India-US Tariff War / ट्रंप ने भारत को फिर दी टैरिफ बढ़ाने की धमकी, पीएम मोदी को बताया 'अच्छे आदमी'

डोनाल्ड ट्रंप ने 5 जनवरी 2026 को भारत को रूस से तेल खरीदने पर टैरिफ बढ़ाने की धमकी दी। उन्होंने पीएम मोदी को 'अच्छा आदमी' बताया और कहा कि भारत उन्हें खुश करने की कोशिश कर रहा है। अमेरिका ने पहले ही भारत पर 50% तक टैरिफ लगाया है, जिससे भारत के अमेरिका को निर्यात में 37.5% की गिरावट आई है।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत को रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर चेतावनी दी है और 5 जनवरी 2026 को दिए गए एक बयान में, ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यदि भारत इस मामले में अमेरिका का सहयोग नहीं करता है, तो उसे अमेरिकी टैरिफ में वृद्धि का सामना करना पड़ सकता है। यह धमकी ऐसे समय में आई है जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध पहले से ही तनावपूर्ण हैं और व्यापार में गिरावट देखी जा रही है। ट्रंप के इस बयान को व्हाइट हाउस द्वारा जारी एक ऑडियो में सुना जा सकता है, जो इस मुद्दे की गंभीरता को दर्शाता है।

रूसी तेल खरीद पर नई टैरिफ धमकी

डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार, 5 जनवरी 2026 को भारत को रूस। से तेल खरीदने के मुद्दे पर एक बार फिर धमकी दी। ट्रंप ने कहा कि अगर भारत इस मामले में उनका सहयोग नहीं करता है, तो अमेरिका भारत पर टैक्स बढ़ा सकता है। खबर के मुताबिक ट्रंप ने कहा कि अगर भारत रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर मदद नहीं करता, तो हम भारत पर जल्दी से टैक्स बढ़ा सकते हैं। व्हाइट हाउस द्वारा जारी एक ऑडियो में ट्रंप यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं और यह बयान भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों में एक नया तनाव पैदा कर सकता है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। रूस से तेल खरीद का मुद्दा अमेरिका के लिए एक संवेदनशील विषय रहा है, और ट्रंप का यह बयान उनकी पिछली नीतियों की निरंतरता को दर्शाता है।

पीएम मोदी: 'एक अच्छे आदमी' और 'खुश करने का प्रयास'

अपनी धमकी के बावजूद, ट्रंप ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की। उन्होंने मोदी को 'एक बहुत अच्छा आदमी' बताया और कहा कि भारत उन्हें खुश करने की कोशिश कर रहा है। ट्रंप के अनुसार, 'वे जानते थे कि मैं खुश नहीं था, और यह उनके लिए महत्वपूर्ण था कि वे मुझे खुश करें। ' उन्होंने यह भी कहा कि 'बुनियादी तौर पर वे मुझे खुश करना चाहते थे। ' ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि 'वे व्यापार करते हैं, और हम उन पर बहुत जल्दी टैक्स बढ़ा सकते हैं। ' यह टिप्पणी दर्शाती है कि ट्रंप व्यापारिक संबंधों को व्यक्तिगत संबंधों और संतुष्टि से जोड़ते हैं, और उनका मानना। है कि भारत अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंधों को बनाए रखने के लिए उनकी शर्तों को मानने को तैयार है।

बढ़ते टैरिफ: एक ऐतिहासिक अवलोकन

अमेरिका ने पहले ही भारत पर काफी टैरिफ लगाए हुए हैं। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका ने भारत पर 50% का टैरिफ (टैक्स) लगाया था, जिसमें से 25% पेनाल्टी के रूप में था, क्योंकि भारत रूस से कच्चा तेल खरीद रहा था। ट्रंप ने यह भी बताया कि भारत पर अमेरिका द्वारा लगाए गए टैक्स में सबसे अधिक वृद्धि की गई है। पहले 10% की दर लागू की गई थी, फिर 7 अगस्त को यह बढ़कर 25% हो गई, और पिछले साल के अंत तक यह 50% तक पहुंच गई थी और यह टैरिफ वृद्धि भारत के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक चुनौती प्रस्तुत करती है, क्योंकि यह भारतीय उत्पादों को अमेरिकी बाजार में कम प्रतिस्पर्धी बनाती है और निर्यातकों पर अतिरिक्त बोझ डालती है।

भारत-अमेरिका व्यापार में महत्वपूर्ण गिरावट

इन टैरिफ और व्यापारिक तनावों का सीधा असर भारत-अमेरिका व्यापार पर पड़ा है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) द्वारा दिसंबर में किए गए विश्लेषण के मुताबिक, भारत का अमेरिका को निर्यात मई से सितंबर 2025 के बीच 37. 5% घटकर 8. 8 अरब डॉलर से 5. 5 अरब डॉलर हो गया है। यह आंकड़ा पिछले कुछ सालों में सबसे बड़ी गिरावट को दर्शाता है। निर्यात में यह महत्वपूर्ण गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि अमेरिका भारत के सबसे बड़े व्यापारिक भागीदारों में से एक है। व्यापार में यह कमी दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों की नाजुक स्थिति को उजागर करती है।

आगे का मार्ग: द्विपक्षीय व्यापार समझौता

इन चुनौतियों के बावजूद, भारत और अमेरिका एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर काम कर रहे हैं। उम्मीद की जा रही है कि इसका पहला फेज जल्द ही पूरा हो जाएगा और इसे सार्वजनिक किया जाएगा। यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को स्थिर करने और भविष्य में व्यापार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। हालांकि, ट्रंप की नवीनतम धमकी और मौजूदा टैरिफ विवाद इस समझौते की प्रगति और उसके अंतिम रूप पर सवाल खड़े कर सकते हैं। दोनों देशों के लिए यह महत्वपूर्ण होगा कि वे इन व्यापारिक बाधाओं को दूर करने और। एक स्थिर तथा पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापारिक संबंध स्थापित करने के लिए मिलकर काम करें।