राम मंदिर चढ़ावा चोरी: संजय सिंह आज SIT को सौंपेंगे सबूत, रिपोर्ट में बड़े खुलासे

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को लखनऊ तलब किया है। SIT की अंतरिम रिपोर्ट में 4 लोगों के खिलाफ FIR और बैंक अधिकारियों पर कार्रवाई की सिफारिश की गई है, जिसमें चंपत राय के करीबी का नाम भी शामिल है।

अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में अब बड़े खुलासे होने की उम्मीद है क्योंकि विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया है। इस मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब SIT ने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को आज लखनऊ के मण्डलायुक्त कार्यालय में सबूत पेश करने के लिए बुलाया है। संजय सिंह ने राम मंदिर निर्माण के दौरान जमीन की खरीद-फरोख्त और चंदा चोरी को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए थे। SIT ने उन्हें आज सुबह 11 बजे इन आरोपों से संबंधित दस्तावेज और सबूत सौंपने के लिए तलब किया है।

संजय सिंह के आरोप और SIT की कार्रवाई

संजय सिंह पिछले काफी समय से राम मंदिर के चढ़ावे और चंदे में गड़बड़ी का मुद्दा उठा रहे हैं। SIT अब उन दस्तावेजों की जांच करना चाहती है जिनके आधार पर ये आरोप लगाए गए थे। संजय सिंह को लखनऊ के मण्डलायुक्त कार्यालय में पेश होकर अपना पक्ष रखने और सबूत देने को कहा गया है। इस संबंध में संजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे और उनके पास मौजूद सभी साक्ष्य SIT के अध्यक्ष को सौंप देंगे।

संजय सिंह का बयान और एक्स पोस्ट

वीडियो साझा करते हुए संजय सिंह ने कहा, "प्रभु श्री राम जी के मंदिर में हुए चढ़ावा और चंदा चोरी की जांच करने वाली SIT ने सुबह 11 बजे लखनऊ मंडलायुक्त कार्यालय पर मुझे बुलाया है। मैंने समय भी मांगा था। " संजय सिंह के इस कदम से जांच में नई जानकारियां सामने आने की संभावना है, जिससे इस पूरे मामले की सच्चाई जनता के सामने आ सकेगी।

SIT की अंतरिम रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य

SIT ने इस मामले में अपनी पहली रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी है और सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, SIT रिपोर्ट के पहले ही पन्ने पर 4 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने की सिफारिश की गई है। इन 4 लोगों में राम मंदिर ट्रस्ट के चंपत राय का एक करीबी व्यक्ति भी शामिल बताया जा रहा है। इसके अलावा, SIT ने बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की है, जिससे यह संकेत मिलता है कि वित्तीय लेनदेन में बैंक स्तर पर भी लापरवाही या मिलीभगत हुई है।

चढ़ावा प्रबंधन में भारी अनियमितताएं

SIT की जांच में राम मंदिर के चढ़ावा प्रबंधन तंत्र में गंभीर खामियां पाई गई हैं और रिपोर्ट के अनुसार, दानपात्र से चढ़ावा निकालने और उसे काउंटिंग सेंटर तक पहुंचाने की प्रक्रिया में कई गड़बड़ियां मिली हैं। SIT ने पाया कि काउंटिंग सेंटर में मंदिर का चढ़ावा गिनने का तरीका भी गलत था। हालांकि मंदिर ट्रस्ट ने चढ़ावा गिनती के लिए बाकायदा एसओपी (SOP) बना रखे हैं, लेकिन जांच में यह सामने आया कि इन नियमों की पूरी तरह से अनदेखी की गई। SIT की अंतरिम रिपोर्ट में बड़े लोगों की संलिप्तता की ओर इशारा किया गया है, लेकिन फिलहाल किसी का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। SIT की टीम एक बार फिर अयोध्या जाकर आगे की जांच करेगी क्योंकि केस के कई पहलुओं की पड़ताल अभी बाकी है।

विश्व हिंदू परिषद की कड़ी मांग

इस पूरे प्रकरण पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने भी अपना रुख बेहद कड़ा कर लिया है। वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष और अधिवक्ता आलोक कुमार ने मांग की है कि राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी करने वालों के खिलाफ बिना देरी किए FIR दर्ज की जानी चाहिए। उन्होंने इस मामले की जांच को जल्द से जल्द पूरा करने पर जोर दिया है और वीएचपी ने सोशल मीडिया के माध्यम से यह भी मांग की है कि चढ़ावा चोरी का यह मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाना चाहिए। संगठन का कहना है कि सरकार यह सुनिश्चित करे कि आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले और चढ़ावे में चोरी करने वाले दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।