डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को बड़ी धमकी, कहा आज रात करेंगे सबसे बड़ा हमला और कब्जा

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि आज रात ईरान पर सबसे बड़ा हमला कर उस पर कब्जा कर लिया जाएगा। ट्रंप ने ईरान की सैन्य शक्ति के पूरी तरह खत्म होने का दावा किया है, वहीं इजरायली पीएम नेतन्याहू ने भी ईरान को कड़ी चेतावनी दी है।

खाड़ी क्षेत्र में युद्ध के बादल गहराते जा रहे हैं क्योंकि अमेरिका और ईरान अब आमने-सामने आ गए हैं। इस तनावपूर्ण माहौल के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने एक अत्यंत विवादास्पद और बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि आज रात ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जाएगा। ट्रंप ने केवल हमले की बात ही नहीं की, बल्कि यह भी कहा कि वे ईरान के पूरे इलाके पर कब्जा कर लेंगे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर खाड़ी में पहले से ही महासंग्राम छिड़ा हुआ है और दोनों देशों के बीच तनातनी अपने चरम पर है।

ईरान की सैन्य शक्ति पर ट्रंप का बड़ा दावा

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की वर्तमान सैन्य स्थिति पर विस्तार से बात करते हुए दावा किया कि ईरान की सैन्य ताकत अब पूरी तरह से खत्म हो चुकी है और उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि जिन लोगों के पास चार महीने पहले मिडिल ईस्ट की सबसे मजबूत सेना थी, आज उनकी स्थिति दयनीय है। ट्रंप के अनुसार, ईरान के पास 159 जहाज थे, लेकिन अब वे सभी पानी के नीचे डूब चुके हैं। इसी तरह, उनके पास 230 हवाई जहाज थे, जिनमें घातक अटैक प्लेन भी शामिल थे, लेकिन अब वे सभी तबाह हो चुके हैं। ट्रंप ने आगे कहा कि ईरान का जबरदस्त रडार सिस्टम और एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम भी अब अस्तित्व में नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की पूरी लीडरशिप खत्म हो चुकी है, जिसके कारण वह अब पूरी तरह से बैकफुट पर है और अमेरिका के सामने टिकने की स्थिति में नहीं है।

अमेरिकी सीनेट में ट्रंप की आलोचना

ट्रंप के इन कड़े तेवरों के बीच अमेरिका के भीतर ही उनके फैसलों का विरोध शुरू हो गया है। अमेरिकी सीनेट में माइनॉरिटी लीडर चक शूमर ने ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल के संभावित युद्ध को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप के तौर-तरीकों की कड़ी आलोचना की है और शूमर ने ट्रंप पर आरोप लगाया कि उनके पास कोई स्पष्ट रणनीति नहीं है और वे केवल पुरानी गलतियों को दोहरा रहे हैं। शूमर का मानना है कि बिना किसी ठोस योजना के इस तरह के बड़े हमले की बात करना खतरनाक साबित हो सकता है।

होर्मुज को लेकर छिड़ा महासंग्राम

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच विवाद गहराता जा रहा है। अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि वह होर्मुज में 20 प्रतिशत सुरक्षा फीस वसूलेगा। अमेरिका ने खुद को 'गार्जियन ऑफ द होर्मुज स्ट्रेट' घोषित करते हुए कहा है कि वह ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी करेगा और ईरानी जहाजों पर नई पाबंदियां लागू करेगा। ट्रंप का मुख्य उद्देश्य ईरान के इलाके पर कब्जा करना है ताकि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर अमेरिका का पूर्ण नियंत्रण हो सके।

ईरान और इजराइल का कड़ा रुख

ईरान ने अमेरिका की इन धमकियों का मुंहतोड़ जवाब दिया है। ईरान ने साफ कहा है कि वह होर्मुज पर अपना नियंत्रण कभी नहीं छोड़ेगा। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि ईरान ही होर्मुज का असली गार्जियन है और हमेशा रहेगा। उन्होंने अमेरिका को चेतावनी दी है कि होर्मुज पर किसी भी प्रकार का अमेरिकी दखल मंजूर नहीं किया जाएगा और वे अमेरिका को करारा जवाब देंगे। दूसरी ओर, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी ईरान को चेतावनी दी है। नेतन्याहू ने कसम खाई है कि अगर ईरान उनके देश पर कोई नया हमला करता है, तो वे ईरान पर जोरदार जवाबी हमला करेंगे। " नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि अब वे दिन बीत चुके हैं जब कोई इजराइल पर हमला करे और उन्हें निर्णायक जवाबी कार्रवाई का सामना न करना पड़े।