मैं कट्टर हिंदू हूं, मेरे धर्म को काम से मत जोड़ो, एकता कपूर के समर्थन में खुलकर बोलीं पूनम पांडे

अभिनेत्री पूनम पांडे ने एकता कपूर के 'हिंदूफोबिया' वाले बयान का समर्थन किया है। उन्होंने अपनी धार्मिक आस्था पर बात करने के साथ ही सीजेपी प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त और एक्टर इमरान खान को भारत छोड़ने के निर्देश पर खुलकर अपनी राय रखी है।

बॉलीवुड और मनोरंजन जगत में अपनी बेबाक बयानों के लिए पहचानी जाने वाली अभिनेत्री पूनम पांडे ने हाल ही में निर्माता एकता कपूर के 'हिंदूफोबिया' वाले बयान का पुरजोर समर्थन किया है। पूनम पांडे ने एक बातचीत के दौरान इस बात पर जोर दिया कि किसी भी व्यक्ति के निजी धर्म और उनकी पेशेवर कार्यशैली को आपस में नहीं जोड़ा जाना चाहिए और उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि जब वह मंदिर जाती हैं, तो लोग उनके पहनावे और बोल्ड इमेज को लेकर किस तरह की प्रतिक्रिया देते हैं। एकता कपूर के उस बयान पर चर्चा शुरू हुई थी जिसमें उन्होंने बताया था कि तिलक लगाने और गले में धागा पहनने की वजह से लोग उन्हें अजीब नजरों से देखते थे और यहां तक कि उन्हें तांत्रिक तक कह दिया करते थे। इस पूरी कंट्रोवर्सी और देश में चल रहे अन्य सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर पूनम पांडे ने बेबाकी से अपनी बात रखी है।

पूनम पांडे का एकता कपूर के बयान पर कड़ा समर्थन

समाचार एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत के दौरान पूनम पांडे ने एकता कपूर का समर्थन करते हुए अपनी बात रखी। पूनम ने कहा कि जब वह मंदिर जाती हैं, तो लोग उन्हें हैरानी भरी नजरों से देखते हैं और तरह-तरह की बातें बनाते हैं। लोग कहते हैं कि अरे ये तो बोल्ड कपड़े पहनتی हैं, ये तो ऐसी है, इसको क्या पड़ी है मंदिर जाने की। इस मानसिकता पर सवाल उठाते हुए पूनम पांडे ने कहा कि उनका उन सभी लोगों से सीधा सवाल है कि क्या वह मंदिर नहीं जा सकती हैं। उन्होंने खुद को एक कट्टर हिंदू बताते हुए कहा कि उन्हें हनुमान चालीसा भी अच्छी तरह आता है। पूनम ने साफ शब्दों में कहा कि उनके धर्म से उनके काम को बिल्कुल न जोड़ा जाए। एकता कपूर यदि अपने धर्म का पालन कर रही हैं, तो इसमें किसी को भी क्या दिक्कत हो सकती है। एकता कपूर ने एक पॉडकास्ट के दौरान खुलासा किया था कि माथे पर तिलक लगाने और गले में धागा पहनने पर लोगों की तरफ से उन्हें अजीब टिप्पणियों का सामना करना पड़ता था और लोग उन्हें तांत्रिक कहकर बुलाते थे, जिससे भारतीय पौराणिक कहानियों और धार्मिक पहचान को लेकर समाज की सोच पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा होता है।

सीजेपी प्रदर्शन और छात्रों-पुलिस के घायल होने पर चिंता

इंटरव्यू के दौरान पूनम पांडे ने कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर भी अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे प्रदर्शनों के दौरान छात्रों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबरों पर उन्होंने दुख जताया। पूनम ने कहा कि इन दोनों पक्षों के अपने परिवार होते हैं और इस तरह की घटनाओं से यह साफ पता चलता है कि कुछ लोग अपनी इंसानियत खोते जा रहे हैं। उनके भीतर नफरत साफ तौर पर दिखाई दे रही है, जो न तो देश के भविष्य के लिए और न ही देश के लिए किसी भी तरह से अच्छी बात है। पूनम पांडे ने आगे यह भी कहा कि किसी भी मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन करने से पहले लोगों को पूरी समझ होनी चाहिए कि वे असल में किस बात का विरोध कर रहे हैं और उनकी मांग क्या है। बिना सोचे-समझे और बिना किसी ठोस उद्देश्य के सड़कों पर उतरना और हिंसा फैलाना समाज के लिए घातक साबित हो रहा है।

मुख्य चुनाव आयुक्त और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग पर सवाल

देश की राजनीतिक गतिविधियों पर बात करते हुए पूनम पांडे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शनों पर तीखा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बिना किसी पूरी जानकारी के देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस्तीफा तक मांग रहे हैं और प्रधानमंत्री पद की गरिमा, जिम्मेदारी और उसके महत्व को समझना हर नागरिक के लिए बहुत जरूरी है। पूनम ने तंज कसते हुए कहा कि आज के समय में कोई भी व्यक्ति मुंह उठाकर किसी का भी इस्तीफा मांग लेता है, और अगर यह सब एक मजाक नहीं है, तो फिर और क्या है। आपको बता दें कि सीजेपी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एसआईआर के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर एक बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया था। इसी महत्वपूर्ण मुद्दे को लेकर मुंबई के ऐतिहासिक अगस्त क्रांति मैदान में भी जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला था। इन प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कई लोगों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया था। सीजेपी के नेताओं की गिरफ्तारी और प्रदर्शन करने की अनुमति दिए जाने को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में काफी विवाद खड़ा हुआ था। पूनम ने इस पूरे घटनाक्रम पर चिंता जताते हुए साफ कहा कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और नफरत फैलाने के बजाय इंसानियत को सर्वोपरि महत्व दिया जाना चाहिए।

एक्टर इमरान खान को भारत छोड़ने के निर्देश पर प्रतिक्रिया

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए पूनम पांडे ने एक्टर इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिए जाने वाले मामले पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। पूनम ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि इमरान खान एक बेहद शानदार अभिनेता हैं और उनके दिल में इमरान खान के प्रति काफी ज्यादा सम्मान है और हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आप एक अमेरिकी नागरिक हैं, तो उनकी आपसे यह विनती है कि आप देश की आंतरिक चीजों और मामलों में किसी भी प्रकार की दखलअंदाजी न करें। पूनम का मानना है कि भारत में पहले से ही बहुत ज्यादा ड्रामा चल रहा है और ऐसे में बाहरी लोगों का इसमें शामिल होना ठीक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले कई लोगों को तो यह तक पता नहीं होता है कि आखिर प्रदर्शन किस मुख्य मुद्दे पर किया जा रहा है। गौरतलब है कि एक्टर इमरान खान ने 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में आयोजित प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के सामने आने के बाद मुंबई पुलिस ने उन्हें आधिकारिक तौर पर नोटिस जारी किया और आगामी 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का सख्त निर्देश दिया। सामने आई मीडिया रिपोर्ट्स में उन्हें एक अमेरिकी नागरिक बताया गया है, जिसके बाद से यह मामला काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। पूनम पांडे के इन सभी बयानों ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है, जहां लोग उनके इस बेबाक अंदाज और विचारों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।