प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार, सिंडिकेट राज और कानून-व्यवस्था की स्थिति की कड़ी आलोचना की। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि बंगाल में परिवर्तन की लहर चल रही है और आगामी चुनावों के बाद भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन्होंने रैली में उमड़ी भीड़ को टीएमसी के कुशासन के खिलाफ जनता के आक्रोश का प्रतीक बताया।
भ्रष्टाचार और सिंडिकेट राज पर प्रहार
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में टीएमसी को 'करप्शन कंपनी' करार देते हुए कहा कि राज्य में सिंडिकेट राज के कारण लोग अपनी संपत्ति को लेकर भयभीत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी के शासन में भ्रष्टाचार और कटमनी का बोलबाला है, जिससे विकास की गति बाधित हुई है और पीएम मोदी ने कहा कि कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड से शुरू हुआ परिवर्तन का अभियान अब पूरे बंगाल में फैल चुका है और कूचबिहार की रैली ने इस पर मुहर लगा दी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जनता की मेहनत की कमाई लूटने वालों को जवाबदेह ठहराया जाएगा और लूटा गया पैसा वापस दिलाया जाएगा।
घुसपैठ और राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा
सीमावर्ती क्षेत्र कूचबिहार में पीएम मोदी ने घुसपैठ के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और उन्होंने कहा कि एक ओर टीएमसी घुसपैठियों को संरक्षण देकर उन्हें बसाने का काम कर रही है, वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी घुसपैठ रोकने और घुसपैठियों को बाहर निकालने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि तुष्टिकरण की राजनीति के कारण राज्य की सुरक्षा और जनसांख्यिकीय संतुलन के साथ समझौता किया जा रहा है और प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार घुसपैठ पर लगाम लगाकर बंगाल की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
संदेशखाली और महिला सुरक्षा पर चिंता
संदेशखाली की घटनाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों पर टीएमसी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि संदेशखाली में बहनों की चीखें और बेटियों पर हुए निर्मम अत्याचार बंगाल की वर्तमान स्थिति को दर्शाते हैं। पीएम मोदी ने 'मोदी की गारंटी' का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा सरकार नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और उन्होंने लखपति दीदी योजना और लोकसभा व विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने के कानून का भी उल्लेख किया।
न्यायिक संस्थाओं और कानून-व्यवस्था की स्थिति
प्रधानमंत्री ने मालदा में न्यायिक अधिकारियों को कथित तौर पर बंधक बनाए जाने की घटना का उल्लेख करते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बंगाल की सरकार संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान नहीं करती है और लोकतंत्र को लहूलुहान कर रही है। पीएम मोदी ने घोषणा की कि 4 मई के बाद कानून अपना काम करेगा और किसी भी अपराधी या गुंडे को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि बंगाल अब पलायन का केंद्र बन गया है, जबकि पहले यहां लोग रोजगार की तलाश में आते थे।
तुष्टिकरण और सांस्कृतिक पहचान का विवाद
पीएम मोदी ने टीएमसी के घोषणापत्र में 'इश्तेहार' शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताते हुए इसे तुष्टिकरण की राजनीति का हिस्सा बताया। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि 1905 में मजहबी ताकतों द्वारा 'लाल इश्तेहार' जारी किया गया था, जिसके बाद हिंसा हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी बंगाल की महान सांस्कृतिक पहचान को बदलने का षड्यंत्र रच रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल की जनता अब इस तरह के प्रयासों को स्वीकार नहीं करेगी और राज्य की संस्कृति की रक्षा के लिए परिवर्तन का मन बना चुकी है।
