मथुरा के वृंदावन में इन दिनों माहौल काफी गरमाया हुआ है। केली कुंज आश्रम में एक शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक की पहचान रसिक दुलारी शरण दीपक लोधी के रूप में हुई है और इस घटना के बाद से ही संत प्रेमानंद महाराज की चुप्पी को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। अलग-अलग राज्यों से परेशान परिजन मथुरा पहुंच रहे हैं और अपने उन बच्चों की तलाश कर रहे हैं जो आश्रम से जुड़े हुए हैं और लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर संत प्रेमानंद महाराज कहां हैं? उन्होंने अपने शिष्य की आत्महत्या और केली कुंज आश्रम को लेकर चल रहे विवाद पर अब तक मौन क्यों धारण किया हुआ है? इन सवालों के जवाब जानने के लिए हर कोई उत्सुक है और इसी सिलसिले में जब पड़ताल की गई तो कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं।
महाराज के ठिकानों का विवरण
प्रेमानंद महाराज के निवास और साधना के मुख्य रूप से दो आश्रम बताए जाते हैं। पहला आश्रम केली कुंज है, जो मथुरा के वारघाट, परिक्रमा मार्ग पर स्थित है। यह वही स्थान है जहां रसिक दुलारी की मौत की घटना हुई। दूसरा आश्रम यमुना पार बेलवन क्षेत्र में स्थित यमुना विहार कुंज है। इसके अलावा, अपने शुरुआती दिनों में प्रेमानंद महाराज रमण रेती स्थित कृष्णम अपार्टमेंट के एक फ्लैट में भी रहा करते थे। यह वही स्थान है जहां से महाराज अक्सर रात के वक्त ढोल-नगाड़ों के साथ अपनी आध्यात्मिक यात्रा पर निकला करते थे। हालांकि, पिछले कुछ समय से उनके ठिकानों को लेकर काफी गोपनीयता बरती जा रही थी।
यमुना विहार कुंज की कड़ी सुरक्षा
जब महाराज की तलाश में यमुना विहार कुंज पहुंचा गया, तो वहां की सुरक्षा व्यवस्था देखकर हर कोई हैरान रह गया। प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर के पास से एक कच्चा रास्ता इस आश्रम की ओर जाता है। वहां आश्रम के कुछ शिष्य पहरा देते हुए मिले। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल आश्रम बंद है और किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं है। वहां कैमरा चलाने या वीडियो बनाने पर भी सख्त पाबंदी है और आश्रम की सुरक्षा इतनी पुख्ता है कि बिना अनुमति के वहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता। महालक्ष्मी मंदिर से करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित इस आश्रम की निगरानी के लिए पेड़ों तक पर हाई डेफिनेशन कैमरे लगाए गए हैं।
शिष्यों का बयान और महाराज का संदेश
आश्रम के बाहर मौजूद शिष्यों से जब बिना कैमरे के बात की गई, तो उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि प्रेमानंद महाराज पिछले 5 महीने से इसी बेलवन स्थित यमुना विहार कुंज आश्रम में रह रहे हैं। शिष्य रसिक दुलारी की मौत के बाद महाराज ने इसी आश्रम से एक संदेश भी जारी किया था। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि यह सब एक सांसारिक लीला है और उन्होंने अनुयायियों से कहा कि इन सब बातों को छोड़कर आप सभी अपना मन केवल भजन में लगाएं। महाराज का यह संदेश उनके शिष्यों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, जबकि बाहर लोग उनकी चुप्पी पर सवाल उठा रहे हैं।
पुलिस की तफ्तीश और परिजनों की चिंता
रसिक दुलारी शरण दीपक लोधी की संदिग्ध मौत के मामले में मथुरा पुलिस पूरी गंभीरता से जांच कर रही है। पुलिस हर उस पहलू को खंगाल रही है जिससे मौत के कारणों का पता चल सके। दूसरी ओर, अलग-अलग राज्यों से आए परिजन अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और आश्रम के चक्कर काट रहे हैं। महाराज के बेलवन आश्रम में होने की पुष्टि के बाद अब लोगों की नजरें पुलिस की अगली कार्रवाई और महाराज के अगले कदम पर टिकी हैं। फिलहाल, केली कुंज से लेकर यमुना विहार कुंज तक का इलाका इस विवाद के केंद्र में बना हुआ है।
