- भारत,
- 25-Jan-2026 05:56 PM IST
भारत और अमेरिका के बीच पिछले कुछ समय से जारी कूटनीतिक और व्यापारिक तनाव को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ संबंधों को फिर से पटरी। पर लाने के लिए अपना एक विशेष 3-सदस्यीय कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली भेजा है। इस कदम को अंतरराष्ट्रीय गलियारों में ट्रंप के 'सॉफ्ट सिग्नल' के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि हाल के दिनों में टैरिफ और व्यापारिक मुद्दों पर दोनों देशों के बीच काफी तल्खी देखी गई थी।
ट्रंप का यू-टर्न? दिल्ली पहुंची अमेरिकी टीम
जब अमेरिका को यह अहसास हुआ कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा और दबाव में नहीं झुकेगा, तब ट्रंप प्रशासन ने बातचीत का रास्ता चुना। इस अमेरिकी कांग्रेस डेलीगेशन ने रविवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत-अमेरिका संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करना और आपसी विश्वास को फिर से बहाल करना था।इन मुद्दों पर हुई गहन चर्चा
बैठक के दौरान व्यापार, सुरक्षा और रक्षा सहयोग जैसे संवेदनशील विषयों पर विस्तार से बात हुई। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस मुलाकात को अत्यंत “उत्पादक” बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बातचीत का मुख्य केंद्र सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना, द्विपक्षीय व्यापार को विस्तार देना और महत्वपूर्ण तकनीकों (Critical Technologies) के क्षेत्र में साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाना था और इस प्रतिनिधिमंडल में जिमी पैट्रोनिस, माइक रोजर्स और एडम स्मिथ जैसे प्रभावशाली अमेरिकी नेता शामिल थे, जो अमेरिकी नीति निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं।टैरिफ और व्यापारिक गतिरोध पर नजर
बता दें कि भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव की मुख्य वजह ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर लगाया गया 50 प्रतिशत तक का भारी टैरिफ था। इसमें रूसी तेल खरीद पर लगाया गया 25 प्रतिशत दंडात्मक शुल्क भी शामिल था, जिसने भारत की चिंताएं बढ़ा दी थीं। वाशिंगटन लगातार मांग कर रहा है कि भारत अपने कृषि और डेयरी क्षेत्र को अमेरिकी उत्पादों। के लिए खोले, जिस पर भारत अपनी घरेलू अर्थव्यवस्था को देखते हुए सतर्क रुख अपनाए हुए है। यह बैठक इन गतिरोधों को दूर करने की एक कोशिश मानी जा रही है।जयशंकर ने दिया सकारात्मक संदेश
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस बैठक की जानकारी साझा करते हुए इसे काफी सकारात्मक बताया। उन्होंने लिखा कि बैठक में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिति और यूक्रेन संघर्ष जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जयशंकर ने जोर देकर कहा कि अमेरिकी कांग्रेस के साथ निरंतर संवाद भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी का एक अनिवार्य हिस्सा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा न केवल व्यापारिक बल्कि रक्षा सहयोग को भी एक नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगा।A good interaction with US Congressional Delegation comprising @RepMikeRogersAL, @RepAdamSmith and @JimmyPatronis along with @USAmbIndia.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) January 25, 2026
Discussed various aspects of India US ties, Indo Pacific and Ukraine conflict.
Congressional interactions have always been an important… pic.twitter.com/zD1wjgEV5Z
