डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाते हुए दुनिया भर के सभी अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में वीज़ा अपॉइंटमेंट को या तो रोक दिया है या उनके समय में बदलाव कर दिया है। इस फैसले का असर वैश्विक स्तर पर उन हजारों लोगों पर पड़ेगा जो अमेरिकी वीज़ा की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सभी विदेशी राजनयिक केंद्रों पर एक व्यापक ग्लोबल ट्रेनिंग प्रोग्राम को लागू करने के उद्देश्य से वीज़ा सेवाओं के इन अपॉइंटमेंट को फिलहाल स्थगित या रीशेड्यूल किया गया है। यह कदम प्रशासन की नई नीतियों को लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।
ग्लोबल ट्रेनिंग प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य
अमेरिकी विदेश विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस विशेष ट्रेनिंग का मुख्य मकसद कॉन्सुलर अधिकारियों की कार्यक्षमता में सुधार करना और उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान करना है और इस ट्रेनिंग के माध्यम से अधिकारियों को इस तरह तैयार किया जाएगा कि वे उन आवेदकों की बेहतर पहचान कर सकें जिनके भविष्य में अमेरिकी सरकारी सुविधाओं या सार्वजनिक संसाधनों पर निर्भर होने की संभावना हो सकती है। प्रशासन का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी वीज़ा आवेदकों का मूल्यांकन एक व्यापक, गहन और एकसमान तरीके से किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की विसंगति की गुंजाइश न रहे और हालांकि, विदेश विभाग ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि वीज़ा सेवाओं में यह बदलाव कितने समय तक प्रभावी रहेगा और इस ट्रेनिंग प्रोग्राम की सटीक समय-सीमा क्या है। विभाग ने केवल इतना कहा है कि ट्रेनिंग के लिए अपॉइंटमेंट में बदलाव किया जाना आवश्यक है।
आवेदकों पर प्रभाव और फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट
वीज़ा अपॉइंटमेंट रोके जाने की इस खबर को सबसे पहले प्रमुख समाचार पत्र फाइनेंशियल टाइम्स ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, जिन लोगों ने पहले ही अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में इमिग्रेंट वीज़ा इंटरव्यू के लिए अपने अपॉइंटमेंट बुक कर लिए थे, उन्हें अब आधिकारिक ईमेल प्राप्त होने शुरू हो गए हैं और इन ईमेल के माध्यम से आवेदकों को सूचित किया जा रहा है कि उनके इंटरव्यू का समय बदला जा रहा है। साथ ही, उन्हें यह भी बताया गया है कि नई तारीखों के बारे में जानकारी बाद में साझा की जाएगी। इस अचानक हुए बदलाव से उन आवेदकों के बीच चिंता और अनिश्चितता बढ़ गई है जो अपनी यात्रा या इमिग्रेशन की योजना बना चुके थे और प्रक्रिया के अंतिम चरणों में थे।
ट्रंप का सख्त इमिग्रेशन अभियान
यह कदम डोनाल्ड ट्रंप के उस आक्रामक इमिग्रेशन-विरोधी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उन्होंने लगातार समर्थन किया है। ट्रंप प्रशासन ने देश से अवैध प्रवासियों को बाहर निकालने यानी डिपोर्टेशन और इमिग्रेशन नियमों को और अधिक सख्त बनाने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं और इस अभियान के तहत न केवल नए वीज़ा आवेदनों की बारीकी से जांच की जा रही है, बल्कि कई मामलों में मौजूदा वीज़ा और ग्रीन कार्ड को रद्द करने की प्रक्रिया भी अपनाई गई है। विभिन्न कारणों से आवेदनों को खारिज करने की दर में भी वृद्धि देखी गई है। वर्तमान में वीज़ा इंटरव्यू को रोककर अधिकारियों को ट्रेनिंग देना इसी रणनीति का एक हिस्सा है, ताकि अमेरिका में प्रवेश पाने वाले हर व्यक्ति की पात्रता की जांच अत्यंत कड़ाई से की जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर बोझ न बनें।
