रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे लंबे और विनाशकारी संघर्ष के समाप्त होने की आहट अब धीरे-धीरे सुनाई देने लगी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने एक बेहद महत्वपूर्ण और चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा है कि वह इस युद्ध को हमेशा के लिए समाप्त करने के उद्देश्य से युद्ध की फ्रंट लाइन्स को फ्रीज करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। रूस और यूक्रेन के बीच जारी इस खूनी जंग को चार साल से भी ज्यादा का समय बीत चुका है। इन चार वर्षों में दोनों ही पक्षों को भारी जान-माल का नुकसान उठाना पड़ा है। हालांकि अब वैश्विक स्तर पर और खुद यूक्रेन के नेतृत्व की तरफ से इस जंग के खत्म होने के आसार धीरे-धीरे नजर आने लगे हैं। इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की ओर से यह बड़ा बयान सामने आया है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अपने इस बयान में स्पष्ट रूप से कहा है कि वह रूस के साथ चल रहे इस भीषण युद्ध को खत्म करने के लिए युद्ध के फ्रंट लाइन्स को फ्रीज करने के लिए तैयार हैं। कूटनीतिक और सैन्य शब्दावली में फ्रंट लाइन्स को फ्रीज करने का सीधा सा मतलब यह होता है कि रूस और यूक्रेन की सेनाएं मौजूदा समय में जिस भी भूभाग पर तैनात हैं, वे वहीं पर रुक जाएंगी और आगे की किसी भी सैन्य कार्रवाई को रोक देंगी। जेलेंस्की के इस दावे और बयान के सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या यूक्रेन के राष्ट्रपति अब रूस के सामने घुटने टेकते हुए यूक्रेन की जमीन रूस के नियंत्रण में छोड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार हो गए हैं? क्या इस फैसले के बाद यूक्रेन के कुछ हिस्सों पर रूस का कानूनी या वास्तविक कब्जा हमेशा के लिए स्वीकार कर लिया जाएगा?
इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बुधवार के दिन एक प्रतिष्ठित मीडिया हाउस को एक विस्तृत इंटरव्यू दिया। इस इंटरव्यू के दौरान शो के एंकर ने बहुत ही तीखा और सीधा सवाल पूछते हुए जेलेंस्की से कहा कि क्या आप एक ऐसे शांति समझौते को स्वीकार करेंगे, जिसमें सब कुछ अभी की स्थिति पर ही रोक दिया जाए, जहां आपके पास अपने देश का पचहत्तर प्रतिशत या उससे ज्यादा हिस्सा बना रहे, चाहे युद्ध की शुरुआत कैसे भी हुई हो? एंकर के इस चुनौतीपूर्ण सवाल का बहुत ही सावधानी से और व्यावहारिक अंदाज में जवाब देते हुए राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि हां, अभी हमें इसे यहीं रोक देना चाहिए। जेलेंस्की ने आगे जोर देकर कहा कि मुझे लगता है कि इस युद्ध को खत्म करने का यही एकमात्र वास्तविक और व्यावहारिक तरीका बचा हुआ है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि हम इसे एक आधिकारिक सीजफायर कह सकते हैं, या जैसा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था, इसे हत्याओं को रोकना कह सकते हैं।
अपने इस इंटरव्यू के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अपनी सुरक्षा और भविष्य की रणनीतियों के बारे में भी खुलकर बात की। उन्होंने आगे कहा कि इस संघर्ष को अब यहीं पर रोक देना चाहिए और आगे बढ़ने से पहले शांति स्थापित करने का प्रयास होना चाहिए। यह बात भी पूरी तरह से जाहिर है कि आज के वर्तमान समय में हमें रूस से कम से कम इतना तो चाहिए ही ताकि देश की संप्रभुता का कुछ हिस्सा सुरक्षित रह सके और इसके बाद की रणनीति के बारे में बताते हुए जेलेंस्की ने कहा कि इस समझौते और स्थिति के बाद हम अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास जाएंगे और इसके साथ ही यूरोप के अन्य प्रमुख देशों के पास भी जाएंगे और उन सभी से अपने देश के लिए मजबूत सुरक्षा की गारंटी की मांग करेंगे। आपको बता दें कि बीते कुछ दिनों से लगातार ऐसी खबरें आ रही थीं कि यूक्रेन रूस के आगे काफी हद तक बेबस और कमजोर नजर आ रहा है, क्योंकि रूसी सेनाओं का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था। वहीं दूसरी तरफ, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस युद्ध को खत्म करने की पूरी जिम्मेदारी और कूटनीतिक दबाव चीन और अमेरिका जैसे बड़े देशों के कंधों पर डाल दिया है।
इस इंटरव्यू के दौरान राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने केवल सामरिक और भू-राजनीतिक मुद्दों पर ही बात नहीं की, बल्कि उन्होंने इस युद्ध के कारण यूक्रेन की आम जनता को झेलनी पड़ी भयंकर मानवीय त्रासदी का भी विशेष रूप से जिक्र किया। शो के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने आंकड़े रखते हुए बेहद भावुक होकर कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात इस समय यह है कि डरा न जाए और इस स्थिति का डटकर सामना किया जाए। उन्होंने आगे बताया कि हमारे यानी यूक्रेन के पिचानवे लाख लोग ऐसे हैं जिन्होंने इस खौफनाक युद्ध के कारण अपने घर पूरी तरह से खो दिए हैं और वे आज के समय में विदेशों में या फिर देश के अन्य सुरक्षित हिस्सों में शरणार्थी की तरह अपनी जान बचाने को मजबूर हैं और अपना जीवन गुजार रहे हैं। जेलेंस्की ने इन नागरिकों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि हमें उन सभी पिचानवे लाख लोगों की बहुत ज्यादा जरूरत है और हम पूरी तरह से चाहते हैं कि वे सभी लोग अपने युद्धग्रस्त देश यूक्रेन वापस लौटकर आएं, यहीं पर सुरक्षित रूप से रहें और अपने इस प्यारे देश का पुनर्निर्माण अपने हाथों से करें।
