75% के दायरे में बरकरार रखा है। यह लगातार तीसरी बैठक है जब दरों को स्थिर रखा गया है। वैश्विक ऊर्जा कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच फेड ने सतर्क रुख अपनाया है। जेरोम पॉवेल (Jerome Powell) की अध्यक्षता में 28-29 अप्रैल को हुई यह बैठक कई अहम संकेत देकर गई है। बाजार को पहले से ही इस निर्णय का अंदेशा था, लेकिन बैठक से जुड़े कई संकेत आने वाले महीनों की मौद्रिक नीति की दिशा तय कर सकते हैं।
बैठक के मुख्य बिंदु
ब्याज दरें स्थिर और आंतरिक विरोध
75% पर बनाए रखने का निर्णय लिया। इस बैठक की खास बात यह रही कि चार सदस्यों ने इस फैसले का विरोध किया, जो 1992 के बाद से सबसे बड़ा मतभेद दर्शा रहा है। इससे यह स्पष्ट होता है कि फेड के भीतर भी नीति को लेकर मतभिन्नता बढ़ रही है और फेड ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि उसका प्राथमिक लक्ष्य 2% मुद्रास्फीति और अधिकतम रोजगार प्राप्त करना है, लेकिन मौजूदा वैश्विक हालात इस संतुलन को बनाए रखने में कठिनाई पैदा कर रहे हैं।
महंगाई का खतरा और वैश्विक तनाव
फेड ने साफ संकेत दिया है कि मुद्रास्फीति अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है। वैश्विक ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी, विशेष रूप से पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण, महंगाई के स्तर को ऊपर रख सकती है। जेरोम पॉवेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि ऊर्जा कीमतों का भविष्य में क्या असर होगा, यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि फिलहाल 'इंतजार करो और देखो' की नीति अपनानी होगी। अमेरिका में महंगाई पहले से ही फेड के 2% के निर्धारित लक्ष्य से ऊपर है, और नई भू-राजनीतिक परिस्थितियां इसे और अधिक जटिल बना रही हैं।
अर्थव्यवस्था की मजबूती और भविष्य की रणनीति
फेड के आकलन के अनुसार, अमेरिकी अर्थव्यवस्था अभी भी मजबूत स्थिति में बनी हुई है। आर्थिक गतिविधियां स्थिर गति से आगे बढ़ रही हैं और उपभोक्ता खर्च का स्तर भी कायम है। हालांकि रोजगार वृद्धि की रफ्तार में थोड़ी कमी देखी गई है, लेकिन बेरोजगारी दर में कोई बड़ा बदलाव दर्ज नहीं किया गया है। पॉवेल ने उल्लेख किया कि निजी घरेलू मांग (PDFP) मजबूत बनी हुई है, जो अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति को बेहतर तरीके से प्रदर्शित करती है और फेड ने स्पष्ट किया कि भविष्य में कोई भी निर्णय पूरी तरह से आने वाले आर्थिक आंकड़ों, श्रम बाजार की स्थिति, महंगाई के दबाव और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर निर्भर करेगा।
यह बैठक जेरोम पॉवेल की बतौर चेयरमैन आखिरी बैठक थी, क्योंकि उनका कार्यकाल 15 मई को समाप्त हो रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने केविन वॉर्श को अगला फेड प्रमुख नामित किया है। हालांकि, पॉवेल ने संकेत दिया है कि वे फेड बोर्ड में गवर्नर के रूप में बने रहना चाहते हैं और अपने निर्धारित कार्यकाल तक अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।
