Border 2 Movie / 'बॉर्डर 2' से पहले सनी देओल का भावुक खुलासा: पिता धर्मेंद्र की 'हकीकत' और एक अनकहा सीन

'बॉर्डर 2' का ट्रेलर रिलीज होने के साथ, सनी देओल ने मूल 'बॉर्डर' से जुड़े अपने गहरे भावनात्मक जुड़ाव को साझा किया है। उन्होंने एक ऐसे हटाए गए सीन का खुलासा किया जो आज भी उन्हें रुला देता है, और बताया कि कैसे उनके पिता धर्मेंद्र की 1964 की युद्ध फिल्म 'हकीकत' ने इस देशभक्ति गाथा का विचार दिया, जो 28 साल बाद भी जारी है।

आज 'बॉर्डर 2' का ट्रेलर रिलीज हो गया है, जिसने दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा कर दिया है। फिल्म के आने में अब महज आठ दिन बचे हैं, और सनी देओल एक बार फिर अपने चिर-परिचित अंदाज में, अपनी दमदार आवाज में पाकिस्तान को ललकारते नजर आ रहे हैं। उनके डायलॉग्स ने आते ही सोशल मीडिया पर धूम मचा दी है, और 'बॉर्डर 2' तेजी से ट्रेंड करने लगा है। यह फिल्म 28 साल पहले आई 'बॉर्डर' की विरासत को आगे बढ़ा रही है, जिसे आज भी एक क्लासिक और बेहद लोकप्रिय देशभक्ति फिल्म माना जाता है। इस नई कड़ी के साथ, सनी देओल एक बार फिर उस। भावनात्मक यात्रा पर निकल पड़े हैं, जिसकी शुरुआत दशकों पहले हुई थी।

वह अनकहा सीन जो आज भी सनी देओल को रुला देता है

सनी देओल ने लगभग दो साल पहले यूट्यूबर रणबीर अल्लाहाबदिया को दिए एक इंटरव्यू में 'बॉर्डर' फिल्म और उससे जुड़ी अपनी पुरानी यादों के बारे में विस्तार से बात की थी। इस बातचीत के दौरान, उन्होंने 'बॉर्डर' के एक ऐसे सीन का जिक्र किया जो फिल्म में तो नहीं दिखाया गया था, लेकिन उसे याद करते ही आज भी उनकी आंखें नम हो जाती हैं। सनी देओल बताते हैं कि उनका पसंदीदा सीन वह था, जब उनका किरदार मंदिर में प्रवेश करता है और अचानक एक दिव्य प्रकाश चमक उठता है और वह उस प्रकाश की ओर बढ़ते हैं, और वहां उन्हें वे सभी सैनिक दिखाई देते हैं जो युद्ध में शहीद हो गए थे, एक साथ शांति से बैठे हुए। वह उनके पास जाते हैं और उनसे बात करते हैं, यह वादा करते हुए कि वह उनकी माताओं से बात करेंगे और उनके पिताओं को स्वयं जाकर उनकी शहादत की खबर देंगे। यह सीन, हालांकि कभी बड़े पर्दे पर नहीं आया, सनी देओल के लिए फिल्म का सबसे खूबसूरत और मार्मिक पल था, जिसे याद कर आज भी उनकी आंखें भर आती हैं।

भावुक सीन को क्यों हटाया गया

सनी देओल ने इसी बातचीत में यह भी बताया कि दर्शकों को यह शक्तिशाली और भावनात्मक सीन क्यों देखने को नहीं मिला। उन्होंने स्पष्ट किया कि संभवतः फिल्म की लंबाई अधिक होने के कारण इसे हटा दिया गया था, या फिर यह कोई अन्य रचनात्मक निर्णय रहा होगा और हालांकि, इस सीन को फिल्म से हटा दिया गया, फिर भी यह उनके दिल के बेहद करीब है और इसकी भावनात्मक गहराई आज भी उन्हें छू जाती है। यह दर्शाता है कि एक कलाकार के लिए कुछ दृश्य कितने व्यक्तिगत और। महत्वपूर्ण हो सकते हैं, भले ही वे अंतिम कट का हिस्सा न बनें। यह सीन युद्ध के मानवीय पहलू, बलिदान और सैनिकों के परिवारों के प्रति जिम्मेदारी की भावना को गहराई से दर्शाता है।

धर्मेंद्र की 'हकीकत': एक विचार का जन्म

सनी देओल ने यह भी खुलासा किया कि 'बॉर्डर' जैसी देशभक्ति फिल्म बनाने का विचार उनके मन में कैसे आया और उन्होंने बताया कि उन्हें अपने पिता, दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र की साल 1964 में रिलीज हुई फिल्म 'हकीकत' से प्रेरणा मिली थी। 'हकीकत' एक युद्ध ड्रामा फिल्म थी, जिसने युवा सनी देओल के मन पर गहरा प्रभाव डाला था।