ट्रम्प की चेतावनी: चीन 1 साल में कनाडा को खा जाएगा, गोल्डन डोम प्रोजेक्ट पर छिड़ी जंग

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कनाडाई पीएम मार्क कार्नी पर तीखा हमला बोला है। ट्रम्प का दावा है कि चीन के साथ व्यापारिक समझौते कनाडा को एक साल में बर्बाद कर देंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। ट्रम्प ने शुक्रवार को एक सनसनीखेज बयान देते हुए कहा कि चीन, कनाडा को एक साल के अंदर ही खा जाएगा। ट्रम्प की यह नाराजगी कनाडा द्वारा उनके महत्वाकांक्षी 'गोल्डन डोम' मिसाइल प्रोजेक्ट का विरोध करने और चीन के साथ नए व्यापारिक समझौते करने के बाद सामने आई है। ट्रम्प ने आरोप लगाया कि कनाडा अमेरिका के बजाय चीन से दोस्ती बढ़ा रहा है, जो उत्तरी अमेरिका की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है।

चीन-कनाडा व्यापार समझौते से भड़के ट्रम्प

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने हाल ही में 13 से 17 जनवरी तक चीन की यात्रा की थी। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण व्यापारिक समझौते हुए और सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कनाडा ने चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) पर लगाए गए 100% टैरिफ को घटाकर मात्र 6. 1% करने का फैसला किया है। यह समझौता सालाना 49 हजार इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर लागू होगा। इसके बदले में चीन ने भी कनाडाई कृषि उत्पादों पर लगने वाले 84% टैरिफ को घटाकर 15% कर दिया है। ट्रम्प इसी बात से नाराज हैं कि कनाडा अमेरिका के। हितों की अनदेखी कर चीन को फायदा पहुंचा रहा है।

मार्क कार्नी का 'न्यू वर्ल्ड ऑर्डर' भाषण

तनाव की एक बड़ी वजह मार्क कार्नी का वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में दिया गया भाषण भी है। कार्नी ने 'नए वर्ल्ड ऑर्डर' पर बात करते हुए बड़े देशों के दबदबे की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि ताकतवर देश अपनी मर्जी थोपते हैं और छोटे देशों को उसे झेलना पड़ता है। कार्नी ने यह भी साफ किया कि अंतरराष्ट्रीय नियम सबके लिए बराबर नहीं हैं। इस भाषण को ट्रम्प ने अपने ऊपर हमले के रूप में लिया। ट्रम्प ने दावोस में जवाब देते हुए कहा कि कनाडा को अमेरिका। का शुक्रगुजार होना चाहिए क्योंकि अमेरिका उसे कई मुफ्त सुविधाएं देता है।

कनाडा बिकाऊ नहीं है: कार्नी का पलटवार

ट्रम्प के बयानों के बाद मार्क कार्नी ने क्यूबेक सिटी से देश को संबोधित किया। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि कनाडा अमेरिका की वजह से जिंदा नहीं है, बल्कि कनाडाई लोगों की मेहनत से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने ट्रम्प के उस पुराने प्रस्ताव का भी जिक्र किया जिसमें ट्रम्प ने कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात कही थी। कार्नी ने स्पष्ट किया कि जैसे बकिंघम पैलेस बिकाऊ नहीं है, वैसे ही कनाडा भी कभी बिकाऊ नहीं होगा और इस बयान के बाद ट्रम्प ने कनाडा को 'गाजा बोर्ड ऑफ पीस' के न्योते से भी बाहर कर दिया है।

क्या है 175 अरब डॉलर का गोल्डन डोम प्रोजेक्ट?

ट्रम्प का 'गोल्डन डोम' प्रोजेक्ट इजराइल के आयरन डोम की तर्ज पर बनाया जा रहा एक विशाल मिसाइल डिफेंस सिस्टम है। इस पर करीब 175 अरब डॉलर (15 लाख करोड़ रुपये) खर्च होने का अनुमान है। इस सिस्टम के तहत अंतरिक्ष में 1200 से ज्यादा सैटेलाइट्स तैनात किए जाएंगे और इनमें से 400 से 1000 सैटेलाइट्स दुश्मन की मिसाइलों को ट्रैक करेंगे और 200 इंटरसेप्टर सैटेलाइट्स उन्हें अंतरिक्ष में ही नष्ट कर देंगे। ट्रम्प का दावा है कि यह सिस्टम 2029 तक तैयार हो जाएगा और अमेरिका। को रूस व चीन जैसे देशों के खतरों से पूरी तरह सुरक्षित कर देगा।

ग्रीनलैंड और सुरक्षा का मुद्दा

ट्रम्प ने ग्रीनलैंड को भी इस रक्षा परियोजना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है। हालांकि, मार्क कार्नी ने ट्रम्प को चेतावनी दी थी कि ग्रीनलैंड के भविष्य का फैसला केवल डेनमार्क और ग्रीनलैंड ही कर सकते हैं। ट्रम्प ने अब साफ कर दिया है कि उनके प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें जेडी वेंस और मार्को रुबियो शामिल हैं, इस प्रोजेक्ट और सुरक्षा मुद्दों पर सीधी रिपोर्ट उन्हें सौंपेंगे। अमेरिका और कनाडा के बीच यह जुबानी जंग अब एक बड़े कूटनीतिक संकट का रूप लेती जा रही है।