सचिन तेंदुलकर ने बीसीसीआई को दिए तीन अनोखे सुझाव आईपीएल में गेंदबाजों की होगी चांदी

क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने आईपीएल में बल्लेबाजों के बढ़ते दबदबे को कम करने और खेल में संतुलन लाने के लिए बीसीसीआई को तीन महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं।

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पिछले कुछ सीजन से क्रिकेट के मैदान पर बल्लेबाजों का एकतरफा दबदबा देखने को मिल रहा है। अब इस टूर्नामेंट में 20 ओवर के खेल में 200 रन बनाना एक सामान्य बात हो गई है। स्थिति यह है कि पहले बल्लेबाजी करते हुए 200 रन का विशाल स्कोर बनाने के बाद भी कोई भी टीम खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करती है। आईपीएल मैचों के लिए तैयार की जाने वाली पिचें अक्सर बल्लेबाजों के लिए बहुत अधिक अनुकूल होती हैं, जिससे गेंदबाजों के लिए अपनी भूमिका निभाना बेहद चुनौतीपूर्ण और मुश्किल हो गया है। ऐसे में बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच खेल को संतुलित करने के लिए क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को कुछ बहुत ही अहम सुझाव दिए हैं। तेंदुलकर का मानना है कि अगर बीसीसीआई उनकी इन सलाहों पर अमल करता है, तो आईपीएल के मैच न केवल अधिक रोमांचक होंगे, बल्कि खेल में एक सही संतुलन भी देखने को मिलेगा।

इम्पैक्ट प्लेयर रूल को हटा देना चाहिए

सचिन तेंदुलकर का सबसे पहला और महत्वपूर्ण सुझाव 'इम्पैक्ट प्लेयर रूल' को लेकर है। तेंदुलकर का स्पष्ट मानना है कि टी-20 क्रिकेट से इस नियम को पूरी तरह से हटा दिया जाना चाहिए। मुंबई में आयोजित एक अवॉर्ड्स कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि इस नियम की वजह से खेल का वास्तविक संतुलन बिगड़ रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि टी-20 मैच पहले से ही बहुत छोटा होता है, जिसमें केवल 20 ओवर का खेल होता है। इस नियम के आने से टीमों को अपनी बैटिंग लाइनअप में एक अतिरिक्त बल्लेबाज शामिल करने का मौका मिल जाता है। इससे उन गेंदबाजों के लिए चुनौतियां और भी ज्यादा बढ़ जाती हैं जो पहले से ही इस छोटे फॉर्मेट में भारी दबाव झेल रहे होते हैं और तेंदुलकर के अनुसार, यह नियम खेल की निष्पक्षता के लिहाज से सही नहीं है और इसे खत्म किया जाना चाहिए।

दो फेज में होना चाहिए पावरप्ले

सचिन तेंदुलकर ने पावरप्ले के नियमों में भी एक बड़े बदलाव का सुझाव दिया है और उनका कहना है कि पारंपरिक 6 ओवर के पावरप्ले को एक साथ करवाने के बजाय, उसे दो अलग-अलग हिस्सों में बांट दिया जाना चाहिए। उनके प्रस्ताव के अनुसार, पहले 4 ओवर पारी की शुरुआत में बल्लेबाजों के लिए तय हों, जिसमें मौजूदा नियम के तहत 30-यार्ड सर्कल के बाहर सिर्फ 2 फील्डर्स रहेंगे। इसके बाद, बचे हुए 2 ओवर कब करवाने हैं, इसका पूरा फैसला फील्डिंग टीम के कप्तान पर छोड़ दिया जाना चाहिए। कप्तान मैच की परिस्थितियों और जरूरत को देखते हुए खेल के किसी भी पड़ाव, चाहे वह मिडिल ओवर हों या डेथ ओवर, पर इन 2 ओवरों का इस्तेमाल कर सकता है। इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इन दो विशेष ओवरों के दौरान फील्डिंग टीम को रिंग के बाहर एक अतिरिक्त फील्डर यानी कुल 3 फील्डर्स रखने की अनुमति मिलेगी। इससे कप्तान को रनों की रफ्तार पर बेहतर नियंत्रण पाने और नई रणनीति बनाने का मौका मिलेगा।

एक बॉलर को मिलना चाहिए 5 ओवर डालने का मौका

तेंदुलकर का तीसरा सुझाव गेंदबाजों की व्यक्तिगत क्षमता को बेहतर तरीके से इस्तेमाल करने से जुड़ा है। वर्तमान में टी-20 मैच में एक गेंदबाज को अधिकतम 4 ओवर फेंकने की ही अनुमति होती है। सचिन चाहते हैं कि इस नियम को बदलकर एक गेंदबाज के लिए अधिकतम 5 ओवर कर देना चाहिए। उनका तर्क है कि जब टीम का सबसे बेहतरीन बल्लेबाज पूरे 20 ओवर तक बल्लेबाजी कर सकता है, तो टीम के सबसे अच्छे और मुख्य गेंदबाज को भी कम से कम एक अतिरिक्त ओवर डालने का मौका मिलना चाहिए। तेंदुलकर का मानना है कि इससे मैच का रोमांच और खेल का स्तर दोनों ही बढ़ेंगे। क्रिकेट प्रेमी हमेशा मैदान पर सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों के बीच मुकाबला देखना चाहते हैं, और एक शीर्ष गेंदबाज को 5 ओवर देने से खेल में प्रतिस्पर्धा का स्तर और भी ऊंचा हो जाएगा।