ओमान की धरती पर खेले जा रहे अंडर-19 एशिया कप 2026 के दूसरे ग्रुप मैच में भारतीय युवा क्रिकेट टीम को पाकिस्तान के हाथों बेहद रोमांचक और संघर्षपूर्ण मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा है। इस टूर्नामेंट के इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले में दोनों टीमों की ओर से शानदार शतकीय पारियां देखने को मिलीं, लेकिन अंत में पाकिस्तानी बल्लेबाज के आखिरी शॉट के साथ लगाए गए शतक ने भारतीय टीम पर बढ़त बना ली और जीत अपने नाम कर ली। यह मुकाबला कम स्कोर वाला जरूर रहा, लेकिन इसमें रोमांच और तनाव का कोई कमी नहीं थी, जिसमें दोनों टीमों के गेंदबाजों का दबदबा पहले देखने को मिला और बाद में बल्लेबाजों ने अपनी काबिलियत साबित की।
गेंदबाजों का दबदबा और शुरुआती झटके
अंडर-19 एशिया कप 2026 के इस दूसरे ग्रुप मैच में भारतीय टीम ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था, लेकिन भारतीय बल्लेबाजी इस मैच में पूरी तरह से लड़खड़ा गई। भारतीय टीम का टॉप ऑर्डर इस महत्वपूर्ण मुकाबले में कोई भी बड़ा कमाल नहीं दिखा सका और पाकिस्तानी गेंदबाजों के आगे पूरी तरह बेबस नजर आया। कप्तान लक्ष्य रायचंदानी इस मैच में बिना खाता खोले शून्य के स्कोर पर ही आउट हो गए। वह पारी की केवल दूसरी गेंद पर ही पवेलियन लौट गए, जिससे भारतीय टीम को शुरुआत में ही बहुत बड़ा झटका लगा। उनके बाद क्रीज पर आए आर्यवीर सहवाग ने कुछ देर टिकने की कोशिश की, लेकिन वह भी बाईस रन बनाकर आउट हो गए और ज्यादा देर तक पिच पर नहीं टिक सके।
भारतीय पारी का संकट यहीं खत्म नहीं हुआ क्योंकि इसके बाद अन्वय द्रविड़ का बल्ला भी इस अहम मैच में पूरी तरह से खामोश रहा और वह केवल दस रन बनाकर ही आउट हो गए। देखते ही देखते भारतीय टीम का स्कोर मात्र छियासी रन तक पहुंचा था और टीम के पांच महत्वपूर्ण बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम का स्कोर सौ रनों के अंदर ही सिमट जाएगा, लेकिन तभी युवा बल्लेबाज अर्जुन राजपूत ने मैदान पर कदम रखा और पाकिस्तानी गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए भारतीय पारी को संभालने का बीड़ा उठाया।
अर्जुन राजपूत का शानदार जुझारू शतक
शुरुआती विकेटों के पतन के बाद बाएं हाथ के बल्लेबाज अर्जुन राजपूत ने अकेले ही मोर्चा संभाल लिया और पाकिस्तानी गेंदबाजों के खिलाफ जमकर हल्ला बोल दिया। अर्जुन ने एक बेहद बेहतरीन और जिम्मेदार पारी खेली, जिसके दम पर उन्होंने एक शानदार शतक अपने नाम किया। अर्जुन राजपूत की इस जुझारू शतकीय पारी ने एक समय भारतीय टीम को चुनौतीपूर्ण और बड़े स्कोर तक पहुंचने की एक मजबूत उम्मीद जगा दी थी, लेकिन उनके आउट होने के बाद वह उम्मीद भी पूरी तरह से टूट गई। अर्जुन राजपूत ने इस मुकाबले में केवल पचासी गेंदों का सामना करते हुए एक सौ सात रनों की बेहतरीन शतकीय पारी खेली। उनकी इस यादगार पारी में ग्यारह शानदार चौके और पांच गगनचुंबी छक्के शामिल थे, जिससे भारतीय पारी सम्मानजनक स्थिति में पहुंच सकी। अंततः खराब बल्लेबाजी के चलते पूरी भारतीय टीम छियालीस ओवरों की समाप्ति के बाद केवल दो सौ आठ रनों के कुल स्कोर पर ही सिमट गई।
पाकिस्तान की खराब शुरुआत और जहूर की वापसी
लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम की कहानी भी भारतीय पारी से कुछ ज्यादा अलग नहीं रही और शुरुआती ओवरों में भारतीय गेंदबाजों ने कहर बरपाते हुए पाकिस्तान के भी शुरुआती पांच विकेट मात्र इकसठ रनों के कुल स्कोर पर ही गिरा दिए थे। पाकिस्तान की इस शुरुआती खस्ता हालत में भारतीय स्पिनर मनल चौहान की बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने अपनी बेहतरीन गेंदबाजी का मुजाहिरा करते हुए अपने केवल दो ओवरों के स्पेल में ही दो महत्वपूर्ण विकेट झटक लिए और पाकिस्तान को बैकफुट पर धकेल दिया। ऐसा लगा कि भारतीय टीम इस मुकाबले को आसानी से अपने कब्जे में कर लेगी, लेकिन तभी विकेटकीपर-बल्लेबाज हमजा जहूर ने क्रीज पर कदम रखा और पूरी बाजी ही पलट दी।
हमजा जहूर ने मोर्चा संभालते हुए भारतीय गेंदबाजों के लिए एक बहुत बड़ा सिरदर्द पैदा कर दिया। जहूर ने मैदान पर टिककर खेलते हुए हसनैन अब्बास के साथ मिलकर एक शतकीय साझेदारी की और पाकिस्तान की इस मैच में धमाकेदार वापसी कराई। दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर एक सौ सात रनों की बेशकीमती साझेदारी की और स्कोर को आगे बढ़ाया। हालांकि, इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने एक बार फिर वापसी की और जल्दी से दो विकेट चटकाकर पाकिस्तान को दोबारा गहरी मुश्किल में डाल दिया। जीत के लिए पाकिस्तान को केवल छब्बीस रनों की जरूरत थी और उनके पास केवल तीन विकेट ही शेष बचे थे, जबकि मैच पूरी तरह से रोमांचक मोड़ पर था।
आखिरी गेंद और जहूर का विजयी शतक
मुकाबले के इस बेहद रोमांचक और तनावपूर्ण क्षण में हमजा जहूर क्रीज पर पूरी तरह से डटे हुए थे और उन्होंने संयम का परिचय देते हुए धीरे-धीरे पाकिस्तानी टीम को लक्ष्य के बेहद करीब पहुंचा दिया। इसके साथ ही जहूर खुद भी अपने व्यक्तिगत शतक के बिल्कुल करीब पहुंच चुके थे। मैच के उनतालीसवें ओवर की पहली गेंद पर हमजा जहूर ने एक शानदार चौका जड़कर अपना व्यक्तिगत शतक पूरा किया और इसी चौके के साथ पाकिस्तान की इस रोमांचक जीत पर भी मुहर लगा दी। इस प्रकार पाकिस्तान ने यह मुकाबला तीन विकेट से अपने नाम कर लिया और भारतीय टीम को इस मैच में अंततः निराशा हाथ लगी।
