अमेरिका का ईरान के 4 प्रांतों पर हमला: ट्रम्प बोले- वह बुरी तरह पिट रहा, सऊदी टैंकरों पर हूती अटैक

अमेरिका ने ईरान के चार प्रांतों पर लगातार 12वीं रात हवाई हमले किए हैं, जिसमें सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस बीच, हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हमला किया और अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने 95 अरब डॉलर का रक्षा बजट पारित किया है।

अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को और तेज कर दिया है, जिसके तहत लगातार 12वीं रात हवाई हमले किए गए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की रिपोर्ट के अनुसार, इस बार ईरान के चार प्रमुख प्रांतों खुजेस्तान, बुशेहर, होर्मोजगान और इलाम में कई स्थानों पर मिसाइल और हवाई हमले किए गए। ईरानी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इन हमलों में कई सैन्य ठिकानों और रणनीतिक क्षेत्रों को निशाना बनाया गया है। हमलों का यह सिलसिला क्षेत्र में बढ़ते तनाव और ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने की अमेरिकी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

CENTCOM ने रणनीतिक ठिकानों और समुद्री नाकाबंदी की जानकारी दी

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि उसकी सेना ने ईरान पर लगातार 12वीं रात की एयरस्ट्राइक पूरी कर ली है। इन सैन्य ऑपरेशनों का मुख्य उद्देश्य ईरान की आक्रामक क्षमताओं को नष्ट करना था। हमलों के दौरान ईरान के मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज, समुद्री सैन्य क्षमताओं, तटीय निगरानी केंद्रों और एयर डिफेंस सिस्टम को विशेष रूप से निशाना बनाया गया। CENTCOM के मुताबिक, इस महीने अब तक ईरान के दर्जनों सैन्य ठिकानों पर प्रभावी कार्रवाई की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, अमेरिका ने दावा किया है कि उसने ईरान के खिलाफ समुद्री नाकाबंदी लागू कर दी है। इस नाकाबंदी के तहत 9 व्यावसायिक जहाजों का रास्ता बदला गया और एक जहाज को ईरानी बंदरगाह में आने-जाने से पूरी तरह रोक दिया गया, जिससे ईरान पर आर्थिक और सैन्य दबाव और बढ़ गया है।

ट्रम्प का बयान: ईरान समझौते के लिए दबाव में

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चल रही सैन्य कार्रवाई पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि लगातार हो रहे हमलों के कारण ईरान पर भारी दबाव है। ट्रम्प के अनुसार, ईरान अब बुरी तरह पिट रहा है और वह समझौता करना चाहता है। हालांकि, ट्रम्प ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान अभी किसी ठोस समझौते के लिए पूरी तरह तैयार नहीं दिख रहा है और ट्रम्प ने कहा, "वे बुरी तरह पिट रहे हैं और समझौता करना चाहते हैं। " यह बयान दर्शाता है कि सैन्य दबाव के बावजूद कूटनीतिक राह अभी भी जटिल बनी हुई है।

हूती विद्रोहियों का सऊदी तेल टैंकरों पर हमला

क्षेत्रीय तनाव के बीच, यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को निशाना बनाया है। विद्रोहियों ने मिसाइलों और ड्रोन का उपयोग करके सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों, एन्सेलिया और लैला को निशाना बनाया। सऊदी अरब ने अपने दोनों जहाजों पर हुए इन हमलों की आधिकारिक पुष्टि की है। ब्रिटेन की संस्था UKMTO ने भी सऊदी तट के पास एक जहाज पर हमले की जानकारी साझा की है। हूती विद्रोहियों के इस कदम से बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट में भारी तनाव पैदा हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन हमलों से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में उछाल आने की आशंका बढ़ गई है।

95 अरब डॉलर का रक्षा बजट प्रतिनिधि सभा में पास

ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को एक बड़ी राजनीतिक सफलता मिली है और अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने 95 अरब डॉलर का रक्षा बजट प्रस्ताव 216-214 वोटों के मामूली अंतर से मंजूर कर लिया है। अब इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए सीनेट में भेजा जाएगा। इस बजट से ईरान युद्ध और अन्य राष्ट्रीय सुरक्षा जरूरतों के लिए अतिरिक्त फंड उपलब्ध होगा। बजट के आवंटन की बात करें तो इसमें 60 अरब डॉलर पेंटागन के लिए, 13 अरब डॉलर अन्य राष्ट्रीय सुरक्षा जरूरतों के लिए, 12 अरब डॉलर किसानों की सहायता के लिए और 10 अरब डॉलर मतदान कानूनों में बदलाव से जुड़े SAVE America Act के लिए रखे गए हैं। जहां रिपब्लिकन इसे सेना की तैयारी के लिए जरूरी बता रहे हैं, वहीं डेमोक्रेट सांसदों ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि यह पैसा घरेलू जरूरतों पर खर्च होना चाहिए।

शलमचेह बॉर्डर पर अमेरिकी हमला, 2 लोगों की मौत

युद्ध की आग अब ईरान और इराक की सीमा तक पहुंच गई है। अमेरिका ने ईरान-इराक सीमा पर स्थित शलमचेह बॉर्डर क्रॉसिंग पर हवाई हमला किया है। इराकी मीडिया के अनुसार, इस हमले में शलमचेह बॉर्डर क्रॉसिंग पर मौजूद ईरानी पुलिस के एक विश्राम स्थल को निशाना बनाया गया। ईरान के खुजेस्तान प्रांत के डिप्टी गवर्नर ने जानकारी दी है कि इस अमेरिकी हमले में अब तक 2 लोगों की मौत हो चुकी है। अधिकारी फिलहाल मृतकों की पहचान करने और हमले से हुए कुल नुकसान का आकलन करने में जुटे हैं। शलमचेह बॉर्डर दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण मार्ग है, और यहां हमला होना संघर्ष के विस्तार का संकेत है।

IRGC का होर्मुज स्ट्रेट में विस्फोट का दावा

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने होर्मुज स्ट्रेट में एक बड़ी घटना का दावा किया है। IRGC के अनुसार, ओमान तट के पास दक्षिणी रास्ते से गुजर रहे एक ऑयल टैंकर में विस्फोट के बाद आग लग गई और इस धमाके के बाद उसी मार्ग पर मौजूद दो अन्य जहाज वापस लौट गए। IRGC का आरोप है कि ये तीनों जहाज अमेरिका के निर्देश पर उस रास्ते से गुजर रहे थे जहां समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछी हुई हैं। गार्ड्स ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि होर्मुज स्ट्रेट उनके पूर्ण नियंत्रण में है और उन्होंने कहा कि जब तक अमेरिका अपनी सैन्य और अन्य गतिविधियां नहीं रोकता, तब तक यहां से किसी भी ऑयल टैंकर को गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। IRGC ने यह भी कहा कि जो भी जहाज ईरान के साथ समन्वय किए बिना इस रास्ते का उपयोग करेगा, उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।