विराट कोहली: 7661 दिनों में गुमनामी से 3542 करोड़ की ब्रांड वैल्यू तक का सफर

बांग्लादेश की ऑस्ट्रेलिया पर दो ऐतिहासिक जीत के बीच बीते 7661 दिनों में विराट कोहली एक अनजान खिलाड़ी से 3542 करोड़ रुपये की ब्रांड वैल्यू वाले वैश्विक आइकन बन गए।

क्रिकेट की दुनिया में इतिहास बनते और बिगड़ते रहते हैं। आज से ठीक 7661 दिन पहले भी एक ऐसा ही इतिहास रचा गया था, लेकिन उस समय विराट कोहली का नाम क्रिकेट जगत में कहीं नहीं था। जब 9 जून 2026 को वही कहानी दोबारा दोहराई गई, तो विराट कोहली देश के सबसे बड़े ब्रांड वैल्यू वाले सेलिब्रिटी बन चुके थे। यह बदलाव केवल एक खिलाड़ी का नहीं, बल्कि पूरे क्रिकेट युग के परिवर्तन की कहानी है।

7661 दिन का लंबा सफर और दो ऐतिहासिक जीत

बांग्लादेश ने जब वनडे क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया को पहली बार हराकर इतिहास रचा था, तब विराट कोहली को कोई पहचानता भी नहीं था और यह जीत ऑस्ट्रेलिया पर उनकी दूसरी जीत से 7661 दिन पुरानी है। 18 जून 2005 को कार्डिफ के मैदान पर बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से हराकर सबको चौंका दिया था। उस समय विराट कोहली विश्व क्रिकेट में छाना तो दूर, अभी आए भी नहीं थे और यही कारण है कि उनकी पहचान उस समय बिल्कुल शून्य थी। लेकिन 9 जून 2026 को जब बांग्लादेश ने मीरपुर के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया को दूसरी बार मात दी, तो पूरी कहानी बदल चुकी थी। इस बार विराट कोहली किसी पहचान के मोहताज नहीं थे और उनकी 3542 करोड़ रुपये की ब्रांड वैल्यू उनकी सफलता की गवाही दे रही थी।

डेब्यू के बाद का शानदार सफर

विराट कोहली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना कदम बांग्लादेश की ऑस्ट्रेलिया पर पहली जीत के 3 साल बाद रखा था। उन्होंने 18 अगस्त 2008 को दांबुला में श्रीलंका के खिलाफ अपना पहला वनडे मैच खेला था। लेकिन जब 2026 में बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को दूसरी बार हराया, तब तक विराट कोहली के नाम के आगे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 28215 रन जुड़ चुके थे। यह आंकड़े उनकी मेहनत और खेल के प्रति उनके अटूट समर्पण को दर्शाते हैं।

ब्रांड वैल्यू में दिग्गजों को पछाड़ा

7661 दिन पहले भले ही विराट का कोई नाम न रहा हो, लेकिन 9 जून 2026 तक वह भारत के सबसे महंगे ब्रांड बन चुके थे। 3542 करोड़ रुपये की उनकी ब्रांड वैल्यू ने शाहरुख खान, प्रियंका चोपड़ा, एमएस धोनी, अमिताभ बच्चन और सचिन तेंदुलकर जैसी महान हस्तियों को भी पीछे छोड़ दिया था। यह उनकी लोकप्रियता का ही असर है कि वह आज विज्ञापन और ब्रांडिंग की दुनिया के बेताज बादशाह बन चुके हैं।

बदल गया क्रिकेट का पूरा स्वरूप

18 जून 2005 से 9 जून 2026 के बीच केवल विराट कोहली की पहचान ही नहीं बदली, बल्कि पूरे क्रिकेट का ढांचा बदल गया। 2005 में जो रूट, स्टीव स्मिथ और केन विलियमसन जैसे खिलाड़ियों का भी कोई नाम नहीं था। उस समय तक एमएस धोनी ने अपना टेस्ट डेब्यू भी नहीं किया था। भारत ने तब तक एक भी टी20 मैच नहीं खेला था और इंग्लैंड के पास कोई भी आईसीसी खिताब नहीं था। लेकिन 2026 की जीत तक कहानी पूरी तरह अलग थी। जो रूट, स्टीव स्मिथ और केन विलियमसन विश्व क्रिकेट के बड़े सितारे बन चुके थे। धोनी 90 टेस्ट मैच खेलकर संन्यास ले चुके थे। भारत अब तक 277 टी20 मैच खेल चुका है और इंग्लैंड की झोली में आईसीसी के खिताब भी आ चुके हैं। यह 7661 दिन क्रिकेट के इतिहास में एक बड़े बदलाव के गवाह रहे हैं।