ट्रंप ने ईरान के साथ टकराव को बताया मामूली, युद्ध शब्द पर वेंस का किया समर्थन

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सैन्य टकराव को मामूली करार देते हुए जेडी वेंस के बयान का समर्थन किया है। 18 सैनिकों की मौत और 37 अरब 50 करोड़ डॉलर के खर्च के बावजूद ट्रंप ने इसे वियतनाम जैसे युद्धों के मुकाबले छोटा बताया और ईरान के परमाणु कार्यक्रम में कमजोरी का दावा किया।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान के साथ चल रहे सैन्य टकराव को एक मामूली बात करार दिया है। ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के रुख का बचाव किया और कहा कि मिडिल ईस्ट में पिछले कई महीनों से रुक-रुक कर हो रहे हमले वास्तव में युद्ध की श्रेणी में नहीं आते हैं और ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान पर अमेरिकी हमले अब केवल कभी-कभी होते हैं और इसे एक पूर्ण युद्ध मानना सही नहीं होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह एक सैन्य टकराव है जिसे अमेरिका के लिए एक छोटी बात माना जाना चाहिए।

सैन्य टकराव की गंभीरता पर ट्रंप का तर्क

डोनाल्ड ट्रंप ने उस युद्ध जैसी स्थिति की गंभीरता को कम करके आंका जिसमें अमेरिकी करदाताओं के 37 अरब 50 करोड़ डॉलर से अधिक खर्च हो चुके हैं। इस संघर्ष में अब तक 18 अमेरिकी सैनिकों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद ट्रंप ने कहा कि वह जेडी वेंस की बातों से पूरी तरह सहमत हैं। उन्होंने कहा कि मैं समझ सकता हूं कि वह क्या कह रहे हैं और मैं इसे केवल एक मिलिट्री कॉन्फ्लिक्ट यानी सैन्य टकराव कहता हूं क्योंकि हमारे लिए यह एक मामूली बात है और ट्रंप के अनुसार यह कोई बहुत बड़ी बात नहीं है और इसे अनावश्यक रूप से बड़ा नहीं बनाया जाना चाहिए।

जेडी वेंस का युद्ध शब्द के इस्तेमाल से इनकार

इससे पहले गुरुवार को व्हाइट हाउस में आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के साथ चल रही अमेरिकी लड़ाई के लिए युद्ध शब्द का उपयोग करने से साफ मना कर दिया था। वेंस ने तर्क दिया कि वर्तमान में कोई एक्टिव शूटिंग यानी सक्रिय गोलीबारी नहीं हो रही है। उन्होंने यह भविष्यवाणी करने से भी परहेज किया कि पिछले 6 महीने से चल रहा यह टकराव 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों तक समाप्त हो जाएगा या नहीं। गौरतलब है कि रिपब्लिकन पार्टी इन चुनावों में कांग्रेस में अपनी मामूली बढ़त को बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही है।

कुवैत पर हमला और क्षेत्रीय तनाव

वेंस का यह बयान एक ऐसे समय में आया है जब ईरान ने गुरुवार को अमेरिका के खाड़ी सहयोगी देश कुवैत पर हमला किया था। यह हमला उस अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में किया गया था जो उसी सप्ताह ईरान के खिलाफ की गई थी। ट्रंप ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ईरान के साथ हुए इस टकराव में अमेरिका के मरने वालों की संख्या हाल के कुछ अन्य अमेरिकी युद्धों की तुलना में बहुत कम है। उन्होंने बताया कि अमेरिका और इजराइल ने इस टकराव में केवल हवाई हमले किए हैं जो 28 फरवरी को शुरू हुए थे। प्रशासन ने अब तक ईरान में अपनी थल सेना या सैनिक नहीं भेजे हैं।

वियतनाम और वेनेजुएला से तुलना

अपनी बात को पुख्ता करने के लिए ट्रंप ने वेनेजुएला में हुए अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन का उदाहरण दिया। उन्होंने जनवरी में हुए उस ऑपरेशन का जिक्र किया जिसमें वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़कर न्यूयॉर्क शहर लाया गया था ताकि उन पर ड्रग तस्करी के आरोप चलाए जा सकें। ट्रंप ने कहा कि उस ऑपरेशन में हमारा कोई भी व्यक्ति नहीं मारा गया था। उन्होंने वियतनाम युद्ध की तुलना करते हुए कहा कि वहां हमारे 100000 लोग मारे गए थे जबकि अन्य टकरावों में भी हजारों लोगों की जान गई थी। हालांकि अमेरिकी नेशनल आर्काइव्ज के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार वियतनाम युद्ध में अमेरिकी सेना के कुल 58220 जवान शहीद हुए थे।

ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर प्रभाव

जब पत्रकारों ने ट्रंप से सवाल किया कि 18 अमेरिकी सैनिकों की शहादत के बाद भी वह इसे मामूली क्यों कह रहे हैं तो ट्रंप ने अपने पुराने रुख को दोहराया। उन्होंने कहा कि इस टकराव की वजह से ईरान का परमाणु कार्यक्रम काफी कमजोर पड़ गया है। ट्रंप ने शुरुआत में कहा था कि यह संघर्ष केवल कुछ हफ्तों तक चलेगा लेकिन अब उनका मानना है कि इसके परिणाम सकारात्मक रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होंगे क्योंकि अगर ऐसा होता तो दुनिया की स्थिति बहुत अलग होती। ट्रंप ने अंत में कहा कि उनकी नीतियों के कारण ही आज ईरान परमाणु शक्ति बनने से दूर है।