मारवाड़ में कांग्रेस की बड़ी घेराबंदी: डोटासरा-जूली सक्रिय, गहलोत की दिल्ली से नजर

राजस्थान के मारवाड़ अंचल में कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक सक्रियता तेज कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के दौरों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दिल्ली में राहुल गांधी के साथ बैठक कर रहे हैं। मारवाड़ की 21 प्रतिशत सीटों पर पकड़ मजबूत करना पार्टी का मुख्य लक्ष्य है।

राजस्थान के मारवाड़ अंचल की राजनीति में इन दिनों भारी हलचल देखी जा रही है। हालांकि रिफाइनरी का उद्घाटन फिलहाल स्थगित कर दिया गया है, लेकिन इस क्षेत्र में कांग्रेस नेताओं की गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं। कांग्रेस के चार प्रमुख चेहरों में से तीन के दौरे मारवाड़ के अलग-अलग जिलों में तय होने से पूरे प्रदेश का ध्यान इस अंचल की ओर गया है। एक ओर जहां कांग्रेस के अन्य बड़े नेता मारवाड़ पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, वहीं मारवाड़ मूल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की नजरें दिल्ली दरबार पर टिकी हुई हैं।

मारवाड़ का राजनीतिक रुतबा और सीटों का गणित

राजस्थान की राजनीति में मारवाड़ क्षेत्र का एक बड़ा रुतबा माना जाता है। प्रदेश की कुल 200 विधानसभा सीटों में से लगभग 21 प्रतिशत सीटें इसी अंचल से आती हैं। राजस्थान विधानसभा के इस पांचवें हिस्से पर कोई भी बड़ी राजनीतिक पार्टी मजबूती से ध्यान देना चाहती है। यही कारण है कि विधानसभा में अपनी स्थिति मजबूत करने की मंशा रखने वाली पार्टियां इस अंचल पर पूरा फोकस करती हैं, चाहे वह कांग्रेस हो, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हो या फिर आरएलपी जैसी नवोदित पार्टी। हाल के दिनों में मारवाड़ की चर्चा कांग्रेस और भाजपा दोनों की गतिविधियों को लेकर काफी तेज रही है।

रिफाइनरी उद्घाटन और भाजपा की सक्रियता

शुरुआत में राजस्थान की रिफाइनरी के उद्घाटन का कार्यक्रम तय हुआ था, जिसके चलते मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ सरकार के अन्य मंत्री और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ समेत कई बड़े चेहरे यहां सक्रिय दिखाई दिए थे और हालांकि, रिफाइनरी के एक हिस्से में आग लगने की घटना के कारण उद्घाटन कार्यक्रम को टालना पड़ा। इसके तुरंत बाद कांग्रेस नेताओं की सक्रियता मारवाड़ में बढ़ती हुई देखी गई। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने दो दिवसीय कार्यक्रम के तहत पाली और सिरोही जिलों का दौरा किया। वहां उन्होंने संगठन के कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ-साथ जनसुनवाई भी की और मारवाड़ की धरती से सरकार पर जमकर निशाना साधा।

डोटासरा का बाड़मेर-जैसलमेर दौरा और स्थानीय मुद्दे

जब नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सिरोही से उदयपुर के लिए रवाना हुए, तो उसी दौरान राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा बाड़मेर पहुंच गए। बाड़मेर में डोटासरा ने संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान कार्यकर्ताओं ने उनसे संगठन के भीतर चल रही आपसी खींचतान को दूर करने की गुहार भी लगाई। इसके बाद डोटासरा जैसलमेर में आयोजित संगठन के कार्यक्रम में शामिल हुए। अपने इस दौरे के दौरान डोटासरा ने रिफाइनरी के मुद्दे और आगामी निकाय चुनाव समेत अन्य विषयों पर प्रदेश सरकार को घेरने का काम किया।

पायलट का दौरा और गहलोत की दिल्ली में भूमिका

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट का भी मारवाड़ अंचल के सांचौर जिले में कार्यक्रम तय किया गया था, लेकिन उनके विमान में आई तकनीकी खामी के चलते वे वहां नहीं पहुंच सके। इस बीच, मारवाड़ में कांग्रेस नेताओं के दौरों के साथ-साथ दिल्ली से आई एक तस्वीर की भी काफी चर्चा रही, जिसमें अशोक गहलोत और सचिन पायलट हाथ मिलाते हुए नजर आ रहे थे। अशोक गहलोत इन दिनों दिल्ली दरबार को साधने में जुटे हैं और वे राहुल गांधी की मौजूदगी में हुई कांग्रेस ओबीसी एडवाइजरी कमेटी की बैठक में शामिल हुए, जहां उनकी मुलाकात राहुल गांधी से हुई और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के साथ उनकी तस्वीर भी सामने आई।

मारवाड़ के लोगों के बीच यह धारणा है कि भले ही अशोक गहलोत शारीरिक रूप से मारवाड़ में मौजूद न हों, लेकिन वे अंचल की हर गतिविधि पर अपनी नजर रखते हैं और इस भावना पर मुहर लगाते हुए गहलोत ने खुद कांग्रेस नेताओं के मारवाड़ और मेवाड़ दौरों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है। गहलोत ने यह स्वीकार किया कि मारवाड़ में कांग्रेस कमजोर हुई है, इसलिए मारवाड़, मेवाड़, पूर्व और पश्चिम समेत प्रदेश के सभी हिस्सों में पार्टी को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।