शेयर बाजार में हाहाकार! रिलायंस समेत 9 कंपनियों के डूबे ₹2.51 लाख करोड़, जानें पूरी लिस्ट

शेयर बाजार में आई भारी गिरावट ने देश की टॉप-10 कंपनियों की कमर तोड़ दी है। रिलायंस इंडस्ट्रीज को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, जबकि सिर्फ हिंदुस्तान यूनिलीवर ही मुनाफे में रही।

भारतीय शेयर बाजार में पिछले हफ्ते आए भूचाल ने निवेशकों के होश उड़ा दिए हैं। कमजोर वैश्विक संकेतों और घरेलू स्तर पर भारी बिकवाली के दबाव के चलते सेंसेक्स में। बड़ी गिरावट देखने को मिली, जिसका सीधा असर देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों पर पड़ा। नतीजा यह रहा कि सेंसेक्स की टॉप-10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 9 का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹2. 51 लाख करोड़ से ज्यादा घट गया और पिछले सप्ताह सेंसेक्स 2,032. 65 अंक टूट गया, जिसने निवेशकों की संपत्ति को काफी हद तक कम कर दिया है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज को लगा सबसे तगड़ा झटका

बाजार की इस सुनामी में मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज को सबसे ज्यादा चोट पहुंची है। कंपनी का मार्केट कैप ₹96,960 करोड़ घटकर ₹18. 75 लाख करोड़ के स्तर पर आ गया। रिलायंस के शेयरों में आई इस गिरावट ने पूरे बाजार के सेंटिमेंट को प्रभावित किया। रिलायंस के अलावा बैंकिंग सेक्टर के दिग्गजों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा। आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैप ₹48,645 करोड़ घट गया, जबकि एचडीएफसी बैंक को करीब ₹22,923 करोड़ का नुकसान हुआ।

आईटी और टेलीकॉम सेक्टर में भी मची तबाही

बाजार की इस कमजोरी ने लार्जकैप और ब्लूचिप शेयरों को भी नहीं बख्शा। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), भारती एयरटेल, एलएंडटी, बजाज फाइनेंस, एसबीआई और इंफोसिस के मार्केट कैप में भी हजारों करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई। आईटी सेक्टर में वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे टीसीएस और इंफोसिस जैसे शेयरों पर दबाव बना रहा। वहीं, टेलीकॉम दिग्गज भारती एयरटेल के मूल्यांकन में भी बड़ी कमी देखी गई।

सिर्फ हिंदुस्तान यूनिलीवर ने बचाई लाज

जब बाजार में हर तरफ लाल निशान था और दिग्गज कंपनियां धराशायी हो रही थीं, तब एफएमसीजी सेक्टर की दिग्गज कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) ने मजबूती दिखाई। कंपनी का मार्केट कैप ₹12,312 करोड़ बढ़कर ₹5. 66 लाख करोड़ हो गया। टॉप-10 कंपनियों में यह इकलौती कंपनी रही, जिसने निवेशकों को राहत दी और बाजार की गिरावट के बीच भी हरे निशान में बंद हुई।

नए सप्ताह में आईपीओ और लिस्टिंग पर रहेगी नजर

बाजार की इस उथल-पुथल के बीच निवेशकों की नजर अब नए शेयरों की लिस्टिंग पर टिकी है। 28 जनवरी को शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज (Shadowfax Technologies) के शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। इसी दिन डिजीलो़जिक सिस्टम्स की बीएसई एसएमई पर एंट्री की उम्मीद है। इसके अलावा, 29 जनवरी को केआरएम आयुर्वेदा और 30 जनवरी को हन्ना जोसेफ हॉस्पिटल तथा श्योना इंजीनियरिंग के शेयर बाजार में कदम रख सकते हैं और निवेशकों को उम्मीद है कि इन नई लिस्टिंग्स से बाजार में कुछ सकारात्मक ऊर्जा वापस आएगी।

निवेशकों के लिए क्या है सलाह?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों को लेकर। अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के कारण बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे गिरावट के समय घबराकर बिकवाली न करें और अच्छी गुणवत्ता वाले शेयरों में लंबी अवधि के लिए निवेश पर ध्यान दें। बैंकिंग और आईटी सेक्टर में आई गिरावट को कुछ विशेषज्ञ खरीदारी के अवसर के रूप में भी देख रहे हैं, लेकिन किसी भी निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की राय लेना अनिवार्य है।

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