जयपुर में बोलीं वसुंधरा राजे: राजस्थानियों का प्यार ही मेरे लिए सबसे बड़ा पद

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जयपुर में आयोजित 'सशक्त युवा-सशक्त राष्ट्र' सम्मेलन में युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जनता का स्नेह किसी भी राजनीतिक पद से बड़ा है। राजे ने युवाओं से तकनीक अपनाने, नशे से दूर रहने और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता वसुंधरा राजे ने जयपुर में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की जनता के प्रति अपना आभार व्यक्त किया और शनिवार, मार्च 07, 2026 को युवा शक्ति परिषद राजस्थान द्वारा आयोजित ‘सशक्त युवा-सशक्त राष्ट्र’ सम्मेलन को संबोधित करते हुए राजे ने स्पष्ट किया कि उनके लिए राजनीतिक पदों से अधिक महत्व जनता का स्नेह और विश्वास रखता है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि कार्य की गुणवत्ता श्रेष्ठ हो, तो पद और प्रतिष्ठा स्वतः ही व्यक्ति के पास आती है। इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में युवाओं और विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्धजनों ने भाग लिया।

राजनीतिक पदों और जनसेवा पर विचार

सम्मेलन को संबोधित करते हुए वसुंधरा राजे ने कहा कि राजनीति में अक्सर लोग पदों की आकांक्षा रखते हैं, लेकिन उनके लिए राजस्थान के लोगों का प्यार ही सबसे बड़ा पद है और उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि सार्वजनिक जीवन में काम की महत्ता सर्वोपरि होनी चाहिए। राजे के अनुसार, जब कोई व्यक्ति निष्ठा और समर्पण के साथ अच्छा काम करता है, तो पद उसके पास खुद चलकर आता है। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे केवल पद प्राप्ति के पीछे भागने के बजाय समाज और प्रदेश के विकास के लिए ठोस कार्य करने पर ध्यान केंद्रित करें।

वैश्विक प्रतिस्पर्धा और मानव पूंजी का महत्व

पूर्व मुख्यमंत्री ने वैश्विक स्तर पर भारतीय प्रतिभाओं की सफलता का उदाहरण देते हुए राजस्थान के युवाओं को प्रोत्साहित किया। उन्होंने गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यदि भारतीय मूल के युवा वैश्विक कंपनियों का नेतृत्व कर सकते हैं, तो राजस्थान के युवाओं में भी वह क्षमता मौजूद है और राजे ने सवाल उठाया कि जब राजस्थान के युवा विदेशों में जाकर अपनी पहचान बना सकते हैं, तो वे प्रदेश में रहकर बड़ी उपलब्धियां क्यों नहीं हासिल कर सकते। उन्होंने युवाओं को 'मानव पूंजी' का श्रेष्ठ उदाहरण बनने और अपनी क्षमताओं का पूर्ण उपयोग करने का आह्वान किया।

तकनीकी प्रगति और भविष्य का नेतृत्व

तकनीक के महत्व पर चर्चा करते हुए वसुंधरा राजे ने कहा कि भविष्य का नेतृत्व वही देश और समाज करेगा जो आधुनिक तकनीकों में अग्रणी होगा। उन्होंने विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी उभरती हुई तकनीकों का जिक्र किया और राजे के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व गुरु बनने की दिशा में अग्रसर है और इसमें युवाओं की तकनीकी दक्षता महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने युवाओं से इन तकनीकों का सकारात्मक उपयोग करने और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने की अपील की ताकि भारत वैश्विक स्तर पर अपनी धाक जमा सके।

सामाजिक बुराइयों और नशे के विरुद्ध आह्वान

प्रदेश में बढ़ते नशे के प्रचलन पर चिंता व्यक्त करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने युवाओं को इससे दूर रहने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि नशा न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि यह पूरे समाज और राष्ट्र के भविष्य को कमजोर बनाता है। राजे ने युवाओं से आग्रह किया कि वे नशे जैसी सामाजिक बुराइयों को रोकने में सरकार और प्रशासन का सक्रिय सहयोग करें। उन्होंने सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण केवल तभी संभव है जब उसकी युवा पीढ़ी स्वस्थ और जागरूक हो।

स्टार्टअप इकोसिस्टम और स्वामी विवेकानंद के आदर्श

वसुंधरा राजे ने स्वामी विवेकानंद के विचारों को उद्धृत करते हुए कहा कि भारत के युवाओं के भीतर अपार शक्ति समाहित है। उन्होंने वर्तमान में देश में विकसित हो रहे इनोवेशन, इन्क्यूबेशन और स्टार्टअप संस्कृति की सराहना की और राजे ने जानकारी दी कि स्टार्टअप इकोसिस्टम के मामले में भारत आज दुनिया के शीर्ष तीन देशों में शामिल है, जो सीधे तौर पर युवाओं की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने स्वीडन, जापान और जर्मनी जैसे देशों का उदाहरण देते हुए बताया कि इन राष्ट्रों ने युवाओं में निवेश करके ही प्रगति हासिल की है। कार्यक्रम में महंत कैलाश और राजस्थान विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अंकित धायल सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।