स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में एक कुवैती तेल टैंकर पर हुए प्रोजेक्टाइल हमले के बाद 5 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। यह हमला उस समय हुआ जब कुवैत के झंडे वाला टैंकर MT काजिमाह III इस क्षेत्र से गुजर रहा था और ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को इस घटना की पुष्टि की और बताया कि ओमान के अधिकारियों के सहयोग से एक सफल बचाव अभियान चलाया गया। इस अभियान के माध्यम से जहाज पर सवार सभी 5 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालकर किनारे पहुंचाया गया है।
हमले और बचाव अभियान का विवरण
भारतीय दूतावास द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, तेल टैंकर MT काजिमाह III कच्चा तेल लेकर जा रहा था। इस जहाज का गंतव्य पश्चिमी अफ्रीका के देश टोगो का लोमे शहर था। यात्रा के दौरान जब यह जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में था, तब इस पर एक प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया। दूतावास ने इस हमले के पीछे के जिम्मेदार तत्वों या हमले की सटीक प्रकृति के बारे में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन यह स्पष्ट किया है कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता थी। ओमान के अधिकारियों ने इस कठिन समय में भारतीय दूतावास का पूरा सहयोग किया, जिसके लिए दूतावास ने उनका औपचारिक रूप से आभार व्यक्त किया है।
होर्मुज में बढ़ता सुरक्षा संकट
यह घटना क्षेत्र में बढ़ते समुद्री सुरक्षा खतरों को रेखांकित करती है। आंकड़ों के अनुसार, फरवरी से अब तक होर्मुज जलडमरूमध्य में हुए विभिन्न हमलों में 100 से ज्यादा भारतीय नाविक प्रभावित हो चुके हैं। इन हमलों की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस अवधि के दौरान 11 भारतीय नाविकों की जान जा चुकी है। हालांकि MT काजिमाह III पर हुए इस ताजा हमले में सभी भारतीय सुरक्षित हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण इस समुद्री मार्ग में चिंता पैदा कर रही हैं।
खाड़ी क्षेत्र में 4,500 से ज्यादा भारतीय नाविकों की सुरक्षा
भारत सरकार फारस की खाड़ी और उसके आसपास के समुद्री इलाकों में काम कर रहे अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हाल ही में जानकारी दी थी कि इस पूरे क्षेत्र में चलने वाले व्यापारिक जहाजों पर 4,500 से ज्यादा भारतीय नाविक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से लगभग 163 भारतीय नाविक 12 विशिष्ट मालवाहक जहाजों पर तैनात हैं। इन 12 जहाजों में से 6 भारतीय झंडे वाले और 6 विदेशी झंडे वाले जहाज शामिल हैं, जो भारत के लिए आवश्यक सामान लेकर आ रहे हैं।
सरकार की प्राथमिकता और निगरानी
जहाजरानी मंत्रालय इन सभी जहाजों की आवाजाही और उन पर तैनात नाविकों की सुरक्षा की निरंतर निगरानी कर रहा है। रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि विदेश में काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा और उनका कल्याण भारत सरकार की प्राथमिकता है। इस कार्य में भारतीय दूतावास और स्थानीय अधिकारी निरंतर समन्वय बनाए हुए हैं। मंत्रालय स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में नाविकों को तत्काल सहायता और सुरक्षा प्रदान की जा सके और सरकार ने आश्वासन दिया है कि वह अपने समुद्री कार्यबल की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाती रहेगी।
