Delhi: भारत के खिलौना बाजार में चीन का वर्चस्व खत्म होने वाला है। दरअसल, आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत अब स्वदेशी खिलौने के मेन्युफैक्चरिंग पर जोर दिया जाएगा। इस मुद्दे पर पीएम नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों के साथ बैठक भी की है। बैठक में पीएम मोदी ने भारतीय खिलौनों का उत्पादन बढ़ाने की बात कही। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में कई समूहों और हजारों कारीगर ऐसे हैं जो स्वदेशी खिलौने का उत्पादन करते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि वे जो देसी खिलौने बनाते हैं वो न केवल सांस्कृतिक जुड़ाव रखते हैं बल्कि कम उम्र में बच्चों के बीच जीवन-कौशल और मनो-कौशल के विकास में मदद करते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि इस तरह के समूहों को नए तौर-तरीकों से बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
Had an extensive meeting on ways to boost toy manufacturing in India. Our focus would be to support the sector and create toys that ensure physical fitness and holistic personality development. https://t.co/5yvLU8Zx22
— Narendra Modi (@narendramodi) August 22, 2020
पीएम मोदी ने इसके साथ ही स्टार्टअप और युवाओं से खिलौने क्षेत्र में इनोवेशन पर ध्यान देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थान इस पर हैकथॉन का आयोजन कर सकते हैं। पीएम मोदी ने साथ ही पर्यावरण के अनुकूल खिलौना बनाने पर भी जोर दिया है।
बता दें कि भारतीय बाजार में चीन के खिलौनों का बोलबाला रहा है। लेकिन बीते जून महीने से गलवान घाटी में तनाव के बाद चाइनीज सामान के बहिष्कार की मुहिम चरम पर है। इस मुहिम की वजह से चीन के खिलौने की भी डिमांड में कमी आई है। इसके साथ ही घरेलू उत्पादों की मांग बढ़ गई है। यही वजह है कि सरकार भी अब खिलौने के उत्पादन को घरेलू स्तर से लेकर वैश्विक स्तर तक बढ़ाने वाली है।
