सूर्यकुमार यादव बनाम बाबर आजम: 102 मैचों के बाद कौन है असली टी20 किंग?

सूर्यकुमार यादव और बाबर आजम के बीच टी20 आंकड़ों की जंग में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जानें 102 मैचों के बाद स्ट्राइक रेट और छक्कों के मामले में कौन किस पर भारी है।

भारतीय क्रिकेट के 'मिस्टर 360' सूर्यकुमार यादव ने टी20 इंटरनेशनल में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में उनके शानदार प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह इस छोटे फॉर्मेट के सबसे खतरनाक बल्लेबाज क्यों हैं। जब हम टी20 के दिग्गजों की बात करते हैं, तो। पाकिस्तान के बाबर आजम का नाम भी सामने आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि 102 टी20 इंटरनेशनल मैचों के बाद इन दोनों खिलाड़ियों के आंकड़े क्या कहते हैं? आइए इस तुलनात्मक विश्लेषण में विस्तार से समझते हैं कि कौन। सा खिलाड़ी अपनी टीम के लिए अधिक प्रभावशाली साबित हुआ है।

रनों की दौड़ और औसत का गणित

अगर हम कुल रनों की बात करें, तो बाबर आजम यहां सूर्यकुमार यादव से थोड़ा आगे नजर आते हैं और सूर्यकुमार यादव ने अपने 102 टी20 इंटरनेशनल मैचों की 96 पारियों में 36. 98 के औसत से 2959 रन बनाए हैं। वहीं, बाबर आजम ने अपने करियर के शुरुआती 102 मैचों की 97 पारियों में 41 और 75 के औसत से 3466 रन बनाए थे। हालांकि बाबर के रन ज्यादा हैं और उनका औसत भी बेहतर है, लेकिन टी20 क्रिकेट में सिर्फ रन ही सब कुछ नहीं होते। यहां प्रभाव (Impact) और मैच जिताने की क्षमता ज्यादा मायने रखती है। बाबर आजम अक्सर एक एंकर की भूमिका निभाते हैं, जबकि सूर्या। पहली गेंद से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर देते हैं।

स्ट्राइक रेट: जहां सूर्या ने मारी बाजी

टी20 क्रिकेट में स्ट्राइक रेट सबसे महत्वपूर्ण पैमाना माना जाता है। सूर्यकुमार यादव और बाबर आजम के स्ट्राइक रेट में जमीन-आसमान का अंतर है। सूर्या का 102 टी20 इंटरनेशनल मैचों में स्ट्राइक रेट 165. 03 का रहा है, जो अविश्वसनीय है। इसके विपरीत, बाबर आजम का 102 मैचों के बाद स्ट्राइक रेट महज 128. 56 का था। यह अंतर साफ तौर पर दर्शाता है कि सूर्या विपक्षी टीम से मैच छीनने की कितनी अधिक क्षमता रखते हैं। सूर्या का हाई स्ट्राइक रेट भारतीय टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में मदद करता। है, जबकि बाबर की धीमी बल्लेबाजी अक्सर पाकिस्तान के लिए आलोचना का विषय रही है।

शतकों और अर्धशतकों का रोमांच

बड़ी पारियां खेलने के मामले में भी दोनों के बीच कड़ी टक्कर है और सूर्यकुमार यादव के बल्ले से 102 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 23 अर्धशतकीय और 4 शतकीय पारियां देखने को मिली हैं। वहीं, बाबर आजम ने अपने शुरुआती 102 मैचों में 30 अर्धशतक और 3 शतक लगाए थे और हालांकि बाबर के पास अर्धशतक ज्यादा हैं, लेकिन सूर्या ने कम समय में अधिक शतक लगाकर अपनी विस्फोटक क्षमता का परिचय दिया है। सूर्या का सर्वश्रेष्ठ स्कोर 117 रन है, जबकि बाबर का 122 रन रहा है। सूर्या के शतक अक्सर बहुत कम गेंदों में आते हैं, जो खेल का रुख पूरी तरह बदल देते हैं।

बाउंड्री किंग: छक्कों की बरसात

जब बात बाउंड्री लगाने की आती है, तो सूर्यकुमार यादव का कोई सानी नहीं है और सूर्या ने 102 मैचों में अब तक 163 छक्के और 270 चौके जड़े हैं। वहीं, बाबर आजम 102 मैचों में केवल 53 छक्के और 368 चौके ही लगा सके थे। छक्कों की संख्या में यह भारी अंतर (163 बनाम 53) यह बताने के लिए काफी है कि सूर्या मैदान के हर कोने में बड़े शॉट खेलने में कितने माहिर हैं। बाबर जहां क्लासिक शॉट्स और चौकों पर भरोसा करते हैं, वहीं सूर्या अपनी पावर हिटिंग से गेंदबाजों के पसीने छुड़ा देते हैं।

मैच विनर की भूमिका

सूर्यकुमार यादव की गिनती टी20 इंटरनेशनल में एक ऐसे मैच विनर के रूप में की जाती है जो अकेले दम पर मैच का पासा पलट सकता है। उनकी 360-डिग्री बल्लेबाजी शैली गेंदबाजों के लिए किसी दुःस्वप्न जैसी है। न्यूजीलैंड के खिलाफ हालिया सीरीज में भी उन्होंने दिखाया कि वह दबाव में भी कैसे निखरते हैं। दूसरी ओर, बाबर आजम की तकनीक शानदार है, लेकिन अक्सर उन पर टीम की पारी को धीमा करने का आरोप लगता है। 102 मैचों के बाद के ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि भले ही बाबर के पास रन अधिक हों, लेकिन सूर्या का इम्पैक्ट और उनकी आक्रामकता उन्हें आधुनिक टी20 क्रिकेट का असली बादशाह बनाती है।

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