास के साथ कहा कि ज्ञानेश कुमार को अपने पद से जाना ही होगा और उनका इस्तीफा होना तय है। उन्होंने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनका इस्तीफा करवाएंगे। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि पार्टी का यह आंदोलन तब तक नहीं रुकेगा जब तक ज्ञानेश कुमार पद से नहीं हट जाते। उन्होंने कहा कि यदि वह इस्तीफा देते हैं तो यह बहुत अच्छा है, और यदि नहीं देते हैं तो यह और भी बेहतर है क्योंकि इससे कांग्रेस का आंदोलन और अधिक मजबूती के साथ चलता रहेगा।
सीडब्ल्यूसी बैठक में राहुल गांधी के तीन प्रमुख प्रस्ताव
इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान राहुल गांधी ने पार्टी के सामने तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे। उनका पहला प्रस्ताव ज्ञानेश कुमार का तत्काल इस्तीफा सुनिश्चित करना था। दूसरा प्रस्ताव एसआईआर (SIR) को पूरी तरह से खत्म करने के बारे में था। तीसरे प्रस्ताव में उन्होंने मांग की कि इस पूरी स्थिति के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री अमित शाह को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदारी लेनी चाहिए। राहुल गांधी ने बैठक में मौजूद नेताओं से कहा कि शायद कुछ लोगों को उन पर पूरा भरोसा न हो, लेकिन वह अपनी बात पर अडिग हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के साथ हुई एक मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि जब उन्होंने उनसे बात की, तो उन्होंने कहा कि वे वही कर रहे हैं जो इंदिरा गांधी के समय में होता था। राहुल ने हंसते हुए कहा कि मोदी और शाह को भी पता है कि आने वाले समय में सत्ता परिवर्तन होगा।
ईवीएम और मतदाता सूची में मैच फिक्सिंग का आरोप
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार पर दो तरह की मैच फिक्सिंग करने का गंभीर आरोप लगाया। राहुल गांधी के अनुसार, पहली मैच फिक्सिंग ईवीएम के माध्यम से की जा रही है और दूसरी मैच फिक्सिंग मतदाता सूची में जानबूझकर गलतियां करके की जा रही है। उन्होंने कहा कि उन्होंने हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में वोट चोरी होने का मुद्दा उठाया था। हालांकि शुरुआत में लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन पिछले 2 साल में माहौल बदला है क्योंकि उन्होंने तथ्यों और प्रेजेंटेशन के आधार पर अपनी बात रखी है। राहुल गांधी ने तर्क दिया कि 2019 और 2024 में जो अधिनियम बनाए गए, वे पूरी तरह से गलत और गैरकानूनी हैं। उन्होंने विशेष रूप से 2023 के सीईसी कानून का जिक्र किया और कहा कि इसे तब पारित किया गया था जब लगभग 100 सांसदों को निलंबित कर दिया गया था।
दबाव बनाए रखने की रणनीति और भविष्य की योजना
राहुल गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि उन्हें सरकार पर दबाव बनाए रखना होगा और उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि किसी को उम्मीद नहीं थी कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देंगे, लेकिन उन्होंने 25 जुलाई को इस्तीफा दिया। राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री की स्थिति अभी हिली हुई है और विपक्ष को अपना दबाव कम नहीं करना चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश जैसे दिग्गज नेता उपस्थित थे। आगामी रणनीति के बारे में राहुल गांधी ने बताया कि इंडिया गठबंधन की अगली बैठक के बाद यह तय किया जाएगा कि रामलीला मैदान में बड़ी रैली की जाए या राज्यों में विरोध प्रदर्शन किया जाए और उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से रामलीला मैदान में रैली करने का प्रस्ताव रखेंगे।
