प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज असम के एक दिवसीय दौरे पर रहेंगे जहाँ वे राज्य को बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में कई बड़ी सौगातें देंगे। इस दौरे का सबसे प्रमुख आकर्षण डिब्रूगढ़ जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-37 (NH-37) पर नवनिर्मित इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) का उद्घाटन है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी भारतीय वायु सेना के सी-130जे सुपर हरक्यूलिस परिवहन विमान से सीधे इस हाईवे स्ट्रिप पर उतरेंगे। यह पूर्वोत्तर भारत में अपनी तरह की पहली सुविधा है जो युद्ध या आपातकालीन स्थिति में लड़ाकू और परिवहन विमानों के संचालन के लिए तैयार की गई है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस आयोजन को रणनीतिक मजबूती का एक नया अध्याय बताया है।
एनएच-37 पर इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी की तकनीकी विशेषताएं
डिब्रूगढ़-मोरान खंड पर स्थित यह इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी राष्ट्रीय राजमार्ग 127 (पुराना NH-37) का हिस्सा है। 2 किलोमीटर लंबी है। इसे विशेष रूप से प्रबलित कंक्रीट से तैयार किया गया है ताकि यह भारी परिवहन विमानों और तेज गति वाले लड़ाकू विमानों के लैंडिंग दबाव को सहन कर सके। अधिकारियों के अनुसार इस पट्टी का निर्माण रणनीतिक उद्देश्यों को ध्यान में रखकर किया गया है जिससे चीन सीमा के निकटवर्ती क्षेत्रों में भारतीय वायु सेना की परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह सुविधा न केवल सैन्य उपयोग के लिए बल्कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत और बचाव कार्यों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।
भारतीय वायु सेना का हवाई प्रदर्शन और पराक्रम
उद्घाटन समारोह के दौरान भारतीय वायु सेना अपनी शक्ति का प्रदर्शन करेगी। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार लगभग 16 विमान इस हवाई प्रदर्शन में भाग लेंगे। इसमें सुखोई-30 एमकेआई जैसे लड़ाकू विमान, सी-130जे सुपर हरक्यूलिस और एएन-32 जैसे परिवहन विमानों के साथ-साथ विभिन्न श्रेणियों के हेलीकॉप्टर शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान कुछ विमानों द्वारा हाईवे स्ट्रिप पर टच-एंड-गो अभ्यास करने की भी योजना है जबकि अन्य विमान फ्लाई-पास्ट के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। यह प्रदर्शन पूर्वोत्तर क्षेत्र में वायु सेना की त्वरित तैनाती और बुनियादी ढांचे की तत्परता को प्रदर्शित करने के लिए आयोजित किया जा रहा है और मुख्यमंत्री ने बताया कि मोरान ईएलएफ मिसाइल प्रणालियों और अन्य रक्षा उपकरणों के परिवहन में भी सहायक होगा।
₹5,450 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ
प्रधानमंत्री मोदी अपने इस दौरे के दौरान असम में ₹5,450 करोड़ से अधिक की कुल लागत वाली विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं में सड़क नेटवर्क का विस्तार, स्वास्थ्य सुविधाएं और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े उपक्रम शामिल हैं। मोरान में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री गुवाहाटी के लिए रवाना होंगे। वहां वे ब्रह्मपुत्र नदी पर नवनिर्मित कुमार भास्कर वर्मा सेतु का निरीक्षण करेंगे। यह पुल क्षेत्र में यातायात की सुगमता और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरकार के अनुसार इन परियोजनाओं का उद्देश्य असम के दूरदराज के इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करना है।
डिजिटल बुनियादी ढांचा और शैक्षणिक संस्थानों का उद्घाटन
प्रधानमंत्री के गुवाहाटी दौरे में डिजिटल इंडिया अभियान को भी मजबूती मिलेगी। वे अमीनगांव में उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के लिए स्थापित राष्ट्रीय डेटा केंद्र (National Data Center) का उद्घाटन करेंगे। यह केंद्र पूर्वोत्तर राज्यों के लिए डेटा भंडारण और क्लाउड सेवाओं का मुख्य केंद्र बनेगा जिससे ई-गवर्नेंस सेवाओं में सुधार होगा। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) गुवाहाटी के स्थायी परिसर का भी उद्घाटन करेंगे। यह संस्थान क्षेत्र में उच्च शिक्षा और प्रबंधन कौशल के विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। इन संस्थानों की स्थापना से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और शोध के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
शहरी गतिशीलता और पीएम-ईबस सेवा का विस्तार
असम में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री 225 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह पहल पीएम-ईबस सेवा योजना के तहत की जा रही है। इन बसों के संचालन से गुवाहाटी और आसपास के क्षेत्रों में कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और यात्रियों को सुलभ परिवहन की सुविधा मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार इन इलेक्ट्रिक बसों के लिए आवश्यक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार कर लिया गया है। इस कदम को राज्य सरकार के 'ग्रीन असम' मिशन के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। इन सभी कार्यक्रमों के संपन्न होने के बाद प्रधानमंत्री नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।
